Raid on fake medicine syndicate: STF ने 3.50 करोड़ रुपये की नकली दवाएं बरामद कीं, सिंडीकेट मालिक रंगे हाथों रिश्वत देते गिरफ्तार

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 25 अगस्त 2025, 05:30 AM Updated: 25 अगस्त 2025, 05:30 AM
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Fake medicines exposed: तमिलनाडु में एसटीएफ और औषिधि विभाग को नकली दवा बनाने औऱ उसे गैर कानूनी तौर पर नकली क्यूआर कोड लगाकर बेचने के मामले में बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ ने इस मामले में 3 दिनों में करीब 3.50 करोड़ की नकली दवा को जब्त किया है। दवाओ की तस्करी करने के मामले में कूरियर कंपनी एमएस कार्गो कूरियर कंपनी के एक ट्रक जिस पर 87 लाख रुपये के नकली दवा की तस्करी की जा रही थी, उसे जब्त किया है। एसटीएफ के मुताबिक पिछले 3 दिनों से बंसल मेडिकल एजेंसी और हे मां मेडिकल स्टोर के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। जिसमें करीब ढाई करोड़ की नकली दवा बरामद की गई है।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक नकली दवाओं को बना कर उन पर ब्रांडेड कंपनी के लेबल और क्यू आर कोड चिपकाये जाते है, और उन्हें बाजार में उतार दिया जाता है। जिसकी खबर एसटीएफ और औषिधि विभाग को लगी। जिसके बाद एसटीएफ और औषिधि विभाग लगातार पिछले काफी समय से नकली दवा की तस्करी करने वाले इस सिंडीकेट पर नजरें बनाये हुई थी। एसटीएफ को ये भी खबर मिली थी कि काग्रो कंपनी से नकली दवाई आने वाली है। जिसके बाद एसटीएफ और औषिधि विभाग ने छापेमारी शुरु कर दी और जैसा की उम्मीद थी, लगातार छापेमारी में उन्हें बड़ी सफलता हाथ लगी।

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मालिक ने रिश्वत देते की कोशिश की

एसटीएफ और औषिधि विभाग की छापेमारी से घबराये हे मां मेडिकल स्टोर के मालिक हिमांशु अग्रवाल ने एसटीएफ की टीम को 1 करोड़ रूपय की रिश्वत देने की कोशिश भी की थी। ताकि मामले को किसी तरह से दबा दिया जाये लेकिन उल्टे एसटीएफ ने रंगे हाथों रिश्वत देने के आरोप में हिंमांशु अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया। जो कि फिलहाल एसटीएफ के हिरासत में है और उनसे लगातार पूछताछ जारी है।

शिपिंग कंपनी के मालिक का भी हाथ

एसटीएफ के मुताबिक नकली दवाओं का ये सिंडीकेट तमिलनाडु से लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से जुड़ा है। वहीं एसटीएफ निरीक्षक यतेंद्र शर्मा ने बताया कि सभी नकली दवायें केंट स्टेशन पर उतारी जाती है और जिसके बाद एमएस कार्गो कूरियर कंपनी उन अलग अलग जगहों पर नकली दवाई की सप्लाई करती है। इसमें कूरियर कंपनी के मालिक युनिस उस्मानी का भी नाम सामने आया है, जो वैसे तो केंट स्टेशन से चमड़े उठाने का बिजनस करती है लेकिन चमड़े के बिजनस की आड़ में नकली दवाओ की सप्लाई का काम भी करती है। एसटीएफ फिलहाल कूरियर कंपनी के मालिक की भी तलाश कर रही है।

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कई बड़े माफियाओं का होगा खुलासा

एसटीएफ के बताया कि हिमांशु अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद कई और नकली दवाओं के बड़े व्यापारी के नामों का भी खुलासा होने की उम्मीद है। उनके मुताबिक इस सींडिकेट में कई बड़े और नामी माफिया भी शामिल है। फिलहाल लखनऊ से इसके कनेक्शन की जांच चल रही है। हो सकता है कि एसटीएम लखनऊ में भी छापेमारी की तैयारी कर रही हो। अभी तक ये नही कहा जा सकता है कि ये सिंडीकेट कितना बड़ा है और किस स्तर पर काम कर रहा है। लेकिन दवाओं की मात्रा और उसकी वैल्यू देखकर अंदाजा लगाता जा सकता है कि सिंडीकेट काफी बड़ा और ताकतनर हो सकता है।      

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