Old Vehicles Delhi: दिल्ली में 62 लाख पुरानी गाड़ियों पर कार्रवाई, 350 पेट्रोल पंपों पर सख्त निगरानी, 100 पंपों पर पुलिस तैनात

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 01 Jul 2025, 12:00 AM | Updated: 01 Jul 2025, 12:00 AM

Old Vehicles Delhi: अगर आप दिल्ली में रहते हैं और आपकी गाड़ी 15 साल से ज्यादा पुरानी हो चुकी है, तो आज से आपको सड़क पर निकलते वक्त थोड़ी सतर्कता बरतनी होगी। राजधानी दिल्ली में आज से “End-of-Life Vehicles” (EoL) के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। दिल्ली सरकार ने इन पुराने वाहनों को सड़कों से हटाने के लिए कठोर कदम उठाए हैं और अब इनकी धरपकड़ शुरू हो चुकी है।

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गाड़ियों के मालिकों पर जुर्माना- Old Vehicles Delhi

दिल्ली सरकार ने तय किया है कि 15 साल से अधिक पुरानी पेट्रोल गाड़ियों और 10 साल से पुरानी डीजल गाड़ियों को सड़कों पर चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही इन्हें पेट्रोल पंपों से ईंधन भी नहीं मिलेगा। इन गाड़ियों की जब्ती के लिए सख्त प्रावधान लागू किए गए हैं, जिनके तहत अगर कोई वाहन इस श्रेणी में आता है तो उसके मालिक को 10,000 रुपये का जुर्माना देना पड़ेगा। वहीं, जिन दोपहिया वाहनों की उम्र पूरी हो चुकी है, उनकी जब्ती पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

पेट्रोल पंपों पर निगरानी

इस अभियान के तहत दिल्ली के 350 पेट्रोल पंपों को चिन्हित किया गया है। इनमें से 100 सबसे व्यस्त पंपों पर दिल्ली पुलिस की टीमों को तैनात किया जाएगा। इसके अलावा, 59 पंपों पर परिवहन विभाग के अधिकारी निगरानी करेंगे। 91 संवेदनशील पंपों पर संयुक्त टीमों की तैनाती की जाएगी, जिसमें दिल्ली पुलिस और ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट दोनों शामिल होंगे। बाकी के 100 कम संवेदनशील पंपों की निगरानी नगर निगम (MCD) के कर्मचारी करेंगे। इस कठोर निगरानी के तहत इन वाहनों को ईंधन मिलने पर रोक लगा दी जाएगी, ताकि उनकी सड़कों पर आवाजाही रोकी जा सके।

62 लाख गाड़ियां EoL श्रेणी में

दिल्ली में लगभग 62 लाख वाहन EoL श्रेणी में आते हैं, जिन्हें अब सड़क से हटाना सरकार का प्रमुख उद्देश्य बन गया है। VAHAAN डाटाबेस के अनुसार, इनमें से 41 लाख दोपहिया वाहन और 18 लाख चारपहिया वाहन शामिल हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के अन्य जिलों में भी इन वाहनों की संख्या काफी ज्यादा है। हरियाणा में 27.5 लाख, उत्तर प्रदेश में 12.4 लाख और राजस्थान में 6.1 लाख वाहन EoL श्रेणी में आते हैं।

प्रदूषण को नियंत्रित करने की दिशा में कदम

दिल्ली सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदूषण पर नियंत्रण पाना और सड़कों से उन वाहनों को हटाना है जो वातावरण में जहरीला धुआं छोड़ते हैं। इन पुराने वाहनों से निकलने वाला धुआं दिल्ली में वायु प्रदूषण को बढ़ाने का एक प्रमुख कारण है। इन वाहनों को सड़कों से हटा कर सरकार प्रदूषण कम करने की दिशा में एक ठोस कदम उठाने जा रही है।

दिल्ली में आज से शुरू हुए EoL वाहनों के खिलाफ अभियान से न केवल प्रदूषण कम करने की उम्मीद है, बल्कि सड़कों पर सुरक्षित और प्रदूषण-मुक्त परिवहन व्यवस्था की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। अब गाड़ी मालिकों को यह समझने की जरूरत है कि समय सीमा पूरी कर चुके वाहनों को सड़कों पर चलाना न केवल उनके लिए महंगा साबित हो सकता है, बल्कि दिल्ली की हवा को भी और जहरीला बना सकता है।

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