मर्डर या सुसाइड? Mahagunpuram Society में छात्र की मौत का वो सीसीटीवी वीडियो, जिसने सबको चौंकाया

[nedrick_meta]
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google
[modern_share]

Mahagunpuram Society Case: गाजियाबाद के कवि नगर इलाके में स्थित महागुनपुरम सोसाइटी में बीती 13 अगस्त को हुई 18 वर्षीय छात्र प्रथम कांत की मौत का मामला अब एक गहरी मिस्ट्री बन चुका है। जहां पुलिस शुरुआती जांच के आधार पर इसे सुसाइड मानकर चल रही है,

वहीं मृतक के परिजनों ने प्रेमिका और उसके परिवार पर सुनियोजित हत्या (Planned Murder) का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। इस बीच परिजनों द्वारा जारी किए गए एक सीसीटीवी वीडियो और घटनास्थल से मिले सबूतों ने पुलिस की थ्योरी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तो चलिए, इस लेख के जरिए विस्तार से जानते हैं कि उस रात असल में क्या हुआ था?

और पढ़ें: ताश के पत्तों की तरह क्यों ढह रही है देश की राजधानी? 6 महीने में 321 हादसों का आखिर जिम्मेदार कौन? | Delhi Building Collapse 2026

क्या हुआ था उस रात

13 अगस्त की उस खौफनाक रात को परिजनों के दावों के अनुसार, 18 वर्षीय प्रथम कांत को उसकी कथित प्रेमिका ने फोन करके महागुनपुरम सोसाइटी बुलाया था, जहाँ रात करीब 9:00 बजे उसके फोन पर “तुम्हारे लिए अच्छा नहीं होगा” जैसी धमकी भरी चैट भी आई थी। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक प्रथम सामान्य रूप से पैदल सोसाइटी में दाखिल हुआ और विनायक टावर की लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों से ऊपर गया, लेकिन इसके महज 25 मिनट के भीतर ही उसकी 14वीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई। इस दौरान सामने आए एक वीडियो में तीन बार ज़ोर से चीखने की आवाजें सुनाई दे रही हैं,

साथ ही प्रथम की पैंट का बटन टूटा हुआ मिला और उसका मोबाइल फोन भी दो टुकड़ों में-आधा 14वीं मंजिल पर और आधा 10वीं मंजिल पर मिला। इन हालातों को देखते हुए परिजनों का आरोप है कि ऋतिका के पिता और भाई ने प्रथम के साथ बर्बरता से मारपीट की और फिर उसे नीचे फेंक दिया, जबकि पुलिस ने जेब में आधार कार्ड होने के बावजूद शव को ‘अज्ञात’ दिखाकर जल्दबाजी में पोस्टमॉर्टम करा दिया, जिससे यह पूरी रात आज भी एक अनसुलझी मिस्ट्री बनी हुई है।

एक लाचार माता-पिता पिछले 3 महीने से अपने जवान बेटे के न्याय के लिए गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही है। हालांकि, पुलिस का दावा है कि यह हत्या नहीं बल्कि आत्महत्या है, लेकिन परिजनों ने इस थ्योरी को स्वीकारने से साफ इंकार कर दिया है।

परिजनों के वो 5 बड़े सवाल (Mahagunpuram Society Case)

परिजनों का कहना है कि प्रथम एक होनहार छात्र और उभरता हुआ बॉक्सर था, जो अपने करियर को लेकर बेहद गंभीर था। घटना की रात 9:00 बजे तक वह बिल्कुल सामान्य था। परिजनों का सवाल है कि जो लड़का सुसाइड करने जाएगा, वह अपनी कथित प्रेमिका के बुलाने पर ही वहां क्यों जाएगा? और अगर उसे खुदकुशी करनी ही थी, तो वह मरने से ठीक पहले मदद के लिए तीन बार ज़ोर-ज़ोर से क्यों चीखेगा, जैसा कि सीसीटीवी के ऑडियो में साफ सुना जा सकता है?


प्रथम का मोबाइल फोन अजीब परिस्थितियों में दो अलग-अलग हिस्सों में टूटा हुआ मिला। उसका आधा हिस्सा 14वीं मंजिल पर लिफ्ट के पास मिला और आधा हिस्सा 10वीं मंजिल की सीढ़ियों पर मिला। परिजनों का सीधा सवाल है कि अगर एक इंसान 14वीं मंजिल से सीधे नीचे कूद जाता है, तो उसका एक ही मोबाइल फोन दो अलग-अलग मंजिलों की सीढ़ियों पर दो टुकड़ों में कैसे बंट सकता है? यह साफ इशारा करता है कि उसके फोन को तोड़ने और साक्ष्य मिटाने के लिए कई मंजिलों पर हाथापाई हुई है।

घटनास्थल के निरीक्षण और प्रथम के शव को देखने के बाद परिजनों ने पाया कि प्रथम की पैंट का बटन टूटा हुआ था। इसके अलावा, जो कैप (टोपी) और हाथ का कड़ा वह हमेशा पहनकर रखता था, वह गायब थे। परिजनों का सवाल है कि बिना किसी झूमाझटकी या मारपीट के पैंट का बटन कैसे टूट सकता है? यह इस बात का पुख्ता सबूत है कि बालकनी से फेंकने से पहले उसके साथ बर्बरता से मारपीट की गई थी।

प्रथम की जेब में उसका आधार कार्ड मौजूद था, जिससे उसकी पहचान पल भर में हो सकती थी। इसके बावजूद, कवि नगर पुलिस ने कागजी कार्रवाई में शव को ‘अज्ञात’ (Unknown) दर्ज किया। परिजनों का गंभीर सवाल है कि आधार कार्ड होने के बाद भी पुलिस ने शव को अज्ञात क्यों लिखा और माता-पिता के मौके पर पहुंचने से पहले ही रात के अंधेरे में पंचनामा करके शव को पोस्टमॉर्टम हाउस क्यों भेज दिया? आखिर पुलिस को किस बात की जल्दबाजी थी?

इतनी बड़ी सोसाइटी की 14वीं मंजिल से गिरकर एक छात्र की मौत हो जाती है, लेकिन पुलिस ने शुरुआत में घटनास्थल पर किसी फॉरेंसिक एक्सपर्ट या फिंगरप्रिंट टीम को नहीं बुलाया। परिजनों का सवाल है कि पुलिस ने सीढ़ियों, 14वीं मंजिल की रेलिंग और टूटे हुए मोबाइल फोन से फिंगरप्रिंट्स लेने की कोशिश क्यों नहीं की? क्या यह वैज्ञानिक सबूतों को सोची-समझी साजिश के तहत नष्ट करने का प्रयास नहीं था?

Rajni

rajni@nedricknews.com

Recent News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds