Agra News: आगरा में आंबेडकर जयंती के मौके पर जहां शहरभर में जुलूस और कार्यक्रम हो रहे थे, वहीं आवास विकास कॉलोनी में एक रैली के दौरान माहौल बिगड़ने की कोशिश सामने आई। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे बाबा साहब के अनुयायी रैली निकाल रहे थे, तभी कुछ अराजक तत्वों ने स्थिति को तनावपूर्ण बना दिया। बताया जा रहा है कि रैली के दौरान कुछ लोग सेक्टर-6 स्थित परशुराम चौक पर चढ़ गए। वहां लगे धार्मिक प्रतीकों के बीच उन्होंने नीला झंडा लगा दिया, जिससे विवाद शुरू हो गया।
वीडियो वायरल होते ही बढ़ा आक्रोश | Agra News
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। जैसे ही यह वीडियो लोगों तक पहुंचा, ब्राह्मण समाज के लोगों में नाराजगी फैल गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग परशुराम चौक पर इकट्ठा हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और हालात को संभालने की कोशिश की। हालांकि तब तक रैली में शामिल लोग वहां से निकल चुके थे।
जूते पहनकर चढ़ने और तोड़फोड़ के आरोप
ब्राह्मण समाज के लोगों का आरोप है कि कुछ लोगों ने न केवल चौक पर चढ़कर धार्मिक भावनाओं को आहत किया, बल्कि जूते-चप्पल पहनकर वहां पहुंचे। उनका कहना है कि वहां लगे झंडे को हटाने की कोशिश की गई और नीला झंडा लगा दिया गया। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे तोड़ने और पत्थरबाजी के भी आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल भी किया गया, जिससे माहौल और गरमा गया।
दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी, पुलिस ने संभाला मोर्चा
थोड़ी देर बाद उसी रास्ते से एक और रैली निकली, जहां पहले से ब्राह्मण समाज के लोग मौजूद थे। इस दौरान दोनों तरफ से नारेबाजी शुरू हो गई। स्थिति को बिगड़ते देख पुलिस ने हस्तक्षेप किया और लोगों को शांत कराया। ब्राह्मण समाज के नेता मदन मोहन शर्मा ने कहा कि वे भी बाबा साहब का सम्मान करते हैं और जयंती में शामिल हैं, लेकिन कुछ लोगों ने जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश की।
24 घंटे का अल्टीमेटम, कार्रवाई की मांग
घटना के बाद शाम करीब 6 बजे फिर से बड़ी संख्या में लोग परशुराम चौक पर जुटे। इस दौरान ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए गए और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई गई। समाज के लोगों ने पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो वे धरना-प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना है कि इस तरह की घटना किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पार्षद और पुलिस के बयान में अंतर
इस पूरे मामले में स्थानीय पार्षद गौरव शर्मा ने पुलिस के बयान पर सवाल उठाए। उन्होंने एसीपी शेषमणि उपाध्याय से कहा कि घटना को हल्के में लिया जा रहा है। उनका आरोप है कि मौके पर तोड़फोड़ हुई है और पुलिस देर से पहुंची।
वहीं डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने कहा कि रैली के दौरान कुछ युवकों ने चौराहे पर झंडा लगाया था, लेकिन किसी प्रकार की तोड़फोड़ या बड़ा तनाव नहीं हुआ। उन्होंने इसे अफवाह बताते हुए कहा कि एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।
तनाव के बीच प्रशासन सतर्क
फिलहाल इलाके में पुलिस बल तैनात है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। घटना ने एक बार फिर दिखा दिया कि छोटे विवाद भी कैसे बड़ा रूप ले सकते हैं, ऐसे में प्रशासन और समाज दोनों के लिए संयम बनाए रखना बेहद जरूरी है।
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