Bollywood remake movies: बॉलीवुड में रीमेक फिल्मों का चलन नया नहीं है। कई बार पुरानी फिल्मों को नए कलाकारों, आधुनिक तकनीक और बड़े बजट के साथ दोबारा पर्दे पर उतारा गया है। हालांकि, कुछ फिल्में ऐसी भी हैं जिनका सिर्फ नाम ही नहीं, बल्कि पूरी कहानी भी लगभग पहले जैसी ही रखी गई। इसके बावजूद इन फिल्मों ने नए दौर के दर्शकों का भी दिल जीत लिया। यही वजह है कि ये फिल्में आज भी बॉलीवुड की सबसे सफल रीमेक फिल्मों में गिनी जाती हैं। आइए जानते हैं ऐसी ही पांच फिल्मों के बारे में, जिनकी कहानी वर्षों बाद भी लगभग वैसी ही रही, लेकिन दर्शकों का प्यार दोनों दौर में बराबर मिला।
देवदास: दो पीढ़ियों ने देखा एक ही दर्दभरा प्यार| Bollywood remake movies
शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के प्रसिद्ध उपन्यास पर आधारित ‘देवदास’ भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित प्रेम कहानियों में से एक है। साल 1955 में निर्देशक बिमल रॉय ने इसे दिलीप कुमार, सुचित्रा सेन और वैजयंतीमाला के साथ बड़े पर्दे पर उतारा था। इसके करीब 47 साल बाद संजय लीला भंसाली ने 2002 में इसी कहानी को शाहरुख खान, ऐश्वर्या राय और माधुरी दीक्षित के साथ नए अंदाज में पेश किया।
दोनों फिल्मों में बचपन के दोस्त देवदास और पारो की अधूरी प्रेम कहानी, समाज और परिवार की बंदिशों के कारण उनका बिछड़ना और देवदास का शराब की लत में डूब जाना मुख्य कथानक रहा। फर्क सिर्फ इतना था कि नई फिल्म में भव्य सेट, शानदार संगीत और आधुनिक सिनेमाई तकनीक देखने को मिली, जबकि मूल कहानी और उसका अंत पहले जैसा ही रखा गया।
अग्निपथ: बदला वही, अंदाज बदला
साल 1990 में रिलीज हुई मुकुल आनंद की ‘अग्निपथ’ में अमिताभ बच्चन ने विजय दीनानाथ चौहान का यादगार किरदार निभाया था। वहीं 2012 में करण मल्होत्रा ने इसी कहानी को ऋतिक रोशन के साथ दोबारा बनाया। दोनों फिल्मों में कहानी एक ऐसे बेटे की है, जो अपने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए अपराध की दुनिया में कदम रखता है और आखिरकार अपने सबसे बड़े दुश्मन कांचा चीना का सामना करता है। नई फिल्म में किरदारों को ज्यादा गंभीर और एक्शन से भरपूर अंदाज में दिखाया गया, लेकिन कहानी का मूल ढांचा पहले जैसा ही रहा।
पति पत्नी और वो: कॉमेडी का वही फॉर्मूला, नई प्रस्तुति
1978 में बी.आर. चोपड़ा की फिल्म ‘पति पत्नी और वो’ अपने समय की लोकप्रिय कॉमेडी फिल्मों में शामिल रही। इसमें संजीव कुमार, विद्या सिन्हा और रंजीता ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। इसके 41 साल बाद 2019 में इसी नाम से कार्तिक आर्यन, भूमि पेडनेकर और अनन्या पांडे स्टारर रीमेक रिलीज हुई। दोनों फिल्मों की कहानी एक शादीशुदा व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी पत्नी से झूठ बोलकर दूसरी महिला को प्रभावित करने की कोशिश करता है। हालांकि नई फिल्म में सोशल मीडिया और आधुनिक रिश्तों का तड़का लगाया गया, लेकिन कहानी का आधार वही रखा गया।
जुड़वा और जुड़वा 2: बदली स्टारकास्ट, नहीं बदली कहानी
डेविड धवन ने 1997 में सलमान खान के साथ ‘जुड़वा’ बनाई थी, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया। 2017 में उन्होंने अपने बेटे वरुण धवन के साथ ‘जुड़वा 2’ बनाई। दोनों फिल्मों में जन्म के समय बिछड़े जुड़वां भाइयों की कहानी दिखाई गई, जिनके बीच एक अनोखा शारीरिक जुड़ाव होता है। एक भाई के साथ जो भी होता है, उसका असर दूसरे पर भी दिखाई देता है। दोनों फिल्मों में विलेन, रोमांस, कॉमेडी और क्लाइमेक्स का ढांचा लगभग समान रहा।
परिणीता: समय बदला, मोहब्बत की कहानी नहीं
शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास पर आधारित ‘परिणीता’ भी दो अलग-अलग दौर में एक ही कहानी के साथ बनाई गई। 1953 में आई फिल्म में अशोक कुमार और मीना कुमारी मुख्य भूमिका में थे, जबकि 2005 में प्रदीप सरकार ने सैफ अली खान और विद्या बालन के साथ इसे नए रूप में पेश किया। दोनों फिल्मों में बचपन के दोस्त ललिता और शेखर की प्रेम कहानी दिखाई गई, जिनके रिश्ते के बीच परिवार और सामाजिक परिस्थितियां दीवार बन जाती हैं। नई फिल्म में सिनेमाई प्रस्तुति बदली, लेकिन भावनाएं, किरदार और कहानी का मूल स्वरूप पहले जैसा ही रखा गया।












































