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US on Russian Oil| रूस के तेल को लेकर अमेरिका की उलटी चाल पर ईरान की तीखी चुटकी: पहले धमकाया, अब भीख मांग रहा

Nandani | Nedrick News Iran Published: 14 Mar 2026, 11:45 AM | Updated: 14 Mar 2026, 11:45 AM

 US on Russian Oil: ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वाशिंगटन जो कल तक भारत को रूस से तेल न खरीदने के लिए धमका रहा था, वही आज भारत और अन्य देशों से रूस का तेल खरीदने के लिए गिड़गिड़ा रहा है। अराघची ने यूरोपीय देशों की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि रूस के खिलाफ अमेरिकी समर्थन पाने के लालच में यूरोपीय देश ईरान का साथ दे रहे हैं। उनका कहना है कि यह जंग अवैध है और यूरोप का रुख पूरी तरह गलत है।

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अमेरिका ने रूस से तेल खरीद पर बदला रुख (US on Russian Oil)

हाल ही में अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की अस्थायी छूट देने की घोषणा की। इस कदम का उद्देश्य पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति में आई बाधाओं को कम करना बताया गया। स्कॉट बेसेंट ने स्पष्ट किया कि रूसी तेल पहले से ही समुद्र में जहाजों पर लदा हुआ है और अगर भारत इसे खरीदने से इनकार करता है तो यह चीन को चला जाएगा। अमेरिका की प्राथमिकता है कि यह तेल भारतीय रिफाइनरियों तक पहुंचे।

ईरान ने अमेरिका पर कसा तंज

अराघची ने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “अमेरिका ने कई महीनों तक भारत को रूस से तेल खरीदने से रोकने के लिए धमकाया था। ईरान के साथ दो हफ्ते की जंग के बाद अब व्हाइट हाउस दुनिया और भारत से रूसी क्रूड ऑयल खरीदने के लिए गिड़गिड़ा रहा है।”

उन्होंने आगे कहा कि यूरोप ने ईरान के खिलाफ अवैध युद्ध का समर्थन किया, यह सोचकर कि अमेरिका बदले में रूस के खिलाफ उनकी मदद करेगा। अब परिस्थितियां पूरी तरह बदल गई हैं। अराघची का इशारा यह भी है कि वैश्विक तेल राजनीति में अमेरिका और यूरोप के कदम अस्थिर और द्वैधभावपूर्ण हैं।

भारत और अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार

भारत को रूस से तेल खरीदने की छूट मिलने के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में हलचल बढ़ गई है। स्कॉट बेसेंट ने यह भी कहा कि रूसी तेल पहले से जहाजों पर मौजूद है, और इसे भारतीय रिफाइनरियों तक पहुंचाना अमेरिका की प्राथमिकता है। यदि भारत ने तेल नहीं खरीदा तो यह चीन को जाएगा।

ईरान की तरफ से भी कदम उठाए जा रहे हैं। दो LPG टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी गई है, जबकि सऊदी अरब से खरीदे गए तेल से भरा एक टैंकर भी भारत पहुंचने वाला है। इस बीच अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर दबाव बढ़ा रहे हैं, जिससे वैश्विक तेल की कीमतें बढ़ गई हैं।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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