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76वां स्वतंत्रता दिवस: भारत के इन प्रधानमंत्रियों को नहीं मिला लालकिले से झंडा फहराने का मौका?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 14 Aug 2023, 12:00 AM | Updated: 14 Aug 2023, 12:00 AM

15 अगस्त 1947 को भारत आज़ाद  हुआ और ये आज़ादी देश को करीब 200 साल के बाद मिली. जहां देश के आजाद होने के अगले दिन भारत के पहले प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री ने लालकिले के प्राचीर से तिरंगा फहराया था तो वहीं इस स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आज़ादी के बाद चलाई आ राजी ये परम्परा अभी भी चला रही है. हर साल 15 अगस्त को देश के प्रधानमंत्री लालकिले के प्राचीर से तिरंगा फहराते हैं और देश को संबोधित करते हैं. जब 1947 में देश आजाद हुआ तब से लेकर  हर साल देश के जनता द्वारा चुने गए प्रधानमंत्री लालकिले के प्राचीर से तिरंगा फहराते हैं लेकिन भारत के कई ऐसे हैं प्रधानमंत्री हुए जिन्हें देश का प्रधानमंत्री बनने के बाद भी तिरंगा फहराने का सौभाग्य प्राप्त नहीं हुआ.

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16 अगस्त को फहराया गया था पहली बार तिरंगा 

जानकारी के अनुसार, जहाँ देश के आजाद होने के अगले दिन यानि 16 अगस्त 1947  को भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु ने लालकिले के प्राचीर पर तिरंगा फहराया था. तो इसके बाद  इसके बाद 15 अगस्त 1947 से 15 अगस्त 1964 तक 17 बार भारत के पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु ने लाल किले पर तिरंगा फहराया और अभी तक प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु ही हैं जिन्होंने सबसे अधिक बार ही लाल किले पर तिरंगा फहराया हो.

नेहरु के बाद इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री बनी और उन्होंने 1966 से 1977 के बीच 16 बार लालकिले पर तिरंगा फहराया. वहीं इसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 10 बार लाल किले के प्राचीर से तिरंगा फहराया.

इन 5 प्रधानमंत्रियों को सिर्फ 5 बार मिला मौका 

वहीं अटल बिहारी वाजपेयी ने छह बार तिरंगा फहराया. इसी के साथ राजीव गांधी और नरसिंह राव ने 5 बार लाल किले से झंडा फहराया साथ ही मोरारजी देसाई को दो बार ही लाल किले के प्राचीर से तिरंगा फहराया. जबकि चौधरी चरण सिंह, वीपी सिंह, एचडी देवेगौड़ा, इंद्र कुमार गुजराल, लाल बहादुर शास्त्री ने सिर्फ 1 बार ही लाल किले के प्राचीर से तिरंगा फहराया .

इन प्रधानमंत्री को नही मिला तिरंगा फहराने का मौका 

इसी के साथ गुलजारी लाल नंदा जो कि दो बार देश के प्रधानमंत्री बने लेकिन उन्हें लाल किले के प्राचीर से तिरंगा फहराने का मौका नहीं मिला. वहीं चंद्रशेखर, ये दोनों ही प्रधानमंत्री तो बने लेकिन इन्हें लाल किले की प्राचीर से से तिरंगा फहराने का मौका नहीं मिला.

वहीं इस समय भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  हैं जो अभी तक 8 बार लाल किले पर तिरंगा फहराया है.  इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9वीं बार लाल किले पर तिरंगा फहराएंगे. लाल किले से सबसे लंबा भाषण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया है.  वहीँ अगले 15 अगस्त, 2016 को प्रधानमंत्री मोदी ने 94 मिनट का भाषण दिया था.

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