6 महीने जेल और 18 साल तक एअरपोर्ट में कैद रहा ये शख्स, वहीं पर ली आखिरी साँस

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 03 Feb 2023, 12:00 AM | Updated: 03 Feb 2023, 12:00 AM

मेहरान करीमी नासेरी जिन्होंने एअरपोर्ट को ही बना लिया अपना घर 

मेहरान करीमी नासेरी वो शख्स है जो 18 साल तक एअरपोर्ट (Airport) पर ही रहे और इस शख्स ने आखिरी साँस भी एअरपोर्ट पर ही ली. दरअसल, 18 साल से एअरपोर्ट पर रह रहे मेहरान को एयरपोर्ट के टर्मिनल 2 एफ (Terminal 2F) में दिल का दौरा पड़ा था जिसके बाद पेरिस (Paris) के जिस एयरपोर्ट पर वो 18 साल रह रहे थे और वहीं उनका निधन हो गया. 

Also Read- ‘वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम हुआ बजट का सबसे लम्बा भाषण”, इससे पहले मोराजी देसाई ने पेश किए सबसे ज्यादा बार बजट,.

मेहरान ने क्यों एअरपोर्ट को बनाया अपना घर 

6 महीने जेल और 18 साल तक एअरपोर्ट में कैद रहा ये शख्स, वहीं पर ली आखिरी साँस — Nedrick News

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार,ये मामला 1988 का है जब मेहरान करीमी नासेरी मेहरान पहली बार शरणार्थी के तौर पर फ्रांस (France) आए थे। लेकिन उनके पास रैजीडेंस से जुड़े डॉक्युमेंट नहीं थे। जिसकी वजह से सरकार ने उन्हें देश में रहने की शरण नहीं दी. जिसके बाद उन्होंने कई और देश गये और वहां पर उन्हें देश में घुसने नहीं दिया गया और इस बीच वो वापस फ्रांस  लौट गये. जहाँ पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और 6 महीने तक जेल में रखा और फिर जहाँ से वो आया है वहां वापस जाने को कहा. मेहरान करीमी नासेरी (Mehran Karimi Nasseri) की मां स्कॉटिश नागरिक थीं लकिन फिर भी ब्रिटेन ने उन्हें शरण नहीं दी, जिसके बाद उनकी नागरिकता को लेकर भी सवाल उठे थे और इसके बाद उन्होंने खुद को स्टेटलेस (stateless) घोषित करने के बाद एयरपोर्ट पर रहने का विकल्प चुना.

18 साल एअरपोर्ट पर रहे मेहरान

6 महीने जेल और 18 साल तक एअरपोर्ट में कैद रहा ये शख्स, वहीं पर ली आखिरी साँस — Nedrick News

जब उन्हें फ्रांस  और ब्रिटेन (Britian) में शरण नही मिली और उनकी नागरिकता को लेकर भी सवाल उठे तो उन्होंने चार्ल्स डी गॉल एयरपोर्ट (Charles de Gaulle Airport) के टर्मिनल-2 को ही अपना घर बना लिया। वो यहीं पर सारे दिनचर्या के काम करते और अपना सामना अपने  पास ही रखते. वहीं मेहरान को पेरिस एयरपोर्ट (Paris airport) पर प्यार से सर अल्फ्रेड मेहरान कहकर पुकारा जाता था. बता दें साल 1988 में ब्रिटेन ने शरणार्थी के रूप में राजनीतिक शरण देने से इनकार कर दिया था जिसके बाद मेहरान पहली बार एयरपोर्ट पर बस गए थे.

2006 में पहली बार एअरपोर्ट से निकले बाहर 

6 महीने जेल और 18 साल तक एअरपोर्ट में कैद रहा ये शख्स, वहीं पर ली आखिरी साँस — Nedrick News

साल 1988 से मेहरान एअरपोर्ट पर ही खाते, पीते और यहीं पर सोते थे. मेहरान को पेरिस एयरपोर्ट पर प्यार से सर अल्फ्रेड मेहरान कहकर पुकारा जाता था. वहीं फ्रांस के न्यूजपेपर लिबरेशन के मुताबिक, फ्रांस की सरकार ने मेहरान को 1999 में एक रिफ्यूजी मान लिया था और उन्हें शरणार्थी के रूप में देश में रहने की इजाजत दे दी लेकिन वो शौक से 2006 तक एयरपोर्ट पर ही रहे। वहीं  एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार,  साल 2006 में उनकी तबियत खराब हुई जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती होने के बाद एयरपोर्ट को छोड़ दिया था और इस दौरान वो पहली बार एअरपोर्ट से बाहर निकले. इसके बाद वो एक हॉस्टल में रहने लगे थे और इसके कुछ हफ्तों बाद  मेहरान ने दोबारा एयरपोर्ट पर रहने का फैसला किया था, जहां  उन्होंने अंतिम सांस ली।

मेहरान पर बन चुकी है फिल्म 

मेहरान पर अमेरिकी फिल्ममेकर स्टीवन स्पीलबर्ग ने ‘द टर्मिनल’ (The Terminal) नाम की फिल्म भी बनाई थी, इसमें टॉम हैंक्स लीड रोल निभाया था. वहीं फिल्म में दिखाया गया कि टॉम ने एक पूर्वी यूरोपीय व्यक्ति के रूप में अभिनय किया, जो संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रवेश से वंचित होने के बाद न्यूयॉर्क के जॉन एफ कैनेडी हवाई अड्डे पर रहता है. ये फिल्म साल 2004 में रिलीज हुई और इस फिल्म ने कई अवॉर्ड्स जीतें. 

Also Read- पिता जिस कॉलेज में करते थे माली का काम, उसी कॉलेज का यूनियन प्रेज़िडेंट बना बेटा.

vickynedrick@gmail.com

vickynedrick@gmail.com https://nedricknews.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds