बारिश ने खोली स्मार्ट सिटी की पोल! दिल्ली-NCR से पहाड़ों तक जलसैलाब, सिस्टम बेबस| Delhi NCR Rain

Nandani | Nedrick News New Delhi Published: 09 अगस्त 2026, 09:30 PM Updated: 09 अगस्त 2026, 09:30 PM
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google

Delhi-NCR Rain: देश के कई हिस्सों में मानसून की बारिश अब राहत से ज्यादा आफत बनती जा रही है। पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश और भूस्खलन से जान-माल का नुकसान हो रहा है, तो दिल्ली-NCR जैसे हाईटेक शहर भी कुछ घंटों की बारिश में जलभराव, ट्रैफिक जाम और बंद पड़े ड्रेनेज सिस्टम से जूझ रहे हैं। अस्पतालों, सड़कों, अंडरपास और पॉश सोसायटियों तक पानी पहुंच गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या हर साल करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद शहरों का जल निकासी सिस्टम बढ़ती आबादी और बदलते मौसम के सामने फेल हो चुका है?

और पढ़ें: मैं बाबा बागेश्वर तो नहीं हूं… PM मोदी की इस बात पर खूब हंसे IIT छात्र, फिर दिया जिंदगी का बड़ा मंत्र| PM Modi IIT Delhi Speech

दिल्ली में 15 साल का बारिश का रिकॉर्ड टूटा| Delhi NCR Rain

दिल्ली में अगस्त के पहले सप्ताह में करीब 127 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। यह पिछले 15 वर्षों में अगस्त के पहले सात दिनों के दौरान हुई सबसे ज्यादा बारिश बताई जा रही है। साल 2011 के बाद पहली बार इस अवधि में इतनी अधिक बारिश दर्ज हुई है। मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि नोएडा और गाजियाबाद में ऑरेंज अलर्ट है। लगातार बारिश के बाद गुरुग्राम की कई सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। जलभराव और ट्रैफिक की स्थिति को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और ट्रैफिक पुलिस ने कॉर्पोरेट और निजी संस्थानों को कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी।

दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर पानी भरने और कई वाहनों के बंद हो जाने से लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा। गुरुग्राम के कई सेक्टरों में निचले इलाकों की सोसायटियों के मुख्य गेट और बेसमेंट तक पानी पहुंच गया। कई परिवारों को घरों में ही रहने के लिए मजबूर होना पड़ा।

250 करोड़ रुपये की तैयारियों के बाद भी अस्पताल डूबा

दिल्ली में मानसून से पहले नालों की सफाई, पंप लगाने और जल निकासी की तैयारियों पर हर साल करीब 250 करोड़ रुपये तक खर्च होने की बात सामने आती है। PWD, MCD और सिंचाई विभाग पर इससे जुड़ी जिम्मेदारियां हैं। लेकिन इस बार की बारिश ने इन तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

राजधानी के सफदरजंग अस्पताल में मूसलाधार बारिश के बाद घुटनों तक पानी भर गया। अस्पताल परिसर, गैलरी और सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के आसपास जलभराव के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी हुई। कई मरीजों को स्ट्रेचर पर और कुछ को गोद में उठाकर पानी के बीच से ले जाना पड़ा।

अस्पताल के पिछले रास्ते भी पानी भरने के कारण बंद कर दिए गए। सफदरजंग इलाके में शुक्रवार रात 11:30 बजे से 2:30 बजे तक 16.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद अगले तीन घंटों में 1.6 मिलीमीटर बारिश हुई। आगे भी बारिश का अलर्ट जारी होने से अस्पताल और आसपास के इलाकों में स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई है।

गुरुग्राम की चमक पर बारिश ने फेर दिया पानी

गुरुग्राम को देश के बड़े IT और कॉरपोरेट हब के तौर पर जाना जाता है। यहां मल्टीनेशनल कंपनियों के दफ्तर, फॉर्च्यून 500 कंपनियों के मुख्यालय और करोड़ों रुपये की लग्जरी सोसायटियां हैं। लेकिन बारिश के बाद शहर की तस्वीर कुछ और ही नजर आई। गोल्फ कोर्स रोड स्थित द कैमिलियास सोसायटी के बाहर घुटनों तक पानी भर गया। जलभराव के कारण सड़क पर ट्रैफिक प्रभावित हुआ और इसके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए।

गुरुग्राम के प्रसिद्ध श्री माता शीतला देवी मंदिर के बाहर भी 2 से 4 फीट तक पानी जमा हो गया। इससे श्रद्धालुओं को काफी दिक्कत हुई। सामान्य दिनों में मंदिर में रोज करीब 5,000 से 10,000 श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

फरीदाबाद में 25 फीट पानी में डूबा अंडरपास

फरीदाबाद में ओल्ड रेलवे अंडरपास बारिश के बाद पूरी तरह जलमग्न हो गया। पानी का स्तर कई फीट तक पहुंच गया और अंडरपास करीब 25 फीट पानी में डूब गया। यहां एक स्कूल बस और कार भी फंस गई। पानी में फंसी कार को ट्रैक्टर की मदद से बाहर निकाला गया और उसमें मौजूद व्यक्ति की जान बचाई गई। यह घटना बताती है कि भारी बारिश के दौरान शहरों के अंडरपास कितने बड़े खतरे में बदल सकते हैं।

 नोएडा में अंडरपास बने मुसीबत, जेवर में गंदे पानी से गुजर रहे बच्चे

नोएडा में भी बारिश ने जल निकासी व्यवस्था की कमजोरियां सामने ला दीं। अंडरपास में पानी भरने से कई गाड़ियां बंद हो गईं। लोगों को खुद अपनी गाड़ियों को धक्का देकर बाहर निकालना पड़ा। पानी की निकासी का पर्याप्त इंतजाम नहीं होने को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं। ग्रेटर नोएडा के जेवर में बच्चों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ।

दिल्ली समेत 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। NCR के अलावा उत्तरी केरल, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में भी सतर्कता बढ़ाई गई है। IMD के मुताबिक भारी बारिश वाले बादलों का एक बड़ा सिस्टम NCR के पश्चिम से हरियाणा की तरफ बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश में सक्रिय बारिश की पट्टियां भी दिल्ली-NCR की तरफ बढ़ सकती हैं। विभाग ने सुबह 11 बजे से रात 8 बजे के बीच 20 से 60 मिलीमीटर तक मध्यम से भारी बारिश के कई दौर की संभावना जताई है।

अंडमान-निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, चंडीगढ़-दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, लक्षद्वीप, मध्य महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, उत्तराखंड और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश की संभावना है।

पहाड़ों पर बारिश और भूस्खलन ने बढ़ाई मुश्किल

मैदानी इलाकों में जलभराव से जूझ रहे लोगों के सामने पहाड़ी राज्यों में इससे भी बड़ा खतरा है। हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश और भूस्खलन से 185 से ज्यादा सड़कें बंद हैं। मंडी में 92 और कुल्लू में 48 सड़कें प्रभावित हुई हैं।

चंबा में यात्रियों से भरी बस पलटने से सात लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। बारिश के कारण बिजली और पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। 104 ट्रांसफॉर्मर और 77 जलापूर्ति योजनाएं बंद बताई जा रही हैं। शिमला, मनाली और धर्मशाला में भी बारिश के कारण हालात बिगड़े हुए हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक हिमाचल में अब तक 800 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो चुका है।

असम से केरल तक बारिश ने मचाई तबाही

बारिश और बाढ़ की मार सिर्फ दिल्ली-NCR या पहाड़ी राज्यों तक सीमित नहीं है। देश के 15 से ज्यादा राज्य मानसूनी बारिश की चपेट में हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक देशभर में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। असम में बाढ़ और बारिश से 98 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। राज्य के 13 जिलों में करीब 1.55 लाख लोग प्रभावित बताए गए हैं। केरल में भी बारिश से 26 लोगों की मौत हुई है। गुवाहाटी और आसपास के इलाकों में IMD ने अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी है। निचले इलाकों और अंडरपास में जलभराव के साथ ट्रैफिक प्रभावित होने और विजिबिलिटी कम होने की आशंका जताई गई है।

जम्मू-कश्मीर में 9 से 11 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट

जम्मू-कश्मीर में 9 से 11 अगस्त के बीच मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और जलभराव की आशंका है। कई प्रमुख रास्तों पर चट्टान और मलबा गिरने से आवाजाही प्रभावित हो रही है। अमरनाथ यात्रा और वैष्णो देवी यात्रा के मार्गों पर भी बार-बार रुकावट की स्थिति बन रही है।

बारिश के बहाने कितने दिन चलेगा सिस्टम को दोष देना?

बारिश हर साल आती है, लेकिन सवाल यह है कि शहर हर साल उसी तरह क्यों डूबते हैं? क्या नालों की सफाई सिर्फ मानसून से पहले की जाने वाली एक औपचारिकता बनकर रह गई है? क्या करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद ड्रेनेज सिस्टम को आधुनिक शहरों की जरूरत के मुताबिक अपग्रेड नहीं किया गया?

बढ़ती आबादी, लगातार फैलता कंक्रीट और जमीन की घटती पानी सोखने की क्षमता ने समस्या को और गंभीर बना दिया है। दूसरी तरफ हर बड़ी बारिश के बाद जिम्मेदारी मौसम और कुदरत के सिर डाल देना सबसे आसान रास्ता बन गया है।

और पढ़ें: Old Monk से Royal Challenge तक… FSSAI ने कई मशहूर शराब ब्रांडों पर लगाया बैन| FSSAI Liquor Ban

Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

Recent News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds