राज्यसभा के अध्यक्ष धनखड़ का सुप्रीम कोर्ट को कड़ा संदेश, प्रधानमंत्री ने उपराष्ट्रपति को बताया देश के लिए प्रेरणास्रोत

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 07 दिसम्बर 2022, 12:00 AM Updated: 07 दिसम्बर 2022, 12:00 AM
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सुप्रीम कोर्ट को कड़ा संदेश

संसद के शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो गया है और हमारे प्रधानमंत्री (Prime minister) ने सत्र शुरू होने से पहले मीडिया से बातचीत के दौरान बहुत सारी चीजें कही थी। दूसरी तरफ पहली बार राज्यसभा की अध्यक्षता कर रहे उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ (Vice President Jagdeep Dhankhar) ने सत्र के पहले दिन ही सुप्रीम कोर्ट को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC) अधिनियम को रद्द करने वाली सुप्रीम कोर्ट के 2015 के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि अदालत का यह फैसला संसदीय संप्रभुता के साथ “गंभीर समझौते” है और यह “लोगों के जनादेश” की अवहेलना का उदाहरण भी है। 

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सभी को करना होगा अपने-अपने कामों का ईमानदारी से पालन

धनखड़ ने आगे कहा कि, “लोकतंत्र तब आगे बढ़ता है और फलता-फूलता है, जब इसके तीनों स्तम्भ यानि की विधायिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका अपने-अपने कामों का ईमानदारी से पालन करते हैं।” राज्यसभा की अध्यक्षता कर रहे उपराष्ट्रपति धनखड़ की यह बात तो 16 आने सच है लेकिन यही चीज नेताओं को समझने में वो कितने सफल होते है यह देखना दिलचस्प होगा। 

प्रधानमंत्री ने धनखड़ को दी बधाई 

वहीं दूसरी तरफ राज्यसभा की पहली बार अध्यक्षता कर रहे उपराष्ट्रपति धनखड़ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime minister Narendra Modi) ने बधाई दी। उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति एक किसान परिवार से आते है और उन्होंने अपनी पढ़ाई सैनिक स्कूल से पूरी की है। इसी कारण वह किसान और जवान को अच्छे से समझते हैं।

 

प्रधानमंत्री ने उपराष्ट्रपति के संघर्षों की बात करते हुए कहा कि, “उपराष्ट्रपति एक सामान्य परिवार से आते हैं और जिस तरह के  संघर्षों के बीच जीवन यात्रा को आगे बढ़ाते हुए आप जिस स्थान पर पहुंचे हैं, वो देश के कई लोगों के लिए अपने-आप में एक प्रेरणा का कारण है।”

जी-20 की अध्यक्षता दुनिया को अपनी ताकत दिखाने का मौका 

प्रधानमंत्री ने भारत के अमृत महोत्सव और G-20 की अध्यक्षता को लेकर कहा कि, “यह संसद सत्र ऐसे समय आयोजित किया जा रहा है जब हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं और जब भारत ने जी-20 की अध्यक्षता संभाली है।” इससे पहले भी हमारे प्रधानमंत्री ने जी-20 की अध्यक्षता को लेकर कहा था कि यह दुनिया के सामने भारत की ताकत को दिखाने का सुनहरा अवसर है। 

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