'चुनावों में 2017 जैसी नहीं है BJP की लहर, इस बार…', BKU अध्यक्ष नरेश टिकैत का दावा

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उत्तर प्रदेश के चुनावों पर इस वक्त हर किसी की नजरें टिकी हुई हैं। खासतौर पर पश्चिमी यूपी इस वक्त काफी सुर्खियों में हैं। पश्चिमी यूपी के लोग इस बार चुनावों में किसका साथ देंगे ये देखना दिलचस्प रहेगा। क्योंकि किसान आंदोलन यहां एक बड़ा मुद्दा है और इससे बीजेपी के वोटबैंक पर असर पड़ने की संभावना है। 

इस बीच किसान नेता राकेश टिकैत के भाई नरेश टिकैत हाल ही में केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान से मिले, जिसके बाद यूपी की सियासी हलचल तेज हो गई। इसके बाद अब नरेश टिकैत ने एक बड़ा बयान दे दिया है। 

भारतीय किसान संघ (BKU) के अध्यक्ष नरेश टिकैत (Naresh Tikait) ने कहा है कि इस बार यूपी में 2017 के चुनावों की तरह बीजेपी की कोई लहर नहीं है। नरेश टिकैत आगे बोले कि 2014 से 2019 तक हमने बीजेपी का समर्थन किया। लेकिन अब हम किसी भी पार्टी का समर्थन नहीं करेंगे। हमारा आंदोलन 13 महीनों तक चला, जिसके चलते बीजेपी के लिए किसानों में गुस्सा है। बीजेपी की जो लहर 2017 में थी वो अब नहीं रही। उन्होंने कहा कि मैं सिर्फ पश्चिमी यूपी ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की बात कर रहा हूं। 

नरेश टिकैत ने आगे बताया कि समाजवादी पार्टी (SP), बहुजन समाज पार्टी (BSP), राष्ट्रीय लोक दल (RLS), कांग्रेस BKU से समर्थन मांग चुके हैं। बीजेपी ने भी इशारों में समर्थन मांगा है, लेकिन इस बार किसान अपने विवेक के आधार पर वो डालेंगे। 

उन्‍होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान मेरे स्वास्थ्य के बारे में पूछने आए थे। हमारे बीच में कोई भी राजनीतिक चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कुछ नहीं कहा, लेकिन मेरे स्वास्थ् के लिए मुझसे मिलने आना एक संकेत है कि उन्हें हमारी जरूरत है। RLD-SP गठबंधन के राजपाल बलियान, अशरफ अली और चंदन चौहान भी मिलने आए थे, जबकि BSP से बिजेंद्र मलिक मुलाकात करने आए थे। हर कोई आश्वासन के लिए आ रहा है और मैं किसी को मिलने से नहीं रोक सकता क्योंकि हर कोई हमारे क्षेत्र से है। 

नरेश टिकैत आगे ये भी बोले कि पश्चिमी यूपी के मतदान के रुझान का हमेशा अंतिम परिणामों पर असर पड़ता है। 2017 के चुनावों में BJP ने 76 में से 66 सीटें जीतकर यहां क्लीन स्वीप किया था। ये तब हुआ जब कांग्रेस-सपा ने गठबंधन में एक साथ चुनाव लड़ा था। यहां से तब सपा केवल 4 सीटें ही जीतने में कामयाब रही, जबकि कांग्रेस के खाते में दो सीटें गई थीं।

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