Purnia Murder Case: पूर्णिया में अंधविश्वास के चलते पांच लोगों की हत्या, 250 लोगों ने घेरकर पीटा और जलाकर मार डाला

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 08 जुलाई 2025, 05:30 AM Updated: 08 जुलाई 2025, 05:30 AM
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Purnia Murder Case: बिहार के पूर्णिया जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां अंधविश्वास के कारण एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या कर दी गई। यह घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रजीगंज पंचायत के टेटगमा गांव में हुई, जहां डायन के आरोप में करीब 250 लोगों ने एक परिवार के पांच सदस्यों को घेरकर उन्हें बुरी तरह पीटा और जलाकर मार डाला। इसके बाद शवों को गायब कर दिया गया, जिनकी खोज अब पुलिस द्वारा की जा रही है।

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अंधविश्वास और डायन के आरोप में हत्या- Purnia Murder Case

मृतकों में बाबूलाल उरांव, उनकी पत्नी सीता देवी, मां कातो मसोमात, बेटा मनजीत उरांव और बहु रानी देवी शामिल हैं। सभी को डायन के आरोप में निशाना बनाया गया और गांव के करीब 250 लोगों ने मिलकर इन पांचों को पहले बुरी तरह पीटा, फिर पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जला दिया। इस घटना के बाद शव को गायब कर दिया गया, जिसकी जांच पुलिस अब कर रही है। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड की टीम भी जांच में जुटी हुई है।

घटना का खुलासा और जांच की प्रक्रिया

घटना के बाद, पुलिस ने तीन शवों को नदी किनारे से बरामद किया है। एसडीपीओ पंकज शर्मा ने इस घटना की पुष्टि की है और कहा कि यह अत्यधिक क्रूरता के साथ की गई हत्या है। पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंच चुकी है और शवों की पहचान करने की प्रक्रिया जारी है।

इस मामले में पुलिस ने तांत्रिक नकुल उरांव समेत दो लोगों को हिरासत में लिया है। नकुल उरांव पर आरोप है कि उसने कुछ दिन पहले गांव के ही एक व्यक्ति के पुत्र की मृत्यु के बाद, उसके भतीजे के बीमार पड़ने का आरोप सीता देवी और कातो देवी पर लगाया था। नकुल ने लोगों से कहा था कि इन दोनों ने हीं “डायन” बनकर उस व्यक्ति को बीमार किया है। इसके बाद गांव के लोग इसे विश्वास करने लगे और उनके खिलाफ हिंसा शुरू कर दी।

पीड़ित परिवार के पास नहीं था बचाव का कोई रास्ता

पीड़ित बाबूलाल उरांव के परिवार के सदस्य सोनू और ललित ने घटना के बारे में बताते हुए कहा कि रात के करीब 3 बजे, गांव के करीब 250 लोग उनकी मां, पत्नी और अन्य परिजनों को घर से बाहर खींचकर ले गए। पहले उन्हें तालाब के पास पीटा गया, फिर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया। इसके बाद शवों को गायब कर दिया गया। यह घटना पूरी तरह से अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के आधार पर की गई हत्या की एक शर्मनाक मिसाल है।

तेजस्वी यादव ने सरकार पर उठाए सवाल

पूर्णिया की इस घटना के बाद बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर नीतीश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बिहार में अपराधियों के लिए यह अराजकता का माहौल बन चुका है और राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपराधों पर काबू पाने में नाकाम रही है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इसके लिए जिम्मेदार हैं।

इलाके में फैली सनसनी

इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। स्थानीय लोग इस तरह के जघन्य अपराध को देखकर हैरान और परेशान हैं। पूरे गांव में डर और भय का माहौल बना हुआ है और लोग अब अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। पुलिस प्रशासन को इस मामले की जांच के लिए पूरी तरह से सक्रिय कर दिया गया है और मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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