Rijiju vs Rahul Gandhi: राहुल गांधी के बयान पर रिजिजू का पलटवार, कहा – कोई ‘माई का लाल’ ऐसा नहीं कर सकता

Nandani | Nedrick News Published: 11 फ़रवरी 2026, 10:19 PM Updated: 11 फ़रवरी 2026, 10:19 PM
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google

Rijiju vs Rahul Gandhi: लोकसभा में बुधवार (11 फरवरी) को केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर तीखे हमले किए और कहा कि अमेरिका के साथ हालिया ट्रेड डील पूरी तरह से “होलसेल सरेंडर” है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते में भारत के किसानों, टेक्सटाइल सेक्टर और ऊर्जा सुरक्षा के हितों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया, और देश की संप्रभुता पर सवाल उठ गया। राहुल ने कहा, “इस डील के बाद भारत ने अमेरिका के सामने अपना फैसला सौंप दिया। यह केवल प्रधानमंत्री का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सरेंडर है। क्या आपको इंडिया बेचने में शर्म नहीं आती?”

राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा कि इस समझौते में अमेरिका ने तय कर लिया कि भारत किससे तेल खरीदेगा और किससे नहीं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब देश के फैसले किसी विदेशी सरकार के हाथ में होंगे। उन्होंने कहा, “आपने हमारे किसानों को अमेरिकी मैकेनाइज्ड फार्मिंग के सामने छोड़ दिया। टेक्सटाइल उद्योग कमजोर हुआ और हमारी एनर्जी सिक्योरिटी पर समझौता किया गया। ऐसा पहले किसी प्रधानमंत्री ने नहीं किया और आगे भी कोई नहीं करेगा।”

और पढ़ें: ‘आपने इंडिया बेच दिया, कोई शर्म नहीं…’, भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर Rahul Gandhi का तीखा हमला, सरकार पर लगाए बड़े आरोप

संसद में गरमागरम बहस | Rijiju vs Rahul Gandhi

राहुल गांधी के आरोपों के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, “कोई भी देश को बेच या खरीद नहीं सकता। प्रधानमंत्री मोदी अब तक के सबसे मजबूत प्रधानमंत्री हैं।” इस दौरान सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार जुबानी जंग देखने को मिली। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ने व्यापार समझौते में डेटा, टैरिफ और वित्तीय नियंत्रण अमेरिका के हवाले कर दिया। उन्होंने कहा, “भारत ने डेटा हैंड ओवर कर दिया। यह पूरा सरेंडर है।”

संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने गांधी को बार-बार टोका और कहा कि बिना सबूत के आरोप लगाना मंजूर नहीं है। राहुल गांधी ने जवाब में कहा कि वह अपने तर्क ऑथेंटिकेट कर रहे हैं और भारत का डेटा अमेरिका के लिए सबसे महत्वपूर्ण पूंजी बन गया है। उन्होंने कहा, “अगर इंडिया गठबंधन की सरकार होती, तो हम अमेरिकी राष्ट्रपति से कहते कि हमारी जनता ही सबसे बड़ी ताकत है। हम अपने किसानों की सुरक्षा करेंगे और किसी को हमारे सामने वर्चस्व नहीं बनाने देंगे।”

एपस्टीन और मार्शल आर्ट का जिक्र

राहुल ने अपने भाषण में एपस्टीन फाइल का भी जिक्र किया, लेकिन इस पर पीठासीन और मंत्री रिजिजू ने उन्हें रोक दिया। इसके साथ ही उन्होंने मार्शल आर्ट की तुलना करते हुए कहा कि ग्लोबल पावर गेम में आज भारत उसी तरह चुनौती का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि डेटा और डिजिटल संपत्ति अब देश की सबसे बड़ी ताकत है, और इसे हथियार बनाने की अनुमति किसी विदेशी शक्ति को नहीं दी जानी चाहिए।

विपक्ष का नजरिया और सुझाव

राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि अगर कांग्रेस सरकार होती तो भारत अमेरिका के सामने किसी तरह की एकतरफा शर्त स्वीकार नहीं करता। उन्होंने कहा कि बराबरी के स्तर पर बातचीत होती और किसानों, उद्योग और डेटा सुरक्षा की प्राथमिकता सर्वोपरि होती। उनका कहना था कि वर्तमान डील में भारत ने केवल अमेरिकी हितों की सेवा की है और देश के हितों को नजरअंदाज किया गया।

और पढ़ें: UP Budget 2026: 9.12 लाख करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा बजट, योगी सरकार ने विकास और रोजगार पर रखा जोर

Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds