Port Blair rape: नौकरी के बदले सेक्स मामला में मुख्य सचिव जितेंद्र नारायण एवं अन्य गिरफ्तार, जानिए क्या है पूरा मामला

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 15 नवम्बर 2022, 05:30 AM Updated: 15 नवम्बर 2022, 05:30 AM
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मुख्य सचिव जितेंद्र नारायण एवं अन्य गिरफ्तार

वो देश का बड़ा आदमी है…वो स्पेशल लड़की ही देखता है…. ये बाते उस दो मिनट की बातचीत का सबसे अहम अंश है,  जिसे 21 वर्षीय पीड़िता ने रिकॉर्ड कर लिया था। ये बात-चित पीड़िता और होटल मालिक संदीप सिंह उर्फ रिंकू के बीच की है। पोर्ट ब्लेयर (Port Blair) में नौकरी के बदले सेक्स स्कैंडल (Job for sex scam) के 21 वर्षीय पीड़िता द्वारा तत्कालीन मुख्य सचिव जितेंद्र नारायण (Chief Secretary Jitendra Narain) के आधिकारिक निवास पर बुलाए जाने से पहले रिकॉर्ड की गई दो मिनट की कॉन्फ्रेंस कॉल का यह एक महत्वपूर्ण अंश था। लड़की के साथ कथित तौर पर बलात्कार किया गया है।

होटल मालिक संदीप सिंह ने इस लड़की को पूर्व लेबर कमिश्नर आर एल ऋषि से मिलवाया था। पोर्ट ब्लेयर में जॉब फॉर सेक्स स्कैंडल में खुलासे के बाद पूर्व मुख्य सचिव जितेंद्र नारायण को जेल भेज दिया गया है और होटल मालिक रिंकू को हरियाणा के करनाल से गिरफ्तार कर पोर्ट ब्लेयर पुलिस को सौंप दिया गया है। 

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नौकरी के बदले सेक्स की डिमांड

इस मामले का जब खुलासा हुआ तो आम जनता दंग रह गई। जनता को एक बार फिर बिहार के लालू प्रसाद यादव की धुंधली शक्ल याद आती होगी इस तरह के अधिकारीयों द्वारा आपराधिक मामले को देख कर। यह मामला नौकरी के बदले जमीन मामला जैसा ही है। इसमेबस दो अधिकारियों ने मिलकर महिलाओं से नौकरी के बदले सेक्स की डिमांड की है। इस घिनौने कांड का खुलासा तब हुआ, जब 21 साल की पीड़ित युवती पुलिस के पास पहुंची। इस मामले में अंडमान एवं निकोबार के पूर्व मुख्य सचिव जितेंद्र नारायण को जेल भेज दिया गया है, जबकि हरियाणा से गिरफ्तार रिंकू को ट्रांजिट रिमांड पर पोर्ट ब्लेयर लाया गया।  पुलिस ने बताया कि पोर्ट ब्लेयर के इस कारोबारी पर एक लाख रुपये का इनाम था।  पीड़ित महिला ने नारायण और अन्य लोगों के खिलाफ सामूहिक बलात्कार का मामला दर्ज कराया था। 

SIT कर रही थी जांच 

पूर्व मुख्य सचिव नारायण को जिला एवं सत्र अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। एक विशेष जांच दल (SIT) इस मामले की जाँच कर रही थी, जिसने नारायण से तीन बार पूछताछ की थी। लड़की ने जितने सबूत पेश किए थे वो इस अपराध के टाइमलाइन से मैच हो रहे थे। अधिकारी ने बताया कि सामूहिक बलात्कार मामले में फरार संदीप सिंह को पुलिस ने रविवार की रात हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया था। 

अधिकारी के अनुसार , पुलिस को संदीप के हरियाणा में होने के बारे में उसके बैंक अकाउंट डिटेल्स से ता चला था। अंडमान एवं निकोबार पुलिस ने हरियाणा और दिल्ली की पुलिस को सतर्क किया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अंडमान निकोबार पुलिस ने 21 साल की एक महिला के साथ बलात्कार के मामले में दो नवंबर को संदीप सिंह उर्फ रिंकू तथा निलंबित श्रम आयुक्त आर. एल. ऋषि पर एक-एक लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी। 

क्या है पूरा मामला ?

जब इस मामले में एक अक्टूबर को FIR  दर्ज की गयी थी, उस वक्त नारायण दिल्ली वित्त निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के पद पर थे। सरकार ने 17 अक्टूबर को नारायण को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। महिला ने दावा किया है कि उसके पिता और उसकी सौतेली मां उसकी आर्थिक जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रही थी, इसलिये उसे एक नौकरी की जरूरत थी और रिंकू ने उसका परिचय लेबर कमिश्नर से कराया, क्योंकि वह तत्कालीन मुख्य सचिव के करीबी थे। FIR में यह भी दावा किया गया था कि मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों में केवल सिफारिश के आधार पर और बिना किसी औपचारिक साक्षात्कार के 7800 उम्मीदवारों की नियुक्ति की है।  महिला ने कहा कि उसे सरकारी नौकरी दिलाये जाने का झांसा देकर मुख्य सचिव के घर पर ले जाया गया था, जहां 14 अप्रैल और एक मई को उसके साथ बलात्कार किया गया। 

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