Amavasya के दिन कुत्ते को भगाया तो भुगतने पड़ेंगे ये 3 भयानक अंजाम!

Rajni | Nedrick News Ghaziabad Published: 05 अगस्त 2026, 11:29 PM Updated: 05 अगस्त 2026, 11:29 PM
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Amavasya rules: क्या आप जानते हैं कि इस बार 12 अगस्त को आने वाली श्रावण अमावस्या के दिन आपके दरवाजे पर आया एक साधारण सा कुत्ता आपकी किस्मत बदल सकता है या फिर उसे पूरी तरह तबाह कर सकता है? हिंदू सनातन धर्म में अमावस्या तिथि को पितरों और देवताओं की तृप्ति के लिए विशेष माना गया है। इस दिन किए गए उपाय जितने पुण्य फल देते हैं, अनजाने में की गई गलतियां उतनी ही भारी पड़ती हैं।

अयोध्या के विद्वान पंडितों का मानना है कि अमावस्या के दिन घर आए कुत्ते को भूलकर भी नहीं भगाना चाहिए। शास्त्रों में इसे अत्यंत घातक और नुकसानदेह बताया गया है। तो चलिए इस लेख के जरिए जानते हैं इसके पीछे छिपे रहस्य और इसके ज्योतिषीय महत्व को।

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Amavasya के दिन कुत्ते को भगाना नुकसानदेह

अमावस्या (Amavasya ) के दिन कुत्ते को भगाना या प्रताड़ित करना धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से अत्यंत घातक और नुकसानदेह माना जाता है। हिंदू शास्त्रों और अयोध्या के विद्वानों के अनुसार, अमावस्या तिथि पितरों (पूर्वजों) और न्याय के देवता शनिदेव व भगवान भैरव को समर्पित होती है। इस दिन दरवाजे पर आए किसी भी जीव, विशेषकर कुत्ते को दुत्कारने से जीवन में कई गंभीर संकट आ सकते हैं। आइए जानते हैं इसके पीछे के 3 सबसे बड़े कारण:

पितृ दोष का खतरा

शास्त्रों के अनुसार, अमावस्या (Amavasya ) के दिन हमारे पूर्वज किसी न किसी रूप में धरती पर आते हैं। इस दिन ‘पंचबलि’ कर्म के तहत गाय, कौआ और कुत्ते को भोजन कराने का नियम है। ऐसा माना जाता है कि कुत्ते को दिया गया भोजन सीधे पितरों तक पहुंचता है। यदि आप इस दिन कुत्ते को भूखा भगाते हैं, तो पितर अतृप्त होकर लौट जाते हैं, जिससे परिवार को भयानक पितृ दोष और वंश वृद्धि में रुकावट का सामना करना पड़ सकता है।

भगवान भैरव और शनिदेव की नाराजगी

कुत्ता भगवान शिव के उग्र रूप भगवान कालभैरव का वाहन है। इसके साथ ही इसका संबंध राहु-केतु और शनि ग्रह से भी माना जाता है। अमावस्या पर कुत्ते को मारने या भगाने से राहु-केतु का दुष्प्रभाव बढ़ता है और शनिदेव रुष्ट होते हैं, जिससे व्यक्ति को अकाल मृत्यु का भय, आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव घेर लेता है।

नकारात्मक ऊर्जाओं का प्रभाव

अयोध्या के ज्योतिषियों के अनुसार, अमावस्या (Amavasya ) की रात नकारात्मक शक्तियां अधिक सक्रिय होती हैं। कुत्तों में इन सूक्ष्म और अदृश्य ऊर्जाओं को देखने की अद्भुत क्षमता होती है। घर के आसपास कुत्ते की मौजूदगी एक सुरक्षा कवच की तरह काम करती है। उसे भगाने से घर में नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश आसानी से हो सकता है।

Amavasya के दिन क्या उपाय करें?

यदि आप अपने जीवन के कष्टों को दूर करना चाहते हैं, तो अमावस्या के दिन काले या किसी भी रंग के कुत्ते को सरसों का तेल लगी हुई रोटी या दूध-चावल खिलाएं। ऐसा करने से कुंडली के ग्रह दोष शांत होते हैं, सात जन्मों की दरिद्रता दूर होती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है

Rajni

rajni@nedricknews.com

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