यूक्रेन के चार इलाकों का होगा विलय, जानिए रूस को क्या होगा फायदा

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 30 सितम्बर 2022, 05:30 AM Updated: 30 सितम्बर 2022, 05:30 AM
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4 इलाकों को अपने देश में शामिल होने से यूक्रेन हो जाएगा आर्थिक रूप से तबाह

कई महीनों से रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग में एक नया मोड़ आया हैं, दरअसल, इन दोनों देश के बीच चल रही जंग के बीच यूक्रेन के चारों इलाके औपचारिक रूप से अब रूस का हिस्सा बन जाएंगे और इनमें लुहांस्क, डोनेस्क, खेरसान और जपोरीजिया शामिल हैं।

रूसी राष्ट्रपति ने किया ऐलान

रूसी राष्ट्रपति के कार्यालय क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के स्वीकृति पत्र पर हस्ताक्षर के साथ ही यूक्रेन के चारों इलाके लुहांस्क, डोनेस्क, खेरसान और जपोरीजिया औपचारिक रूप से रूस का हिस्सा बन जाएंगे।
यूक्रेन के चार इलाकों का होगा विलय, जानिए रूस को क्या होगा फायदा — NEDRICK NEWS

रूस को होगा ये फायदा

रिपोर्ट के अनुसार, रूस द्वारा इन 4 इलाकों को अपने देश में शामिल करने के बाद यूक्रेन  आर्थिक रूप से तबाह हो जाएगा. वहीं इन चार इलाकों में डोनेत्स्क और लुहांस्क दोनों अहम इलाके हैं और इन दोनों को मिलाकर जो इलाका बनता है वो डोनबास है. वहीं डोनेत्स्क और लुहांस्क कोल माइनिंग और स्टील प्रोडक्शन के लिए जाने जाते हैं. डोनेत्स्क और लुहांस्क में कोल माइनिंग और स्टील प्रोडक्शन किया जाता है. वहीं डोनबास प्रमुख औद्योगिक केंद्र है और यहां यूक्रेन का सबसे बड़ा कोयला भंडार है.
इसी के साथ जेपोरीजिया में यूरोप का सबसे बड़ा और दुनिया का 9वां सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर प्लांट है. वहीं खेरसान में मशीन इंजीनियरिंग से लेकर केमिकल प्रोडक्शन और छोटे उद्योग यहां की अर्थव्यवस्था को मजबूती देते हैं. इसी के साथ शिक्षा के लिहाज से भी खेरसान काफी अहम इलाका है. यहां हायर एजुकेशन मुहैया करने वाले दर्जनों संस्थान हैं. यहीं पर खेरसान एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी और इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ बिजनेस एंड लॉ भी हैं.

यूक्रेन ने दी चेतावनी

वहीं इस ऐलान के बाद यूक्रेन ने चेतावनी दी है कि इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने क्रेमलिन की घोषणा के बाद शुक्रवार को अपने उच्च रक्षा अधिकारियों और राजनेताओं की आपात बैठक बुलाई है। जेलेंस्की ने कहा कि रूस के कब्जे वाला क्षेत्र विशुद्ध रूप से यूक्रेन का है। रूसी अधिकारियों का कहना है कि इन क्षेत्रों में पांच दिन तक चले जनमत संग्रह में इन्हें रूस में शामिल करने के पक्ष में 90 प्रतिशत से ऊपर मत पड़े हैं। पुतिन के फैसले का मतलब है कि मास्को पूर्वी और दक्षिणी यूक्रेन के कब्जाए विशाल क्षेत्र को अपने साथ जोड़ लेगा। यह यूक्रेन की कुल भूमि का 15 प्रतिशत है।

पहले इन इलाकों को रूस कर चुका है शामिल

साल 2008 में जॉर्जिया के साथ एक छोटा युद्ध करने के बाद रूस ने जॉर्जिया की दो अलग-अलग टेरिटरी अबकाजिया और दक्षिण ओसेशिया को स्वतंत्रत राज्य के रूप में मान्यता दी थी। इन दो टेरिटरी को रूस ने काफी फंडिंग भी की थी। इसके बाद यहां के लोगों को रूसी नागरिकता दी गई और युवाओं को रूसी सेना में शामिल किया गया। वहीं 2014 में रेफरेंडम के बाद क्रीमिया को रूस ने खुद में मिला लिया था। उस समय भी पुतिन ने स्पीच दी थी।

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