कांग्रेस ही नहीं BJP भी दे रही हैं परिवारवाद को बढ़ावा…ये रहे कुछ बड़े उदाहरण!

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 04 अक्टूबर 2021, 05:30 AM Updated: 04 अक्टूबर 2021, 05:30 AM
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आजादी के बाद से ही कांग्रेस पार्टी पर परिवारवाद का आरोप लगाया जाता रहा है। पहले जवाहरलाल नेहरू, फिर इंदिरा गांधी और राजीव गांधी तीनों ही भारत के प्रधानमंत्री पद पर बैठे। लेकिन अगर ये कहा जाए की परिवारवाद बस कांग्रेस ही करती है, तो गलत होगा। क्योंकि बीजेपी जो कि अभी देश की सबसे बड़ी पार्टी है, वो भी वंशवाद और परिवारवाद से अछूती नहीं है। नरेंद्र मोदी कैबिनेट को ही देख लीजिए कई ऐसे मंत्री है जो खुद पॉलिटिकल बैकग्राउंड से आते हैं। चलिए एक एक कर बीजेपी में परिवारवाद के उदाहरण हैं…

राजनाथ सिंह-

सबसे पहले बात राजनाथ सिंह की। भारत सरकार में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने पॉलिटिकल करियर में कई मुकाम हासिल किए, लेकिन उनके बेटे पंकज सिंह उनकी कामयाबी के सहारे आगे बढ़ते दिखे। पंकज उत्तर प्रदेश बीजेपी के महासचिव हैं और नोएडा से विधायक। वैसे राजनाथ सिंह इस बारे में कहते हैं कि उनका बेटा 2002 से बीजेपी कार्यकर्ता के तौर पर काम करता आ रहा है और 15 साल मेहनत करने के बाद साल 2017 में पंकज को टिकट दिया गया।

पीयूष गोयल- 

मोदी कैबिनेट में मंत्री गोयल तेजतर्रार किस्म के माने जाते हैं। गोयल को वंशवाद का परिणाम भी कह सकते हैं। तीन बार विधायक रहीं हैं गोयल की मां चंद्रकांता गोयल और गोयल के पिता वेदप्रकाश गोयल केंद्रीय मंत्री  रहे थे, अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में।

निर्मला सीतारमण- 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जेएनयू से स्टडी की है और उनकी शादी एक पॉलिटिकल फैमिली में हुई। निर्मला की शादी पराकला प्रभाकर से हुई है और पराकला के पिता आंध्र प्रदेश कांग्रेस के एक बड़े और जाने-माने लीडर थे और मां विधायक रहीं। 1994 और 1996 में पराकला ने भी कांग्रेस के टिकट पर दो दफा इलेक्शन लड़ा, लेकिन हार गए और बीजेपी में शामिल हो गए। नरसपुर से साल 1998 में फिर चुनाव लड़ा  और फिर हारे। वो आंध्र प्रदेश में टीडीपी की सरकार में कम्युनिकेशन एडवाइजर की पोस्ट पर थे, जो कि कैबिनेट रैंक की पोस्ट थी, लेकिन एनडीए का साथ जैसे ही टीडीपी ने छोड़ा उन्हें भी अपना पद छोड़ना पड़ा।

रविशंकर प्रसाद- 

बीजेपी के दिग्गज नेता रविशंकर प्रसाद, ठाकुर प्रसाद के बेटे हैं। ठाकुर प्रसाद बिहार में कर्पूरी ठाकुर सरकार में मंत्री रहे है। जनसंघ के शुरुआती नेताओं में ठाकुर प्रसाद भी थे और जनसंघ की बिहार यूनिट के तो वो अध्यक्ष बनाए गए थे।

मेनका गांधी- 

मेनका गांधी को कौन नहीं जानता। संजय गांधी की पत्नी और भारत की पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की छोटी बहु। आज उसी परिवारवाद की राजनीति से निकली मेनका गांधी बीजेपी की जाने-मानी नेता हैं। तो वहीं मेनका गांधी के बेटे वरुण गांधी भी बीजेपी सांसद हैं। मेनका गांधी पीलीभीत और वरुण गांधी सुल्तानपुर से सांसद हैं।

राव इंद्रजीत सिंह- 

राव इंद्रजीत सिंह बीजेपी के एक मेंबर है और उनके पिता राव बीरेंदर सिंह पंजाब के सीएम रह चुके थे। हरियाणा और पंजाब की सरकार और केंद्र सरकार में बीरेंदर सिंह भी मंत्री रहे थे।

धर्मेंद प्रधान- 

धर्मेंद्र प्रधान आज मोदी कैबिनेट में मंत्री है उनके पिता देबेंद्र प्रधान ओडिशा में बीजेपी के एक बड़े लीडर थे और वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे थे।

किरण रिजिजू-

अरुणाचल से आने वाले किरण रिजिजू आज मोदी सरकार में मिनिस्टर है, लेकिन वो भी वंशवाद का एक अच्छा उदाहरण है। किरेण के पिता रिन्चिन खारू पॉलिटिक्स में एक्टिव थे और अरुणाचल प्रदेश की पहली विधानसभा में वो प्रो-टर्म स्पीकर के पद पर रहे।

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