India vs Pakistan: भारत पाकिस्तानियों को किस-किस तरह के वीजा देता था? जानिए सबसे ताकतवर वीजा कौन सा था

👤 vickynedrick@gmail.com | Nedrick News 🕒 Published: 28 अप्रैल 2025, 12:00 AM 🔄 Updated: 28 अप्रैल 2025, 12:00 AM
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India vs Pakistan: भारत में जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का फैसला लिया है। 27 अप्रैल, 2025 से भारतीय सरकार ने पाकिस्तान के नागरिकों के वीजा रद्द करने का आदेश दिया है। इस कदम के तहत, कुछ खास श्रेणियों को छोड़कर पाकिस्तान से जुड़े सभी वीजा रद्द कर दिए गए हैं। खासकर, SAARC वीजा और अन्य प्रकार के वीजा जिनका इस्तेमाल पाकिस्तानी नागरिक भारत में आकर विभिन्न कामों के लिए कर रहे थे, उन पर अब रोक लग चुकी है।

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भारत सरकार का कड़ा कदम- India vs Pakistan

गुरुवार को केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने इस आदेश की जानकारी देते हुए कहा कि सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से इस आदेश के पालन की अपील की गई है। इसके अनुसार, 27 अप्रैल तक भारत में मौजूद पाकिस्तानी नागरिकों को भारत छोड़ने के लिए कहा गया है, और अगर वे तय समय में नहीं गए तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश में मेडिकल वीजा पर आने वाले पाकिस्तानी नागरिकों को भी राहत दी गई है। मेडिकल वीजा के तहत भारत में इलाज कराने आए पाकिस्तानी नागरिकों को 29 अप्रैल तक का समय दिया गया है।

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किस-किस प्रकार का वीजा रद्द हुआ?

भारत द्वारा पाकिस्तानियों को कुल 14 प्रकार के वीजा दिए जाते थे, जिसमें SAARC वीजा, बिजनेस वीजा, मेडिकल वीजा, ट्रांजिट वीजा, फिल्म वीजा, कॉन्फ्रेंस वीजा, तीर्थ वीजा, और छात्र वीजा जैसे वीजा शामिल थे। इन वीजा का उपयोग पाकिस्तान के नागरिक विभिन्न उद्देश्यों के लिए करते थे।

सार्क वीजा को सबसे शक्तिशाली माना जाता था, क्योंकि यह वीजा पाकिस्तान और अन्य सार्क देशों के नागरिकों को वीजा-फ्री यात्रा की सुविधा प्रदान करता था। 1992 में इसकी शुरुआत हुई थी और यह वीजा भारत से जुड़े क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने का एक तरीका था। लेकिन अब इस वीजा की बंदिशों के कारण पाकिस्तान से भारत यात्रा करने वाले नागरिकों के लिए कठिनाई हो सकती है।

मेडिकल वीजा और ट्रांजिट वीजा पर भी ध्यान

पाकिस्तान के नागरिकों के लिए मेडिकल वीजा और ट्रांजिट वीजा जैसे वीजा भी जारी किए जाते थे। इन वीजा का उद्देश्य उन पाकिस्तानियों के लिए था जो भारत में इलाज करवाने या दूसरे देशों से भारत होकर गुजरने के लिए आते थे। हालांकि, अब इन वीजा धारकों को 29 अप्रैल तक भारत छोड़ने का आदेश दिया गया है।

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भारत सरकार का यह कदम पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के बाद और आतंकवादियों की ओर से भारतीय क्षेत्र में हमलों के बाद लिया गया है। पहलगाम हमला, जो कि 2025 में हुआ, ने भारतीय सरकार को यह कठोर निर्णय लेने के लिए मजबूर किया। भारत ने साफ तौर पर कहा है कि पाकिस्तान को अपनी आतंकवादी गतिविधियों को रोकना होगा, वरना ऐसे ही कदम उठाए जाएंगे।

SAARC वीजा का विशेष महत्व

SAARC वीजा को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता था क्योंकि यह वीजा भारत और अन्य सार्क देशों के नागरिकों को वीजा-फ्री यात्रा की सुविधा देता था। भारत, पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश, मालदीव, भूटान और अफगानिस्तान जैसे देशों को इस वीजा के तहत यात्रा करने की अनुमति थी। लेकिन अब पाकिस्तानियों के लिए इस वीजा की सुविधा बंद कर दी गई है, जिससे यात्रा के नियम कड़े हो गए हैं।

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