Trump Iran Talks: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव एक बार फिर सुर्खियों में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने अमेरिका से बातचीत जारी रखने का अनुरोध किया है और अमेरिका इसके लिए तैयार हो गया है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच लागू सीजफायर अब समाप्त हो चुका है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब मध्य पूर्व में हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।
सोशल मीडिया पर ट्रंप का बड़ा दावा| Trump Iran Talks
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने अमेरिका से बातचीत जारी रखने की इच्छा जताई है। उन्होंने लिखा कि अमेरिका ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है और ईरान को यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि दोनों देशों के बीच पहले से लागू सीजफायर अब खत्म हो चुका है। हालांकि ट्रंप ने बातचीत कब और किस स्तर पर होगी या सीजफायर से जुड़ी शर्तें क्या थीं, इस बारे में कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की।
कैसे बढ़ा दोनों देशों के बीच तनाव?
अमेरिका और ईरान के बीच ताजा विवाद की शुरुआत उस समय हुई, जब अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की। अमेरिकी प्रशासन का कहना था कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास तीन व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के पीछे ईरान का हाथ था। अमेरिका ने इन घटनाओं को अपनी कार्रवाई का आधार बताया। हालांकि ईरान ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों के पर्याप्त सबूत नहीं हैं। तेहरान ने शुरुआत से ही अमेरिकी दावों को संदिग्ध बताते हुए उन्हें स्वीकार करने से इनकार किया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना तनाव का केंद्र
वेसल ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, जिन व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया गया था, वे ओमान के तट के पास से गुजर रहे थे। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से बड़ी मात्रा में वैश्विक तेल आपूर्ति होती है। ईरान पहले भी यह कहता रहा है कि इस क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों को उसके निर्धारित समुद्री मार्गों का पालन करना चाहिए। ऐसे में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद इस पूरे इलाके में तनाव और अधिक बढ़ गया।
जवाबी कार्रवाई से और गंभीर हुए हालात
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। बहरीन में अमेरिकी नौसेना का पांचवां बेड़ा तैनात है, इसलिए इस क्षेत्र को रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है। इसी दौरान ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने अमेरिका के MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
कूटनीतिक प्रयासों पर भी बनी हुई नजर
मध्य पूर्व में हाल के हफ्तों में दोनों देशों के बीच सीमित स्तर पर जवाबी हमले जारी रहे हैं। ऐसे माहौल में ट्रंप का यह कहना कि सीजफायर समाप्त हो चुका है, इस बात का संकेत माना जा रहा है कि पहले बनी कूटनीतिक समझ अब कमजोर पड़ रही है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ ही दिन पहले कतर में अमेरिका और ईरान के अधिकारियों के बीच ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अप्रत्यक्ष बातचीत हुई थी।































