Chaitra Navratri 2026: क्यों खास है चैत्र नवरात्री की महाष्टमी, जानिए इसका महत्व और शुभ रंग

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👤 Shikha Mishra | Nedrick News 📍 New Delhi 🕒 Published: 16 मार्च 2026, 05:38 AM 🔄 Updated: 16 मार्च 2026, 05:38 AM

Chaitra Navratri 2026: हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है। इन नौ दिनों में माता दुर्गा के अलग-अलग नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान माता दुर्गा धरती पर आती हैं और अपने भक्तों के दुख दूर कर उन्हें सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। चैत्र नवरात्रि को इसलिए भी खास माना जाता है क्योंकि इसी से हिंदू नववर्ष की शुरुआत मानी जाती है। साल 2026 में चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक चलेंगी। इस दौरान भक्त पूजा-पाठ करते हैं।

कब है चैत्र नवरात्रि की महाष्टमी?

नवरात्रि के आठवें दिन को महाष्टमी कहा जाता है और यह तिथि बहुत शुभ मानी जाती है। अष्टमी तिथि की शुरुआत 25 मार्च 2026 को दोपहर 1 बजकर 50 मिनट से होगी। यह तिथि 26 मार्च 2026 को सुबह 11 बजकर 48 मिनट तक रहेगी। इसी दिन कई लोग कन्या पूजन भी करते हैं।

क्यों खास होती है अष्टमी?

नवरात्रि के आठवें दिन माता के महागौरी स्वरूप की पूजा की जाती है, जिन्हें करुणा और ममता की प्रतिमूर्ति माना जाता है। मान्यता है कि इनकी उपासना से भक्तों के कठिन से कठिन कार्य सिद्ध हो जाते हैं और जीवन से भय व परेशानियां दूर होती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अष्टमी तिथि को ही देवी ने चंड-मुंड जैसे असुरों का दमन करने के लिए विशेष शक्ति धारण की थी, जिसे ‘संधि काल’ की पूजा के रूप में मनाया जाता है। यही कारण है कि इस दिन का आध्यात्मिक महत्व अन्य दिनों से कहीं अधिक माना जाता है।

अष्टमी का धार्मिक महत्व

धार्मिक ग्रंथों जैसे देवी भागवत पुराण और मार्कंडेय पुराण में अष्टमी और नवमी तिथि को परम फलदायी बताया गया है। माना जाता है कि जो भक्त इस दिन पूरी श्रद्धा के साथ मां दुर्गा की उपासना करते हैं, उनके जीवन की समस्त बाधाएं दूर होती हैं और मानसिक शांति के साथ मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं। इसी पावन अवसर पर कन्या पूजन का विशेष विधान है। लोग छोटी कन्याओं को देवी का साक्षात स्वरूप मानकर उन्हें भोजन कराते हैं, उनका पूजन करते हैं और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मान्यता है कि इससे मां दुर्गा अत्यंत प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।

इन रंगों के वस्त्र पहनकर करें पूजा

चैत्र नवरात्रि के अनुसार नौ देवियों के नाम और उनके शुभ रंग दिए गए हैं, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माना जाता है कि इन विशिष्ट रंगों के वस्त्र पहनकर पूजा करने से मानसिक शांति मिलती है और वातावरण में सकारात्मकता बढ़ती है।

दिनदेवी का नामशुभ रंग (Color)तिथि (2026)
पहला दिनमां शैलपुत्रीपीला (Yellow)19 मार्च
दूसरा दिनमां ब्रह्मचारिणीहरा (Green)20 मार्च
तीसरा दिनमां चंद्रघंटाधूसर/ग्रे (Grey)21 मार्च
चौथा दिनमां कुष्मांडानारंगी (Orange)22 मार्च
पांचवां दिनमां स्कंदमातासफेद (White)23 मार्च
छठा दिनमां कात्यायनीलाल (Red)24 मार्च
सातवां दिनमां कालरात्रिनीला (Royal Blue)25 मार्च
आठवां दिन (अष्टमी)मां महागौरीगुलाबी (Pink)26 मार्च
नौवां दिन (नवमी)मां सिद्धिदात्रीबैंगनी (Purple)27 मार्च

रंगो का महत्व

  • पीला और नारंगी: उत्साह और ऊर्जा का प्रतीक।
  • सफेद और हरा: शांति, पवित्रता और प्रकृति से जुड़ाव।
  • लाल और नीला: शक्ति, निडरता और दिव्यता का प्रतीक।
  • गुलाबी: करुणा और प्रेम (जो महागौरी का स्वभाव है)।

Shikha Mishra

shikha@nedricknews.com

शिखा मिश्रा, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत फोटोग्राफी से की थी, अभी नेड्रिक न्यूज़ में कंटेंट राइटर और रिसर्चर हैं, जहाँ वह ब्रेकिंग न्यूज़ और वेब स्टोरीज़ कवर करती हैं। राजनीति, क्राइम और एंटरटेनमेंट की अच्छी समझ रखने वाली शिखा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और पब्लिक रिलेशन्स की पढ़ाई की है, लेकिन डिजिटल मीडिया के प्रति अपने जुनून के कारण वह पिछले तीन सालों से पत्रकारिता में एक्टिव रूप से जुड़ी हुई हैं।

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