तालिबान राज के लौटने पर अफगानिस्तान में दहशत का माहौल है। अफगान के लोग डर में हैं कि वहां 20 साल पुराना वो युग लौट आएगा, जब तालिबान ने लोगों पर क्रूरता की सारी हदों को पार कर दिया था। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोगों ने देश छोड़ना शुरू कर दिया। इस बीच अफगानिस्तान से लगातार जो खबरें सामने आ रही हैं वो दिल दहला देने वाली है।
90 के दशक में तालिबान कितना क्रूर रहा है, ये हर कोई जानता है। यही वजह है कि पूरी दुनिया को इस वक्त अफगान के लोगों की चिंता सता रही है। हालांकि इस बीच ऐसे भी कुछ लोग हैं, जो खुलकर तालिबान का समर्थन करते नजर आ रहे हैं। इस लिस्ट में एक नाम देश के मशहूर शायर मुनव्वर राणा का भी है, जो अक्सर ही अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चाओं में रहते हैं।
मुनव्वर राणा ने हाल ही में तालिबान को लेकर एक ऐसा बयान दिया है, जिस पर विवाद मचना शुरू हो गया। राणा ने कहा है कि अफगानिस्तान से ज्यादा क्रूरता भारत में हैं। उन्होंने ये बयान न्यूज चैनल आजतक को दिए गए एक इंटरव्यू में दिया।
शायर मुनव्वर राणा ने कहा कि जितनी क्रूरता अफगानिस्तान में है, उससे ज्यादा क्रूरता तो हमारे यहां पर पहले से ही है। पहले रामराज था, लेकिन अब कामराज है। अगर राम से काम है तो ठीक वरना कुछ नहीं। उन्होंने आगे ये भी कहा कि जितनी AK-47 उनके पास नहीं होगीं, उतनी तो भारत में माफियाओं के पास हैं। तालिबान हथियार छीनकर या मांगकर लाते हैं, लेकिन हमारे यहां माफिया तो खरीदते हैं।
जैसे ही मुनव्वर राणा का ये बयान सामने आया, वो लोगों के निशाने पर आ गए। इस बयान को लेकर लोग उनकी जमकर आलोचना करते हुए नजर आ रहे हैं।
वैसे ऐसे पहली बार नहीं जब मुनव्वर राणा के बयान पर बवाल खड़ा हुआ हो। वो अक्सर ही ऐसे बयान दे देते हैं, जिन पर हंगामा हो जाता है। इससे पहले मुनव्वर राणा ने कहा था कि अगर योगी आदित्यनाथ दोबारो यूपी के सीएम बने, तो वो ये प्रदेश छोड़ देंगे। तब बीजेपी के कई नेताओं ने उनके बयान पर पलटवार करते हुए मुनव्वर राणा को दूसरा राज्य ढूंढने की सलाह दे दी थी।



























