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Auto Sweep Facility: सेविंग अकाउंट में पड़े पैसे से कम कमाई? ‘ऑटो स्वीप’ से पाएं FD जैसा ब्याज और जब चाहें निकालें पैसा

Nandani | Nedrick News Published: 16 Mar 2026, 03:39 PM | Updated: 16 Mar 2026, 04:57 PM

Auto Sweep Facility: अक्सर लोग अपनी बचत का बड़ा हिस्सा सेविंग अकाउंट में ही रखते हैं, क्योंकि वहां से जरूरत पड़ने पर पैसा आसानी से निकाला जा सकता है। लेकिन समस्या यह है कि बचत खाते पर मिलने वाला ब्याज काफी कम होता है। आम तौर पर बैंक सेविंग अकाउंट पर करीब 2.5% से 3.5% सालाना ब्याज देते हैं। दूसरी तरफ फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर ब्याज ज्यादा मिलता है, लेकिन इसमें पैसा एक तय समय के लिए लॉक हो जाता है। अगर बीच में पैसे की जरूरत पड़ जाए और FD तोड़नी पड़े तो बैंक पेनल्टी भी काट लेते हैं, जिससे रिटर्न कम हो जाता है।

इसी समस्या का समाधान बैंकिंग सिस्टम में एक खास सुविधा के रूप में मौजूद है, जिसे ऑटो स्वीप फैसिलिटी कहा जाता है। यह फीचर उन लोगों के लिए खास तौर पर उपयोगी है जो चाहते हैं कि उनका पैसा सेविंग अकाउंट में सुरक्षित भी रहे और उस पर बेहतर ब्याज भी मिलता रहे।

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क्या है ऑटो स्वीप फैसिलिटी? (Auto Sweep Facility)

ऑटो स्वीप फैसिलिटी एक ऐसा बैंकिंग फीचर है जो आपके सेविंग अकाउंट को FD से जोड़ देता है। इसका मतलब यह है कि आपके खाते में अगर एक तय सीमा से ज्यादा पैसा जमा होता है तो बैंक का सिस्टम उस अतिरिक्त रकम को अपने आप FD में बदल देता है। सरल शब्दों में कहें तो आपको अलग से FD बनाने की जरूरत नहीं पड़ती। बैंक का सिस्टम यह पहचान लेता है कि आपके खाते में कितना पैसा जरूरत से ज्यादा है और उसे ज्यादा ब्याज वाले डिपॉजिट में ट्रांसफर कर देता है।

सबसे खास बात यह है कि अगर बाद में आपके सेविंग अकाउंट में बैलेंस कम हो जाता है तो FD से पैसा अपने आप वापस सेविंग अकाउंट में आ जाता है। इसे रिवर्स स्वीप भी कहा जाता है।

यह सुविधा कैसे काम करती है?

जब आप ऑटो स्वीप सर्विस शुरू करते हैं तो आपको बैंक को एक ‘थ्रेशहोल्ड अमाउंट’ यानी न्यूनतम राशि तय करके बतानी होती है। उदाहरण के लिए अगर आपने तय किया कि आपके सेविंग अकाउंट में हमेशा ₹20,000 रहना चाहिए, तो बैंक इसी आधार पर काम करेगा।

मान लीजिए आपके खाते में ₹50,000 जमा हो जाते हैं। इस स्थिति में बैंक ₹20,000 सेविंग अकाउंट में ही रहने देगा और बाकी ₹30,000 को अपने आप FD में बदल देगा। अब इस ₹30,000 पर आपको सेविंग अकाउंट के 3% की जगह FD के बराबर लगभग 6.5% या 7% तक ब्याज मिलने लगेगा।

अगर बाद में आपके खाते से पैसे निकलने के बाद बैलेंस ₹20,000 से कम हो जाता है, तो बैंक FD से पैसे निकालकर अपने आप सेविंग अकाउंट में डाल देगा ताकि न्यूनतम बैलेंस बना रहे। उदाहरण के लिए अगर आपको ₹25,000 की जरूरत है, तो अतिरिक्त ₹5,000 FD से निकलकर आपके खाते में आ जाएगा और आपको अलग से FD तोड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

ऑटो स्वीप के बड़े फायदे

इस सुविधा का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको लिक्विडिटी भी मिलती है और बेहतर ब्याज भी। पारंपरिक FD में पैसा एक तय समय के लिए बंद हो जाता है, जबकि ऑटो स्वीप में पैसा जरूरत पड़ने पर तुरंत उपलब्ध हो जाता है।

यह उन लोगों के लिए खास तौर पर फायदेमंद है जिनकी आय नियमित नहीं होती या जिन्हें अचानक पैसों की जरूरत पड़ती रहती है। इसके अलावा सेविंग अकाउंट में पड़ी छोटी-छोटी अतिरिक्त रकम भी धीरे-धीरे FD में बदलकर बड़ा कॉर्पस बना सकती है, जिस पर ज्यादा ब्याज मिलता है।

कैसे शुरू करें यह सर्विस?

देश के कई बैंक यह सुविधा देते हैं। उदाहरण के तौर पर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में इसे नेट बैंकिंग के जरिए आसानी से एक्टिव किया जा सकता है। सबसे पहले बैंक की इंटरनेट बैंकिंग वेबसाइट पर लॉगिन करें। इसके बाद ‘Deposit & Investment’ सेक्शन में जाकर ‘Deposit’ ऑप्शन चुनें। यहां आपको ‘Auto Sweep Facility’ का विकल्प मिलेगा। जिस खाते को आप लिंक करना चाहते हैं उसे चुनकर आगे बढ़ें। इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP को दर्ज करके पुष्टि करनी होगी। फिर आपको थ्रेशहोल्ड अमाउंट, रिजल्टेंट बैलेंस और स्वीप साइकिल जैसी जानकारी भरनी होगी। प्रक्रिया पूरी करते ही यह सर्विस एक्टिव हो जाती है।

इन बातों का रखें ध्यान

हालांकि यह सुविधा काफी फायदेमंद है, लेकिन कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है। कुछ बैंक इस सेवा के लिए मामूली चार्ज ले सकते हैं। इसके अलावा अगर आप बहुत जल्दी ‘रिवर्स स्वीप’ करते हैं, यानी FD बनने के तुरंत बाद पैसा निकाल लेते हैं, तो उस हिस्से पर ब्याज थोड़ा कम भी मिल सकता है।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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