Ram Rahm Bail News| हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: पत्रकार की हत्या के आरोप से गुरमीत राम रहीम को किया बरी

Nandani | Nedrick News Published: 07 मार्च 2026, 05:49 PM Updated: 07 मार्च 2026, 05:49 PM
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google

Ram Rahm Bail News: पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने शनिवार को Gurmeet Ram Rahim Singh को पत्रकार Ramchandra Chhatrapati हत्याकांड मामले में बड़ी राहत दी है। हाई कोर्ट ने सीबीआई की विशेष अदालत के पहले के फैसले को पलटते हुए राम रहीम को इस मामले में बरी कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने अन्य तीन आरोपियों कुलदीप, निर्मल और किशन लाल को उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा।

और पढ़ें: Burari Holi Murder Case | बुराड़ी की खूनी होली! युवक पर हुए चाकू से ताबड़तोड़ वार, खुशी का जश्न बदल गया मौत की दहशत में

हाई कोर्ट ने क्यों किया बरी (Ram Rahm Bail News)

हाई कोर्ट ने मामले से जुड़े सभी सबूतों और पक्षों की दलीलों को ध्यान से सुनने के बाद यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि राम रहीम के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद नहीं थे। इसलिए उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी किया गया। वहीं, बाकी तीन आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य पर्याप्त पाए गए, इसलिए उनकी उम्रकैद की सजा में कोई बदलाव नहीं किया गया।

राम रहीम के वकील जितेंद्र खुराना ने बताया कि हाई कोर्ट ने विशेष अदालत के फैसले को पलटते हुए राम रहीम को पत्रकार की हत्या से संबंधित सभी आरोपों से मुक्त कर दिया।

मामला क्या है

यह केस पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या से जुड़ा है, जिसने 2002 में डेरा सच्चा सौदा के अंदर होने वाले कथित घटनाक्रमों की खबरें अपने अखबार ‘पूरा सच’ में प्रकाशित की थीं। अक्टूबर 2002 में छत्रपति को उनके घर के बाहर गोली मारी गई थी और 21 नवंबर 2002 को उनकी मौत हो गई।

2019 में सीबीआई की विशेष अदालत ने राम रहीम और तीन अन्य आरोपियों को दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई थी। राम रहीम ने इसके खिलाफ अपील दायर की थी, जो अब हाई कोर्ट द्वारा स्वीकार कर ली गई।

राम रहीम अभी भी जेल में

गुरमीत राम रहीम वर्तमान में दो शिष्याओं से बलात्कार मामले में सुनाई गई 20 साल की सजा काट रहे हैं। उन्हें 2017 में दोषी ठहराया गया था। इस सजा के तहत राम रहीम हरियाणा के रोहतक स्थित सुनारिया जेल में बंद हैं। हालांकि, उन्होंने कई बार पैरोल पर जेल से बाहर भी समय बिताया।

राम रहीम के खिलाफ हत्या का मामला उनके डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख होने और पत्रकार छत्रपति द्वारा प्रकाशित खबरों के कारण सामने आया था। अखबार में एक गुमनाम पत्र प्रकाशित हुआ था, जिसमें डेरा के भीतर महिला अनुयायियों के कथित यौन शोषण की बातें थीं।

हाई कोर्ट का फैसला क्यों अहम

हाई कोर्ट का यह फैसला 2019 में विशेष अदालत द्वारा राम रहीम को दोषी ठहराए जाने और उम्रकैद सुनाए जाने के लगभग सात साल बाद आया है। यह निर्णय उनके पक्ष में बड़ी राहत माना जा रहा है। कोर्ट ने राम रहीम के खिलाफ आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत न होने का हवाला देते हुए उन्हें बरी किया।

बता दें, पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड ने उस समय पूरे देश में सुर्खियां बटोरी थीं। अब हाई कोर्ट के फैसले ने गुरमीत राम रहीम को हत्या के आरोप से मुक्त कर दिया है, लेकिन उनका बलात्कार का केस अभी भी जारी है और वे जेल में अपनी सजा काट रहे हैं। इस फैसले के बाद कानून और न्याय की प्रक्रिया पर देशभर में चर्चा शुरू हो गई है।

और पढ़ें: Avimukteshwaranand FIR: यौन शोषण आरोपों के बीच क्या अविमुक्तेश्वरानंद को देना होगा वही ‘टेस्ट’ जो राम रहीम-आसाराम का हुआ था?

Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds