CJP Protest Abhijeet dipke: अभिजीत दीपके ने फ्लाइट से उतरते ही प्रधानमंत्री मोदी को सीधे ‘तानाशाह’ कह दिया! कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके जैसे ही दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे, उन्होंने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। एयरपोर्ट पर कदम रखते ही उन्होंने पीएम मोदी पर तीखा हमला बोला और पूछा कि ‘क्या इस देश में तिरंगा फहराना जुर्म है?’ दरअसल, आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी के बाद अब CJP और दिल्ली पुलिस के बीच आर-पार की जंग छिड़ गई है।
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Abhijeet dipke ने सरकार पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधते हुए दीपके ने कहा, “अगर आप देश में आपातकाल लगाना चाहते हैं, तो आधिकारिक तौर पर लगाएं। यह अनऑफिशियल इमरजेंसी क्यों चला रहे हैं, जहां सिर्फ जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराने पर लोगों को 5 दिन की कस्टडी में भेज दिया जाता है? कायरों की तरह पुलिस के पीछे छिपना बंद करें।”
Is waving tricolour a crime now, @narendramodi? https://t.co/0ABoNSteEj
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) October 14, 2026
‘तिरंगा लहराना कब से अपराध हो गया?’
उन्होंने देश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पूछा कि मौजूदा सरकार में अपने ही देश की शान तिरंगे को लहराना आखिर कब से शांति भंग करना या अपराध हो गया? दीपके ने साफ किया कि सौरव दास और आशुतोष रांका को पता था कि वहां जाने पर गिरफ्तारी हो सकती है, फिर भी वे सीना तानकर गए। उन्होंने एलान किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक देश भर में यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा और वे झुकेंगे नहीं।
जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या CJP एक अलग राजनीतिक दल बन रही है, तो उन्होंने इससे साफ इनकार किया। दीपके ने कहा, “CJP एक स्वतंत्र प्रेशर ग्रुप है और हमेशा रहेगा। लेकिन हमारा और INDIA ब्लॉक का मकसद अब एक ही है, इसलिए हम उनके साथ खड़े हैं।”
दिल्ली पुलिस पर क्यों भड़की रत्ना
CJP के सह-संयोजकों-सौरव दास और आशुतोष रांका-को 5 दिन की न्यायिक हिरासत तिहाड़ जेल भेजे जाने के तुरंत बाद, रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर दिल्ली पुलिस को ‘झूठा’ करार दिया। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि “दिल्ली पुलिस ने आज कोर्ट के सामने सफेद झूठ बोला कि कल जंतर-मंतर पर दूसरे प्रदर्शनकारियों को शामिल होने के लिए CJP द्वारा सार्वजनिक बुलावा दिया गया था। यह पूरी तरह से गलत है! ऐसा कोई पब्लिक कॉल कभी नहीं किया गया था।”
Delhi police lied in front of court today that a call was given for other protesters to join at Jantar Mantar yesterday.
Absolutely false! No public call was ever made.
I feel bad that police has to act on orders from “top”- itni wafadari!
— Ratna Singh (@whattalawyer) October 14, 2026
प्रकाश राज ने सरकार को दी चेतावनी
अभिनेता और एक्टिविस्ट प्रकाश राज ने जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने के आरोप में CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिन की न्यायिक हिरासत तिहाड़ जेल भेजे जाने और जंतर-मंतर को विरोध स्थल की सूची से हटाए जाने पर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो जारी कर कहा कि जनता की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता।
CJP नेताओं की गिरफ्तारी और जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों को प्रतिबंधित किए जाने से नाराज प्रकाश राज ने सरकार को ललकारते हुए कहा “आप विरोध का स्थान बदल सकते हैं, लोगों को रोक सकते हैं, लेकिन इस देश की आवाज़ को नहीं दबा सकते। अगर प्रशासन जनता के असंतोष को दबाने की कोशिश करेगा, तो पूरा देश जंतर-मंतर बन जाएगा।”
Fraaand .. five days of judicial custody for protesting with the National Flag 😂😂😂 how desperate you are #justasking https://t.co/Ho6JAWk6BT
— Prakash Raj (@prakashraaj) October 14, 2026
प्रकाश राज ने देश की न्याय व्यवस्था और सरकार के तालमेल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि, “जंतर-मंतर पर अपने ही देश का राष्ट्रीय ध्वज, तिरंगा फहराने के लिए युवाओं को कस्टडी में भेजना कानून की नजर में एक शर्मनाक बात है।” उन्होंने इसे लोकतंत्र और संविधान को बचाने के आंदोलन को कुचलने की एक नाकाम कोशिश करार दिया।
इससे पहले भी दिल्ली में CJP कार्यकर्ताओं पर हुए पुलिस क्रैकडाउन पर गुस्सा जाहिर करते हुए प्रकाश राज ने सरकार पर तंज कसा था कि, “दोस्त… तुम एक नदी को कब तक रोक पाओगे? तुमने हमें गिरफ्तार नहीं किया है, बल्कि तुमने खुद को अपने डर की बेड़ियों में गिरफ्तार कर लिया है।”
उन्होंने जंतर-मंतर को विरोध स्थल की सूची से हटाए जाने के फैसले का मज़ाक उड़ाते हुए पूछा कि क्या अब सरकार चाहती है कि लोग विरोध प्रदर्शन करने के लिए हिमालय, किसी रेगिस्तान या अंडमान-निकोबार द्वीप समूह चले जाएं?













































