गुलाम नबी आजाद को मिला आरपीआई का ऑफर, अठावले ने कहा- कांग्रेस नहीं तो हम लाएंगे वापस

👤 vickynedrick@gmail.com | Nedrick News 🕒 Published: 09 फ़रवरी 2021, 12:00 AM 🔄 Updated: 09 फ़रवरी 2021, 12:00 AM
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देश में बजट सत्र के बाद इन दिनों संसद की कार्यवाही चल रही है। हर रोज लोकसभा और राज्यसभा में सत्तारुढ़ एनडीए और विपक्षी दलों के बीच तीखी बहस हो रही है, तरह-तरह के आरोप और प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं। संसद के इस सत्र में कई राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल खत्म होने वाला है।

जिसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत सत्तारुढ़ एनडीए के कई नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद का कार्यकाल भी 15 फरवरी को खत्म होने वाला है। आज मंगलवार को राज्यसभा में उन्हें विदाई दी गई।

सदन को आपकी जरुरत है- रामदास अठावले

इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी समेत कई केंद्रीय मंत्रियों ने गुलाम नबी आजाद के विदाई को लेकर प्रतिक्रिया दी। पीएम मोदी ने कांग्रेस के राज्यसभा सांसद गुलाम नबी आजाद से जुड़ा एक किस्सा शेयर किया और उसे सुनाते-सुनाते भावुक हो गए। वहीं, दूसरी ओर एनडीए गठबंधन में बीजेपी की सहयोगी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने भी इस मौके पर अपनी बात रखी।

उन्होंने गुलाम नबी आजाद के रिटायर होने के मौके पर विदाई भाषण में कहा कि आपको सदन में वापस आना चाहिए। अगर कांग्रेस आपको वापस नहीं लाती है तो हम इसे करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, इस सदन को आपकी जरुरत है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मैं भी पहले उधर था लेकिन उधर आ गया।

5 बार राज्यसभा और 2 बार लोकसभा सदस्य रह चुके हैं आजाद

बता दें, राज्यसभा के 4 सदस्य फरवरी महीने में ही रिटायर हो रहे हैं और ये चारों सदन में जम्मू-कश्मीर का प्रतिनिधित्व करते है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद (15 फरवरी) के साथ-साथ शमशेर सिंह (10 फरवरी), मीर मोहम्मद फैयाज (15 फरवरी), नादिर अहमद (10 फरवरी) को राज्यसभा से रिटायर हो रहे हैं। राज्यसभा में 15 फरवरी के बाद जम्मू कश्मीर का कोई प्रतिनिधि नहीं होगा।

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के केंद्रशासित प्रदेश बनने के बाद अभी तक विधानसभा चुनाव नहीं हुए हैं। जिसके कारण राज्य की राज्यसभा सीटों पर भी चुनाव होना संभव नहीं है। गुलाम नबी आजाद के संसद की सफर की बात करें तो उन्होंने सदन में लंबी सियासी पारी खेली है। वह 5 बार राज्यसभा तो 2 बार लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं।

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