Cargo vessel Morning Midas: अलास्का तट के पास आग में घिरा ‘Morning Midas’ जहाज, चार दिनों से समंदर में डूब रही 3000 गाड़ियां, बचाव के लिए जूझ रहे हैं लोग

👤 vickynedrick@gmail.com | Nedrick News 🕒 Published: 09 जून 2025, 12:00 AM 🔄 Updated: 09 जून 2025, 12:00 AM
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Cargo vessel Morning Midas: चीन से मैक्सिको जा रहे एक मालवाहक जहाज, ‘Morning Midas’, में मंगलवार को अलास्का के तट के पास आग लगने से सनसनी मच गई। जहाज पर इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ लिथियम आयन बैटरियां मौजूद थीं, जिससे आग को काबू करना और भी कठिन हो गया। चालक दल ने आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन स्थिति बिगड़ने के बाद उन्हें मदद के लिए अमेरिकी तटरक्षक बल से संपर्क करना पड़ा।

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आग की शुरुआत और बचाव कार्य- Cargo vessel Morning Midas

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, लंदन स्थित शिपिंग कंपनी जोडियाक मैरीटाइम का यह मालवाहक जहाज चीन से लगभग 3,000 इलेक्ट्रिक कारों को लेकर मैक्सिको के लिए रवाना हुआ था। जब जहाज अलास्का के तट से 1200 मील की दूरी पर था, तो उसमें धुआं निकलने लगा। चालक दल ने आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन जब वे सफल नहीं हो सके, तो उन्होंने अमेरिकी तटरक्षक बल को आपातकालीन कॉल किया।

अधिकारियों के अनुसार, तटरक्षक बल ने घटनास्थल पर पहुंचकर जहाज के चालक दल के 22 सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। एक तटरक्षक अधिकारी ने बताया, “हमने चालक दल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया, और जहाज की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।” उन्होंने यह भी बताया कि जहाज पर इलेक्ट्रिक वाहनों की लिथियम आयन बैटरियां मौजूद थीं, जिनके फटने का खतरा हमेशा बना रहता है। यदि ऐसा होता, तो जहरीली गैस फैलने की संभावना भी थी। इस कारण से आग को बुझाना बेहद मुश्किल और खतरनाक हो सकता था, इसलिए उसे जलने दिया गया और उसकी निगरानी की जा रही है।

आग पर काबू क्यों नहीं पाया जा सका?

जहाज की कंपनी, जोडियाक मैरीटाइम, के प्रवक्ता डस्टिन एनो ने बताया कि जब चालक दल को आग लगने का पता चला, तो उन्होंने तुरंत अपनी ओर से इसे बुझाने की कोशिश की। उस समय अग्निशामक जहाज की दूरी पर कोई नहीं था। उन्होंने उम्मीद जताई कि सोमवार तक बचाव दल घटनास्थल पर पहुंच जाएगा और मदद करेगा।

अमेरिकी तटरक्षक बलों ने भी इस मामले की जांच शुरू कर दी है और आग लगने के कारणों का पता लगाने की योजना बनाई है।

जहाज में इलेक्ट्रिक गाड़ियों का बड़ा काफिला

‘Morning Midas’ जहाज में करीब 3,000 गाड़ियां रखी गई थीं, जिनमें 800 इलेक्ट्रिक गाड़ियां शामिल हैं। यह जहाज चीन से मैक्सिको के कार्डेनस पोर्ट के लिए जा रहा था, और 15 जून तक वहां पहुंचने की उम्मीद थी। इलेक्ट्रिक गाड़ियों में लिथियम आयन बैटरियां लगी होती हैं, जो बहुत जल्दी गर्म हो सकती हैं और आग फैलने की स्थिति में जोखिम बढ़ा सकती हैं। इस वजह से, तटरक्षक बल और बचाव दल को स्थिति को संभालने में काफी सावधानी बरतनी पड़ी।

भविष्य में जोखिम और बचाव

जैसा कि आग के कारणों का अब तक पता नहीं चला है, तटरक्षक बल और संबंधित अधिकारियों का कहना है कि वे जल्द ही इस पर जांच करेंगे। फिलहाल, जहाज को जलने दिया गया है, और उसे सुरक्षित स्थान से मॉनिटर किया जा रहा है। इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बढ़ती संख्या और उनमें इस्तेमाल होने वाली लिथियम आयन बैटरियों के कारण इस तरह की घटनाएं अधिक जोखिमपूर्ण हो सकती हैं।

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