Top 5 Ghaziabad News: गाजियाबाद से पाँच बड़ी खबरें सामने आ रही हैं,जो सीधे तौर पर कानून-व्यवस्था, बिजली उपभोक्ताओं, स्वास्थ्य सेवाओं और आपके अपने आशियाने के सपने से जुड़ी हैं। मधुबन बापूधाम क्षेत्र में युवक की बीच सड़क बेरहमी से पिटाई, करीब 20 मिनट तक बंधक बनाकर लगाया एक किलोमीटर लंबा जाम; पुलिस ने किया मामला शांत।
गाजियाबाद में 1.64 करोड़ रुपये का बिल बकाया होने पर 1,735 डिफ़ॉल्टरों के काटे गए कनेक्शन; स्मार्ट मीटर वाले घरों की रिमोट तकनीक से बत्ती गुल। एमएमजी अस्पताल में नर्सों के साथ मारपीट और आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज डॉक्टरों और स्टाफ का कार्य बहिष्कार; ओपीडी ठप होने से 1,700 से अधिक मरीज परेशान।
GDA की मधुबन बापूधाम भूखंड योजना के 350 प्लॉट्स के लिए आए रिकॉर्ड 42,511 आवेदन; अगस्त में डिजिटल ई-लॉटरी से होगा फैसला, एकमुश्त भुगतान पर मिलेगी 6% तक की छूट।
सितंबर तक 10,000 लाभार्थियों को फ्लैटों की चाबी सौंपने की युद्धस्तर पर तैयारी; केंद्र की सख्त हिदायत के बाद GDA ने निर्माण कार्यों की रफ्तार बढ़ाई। तो चलिए इस लेख के जरिए इन सभी खबरों को विस्तार से जानते हैं।
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कांवड़ छूने पर बवाल!
गाजियाबाद की पहली खबर मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र से जहां गुलधर रेलवे स्टेशन के पास की है, जहां कांवड़ छूने और खंडित होने के आरोप में कांवड़ियों ने एक इमरान नामक युवक की बीच सड़क पर बेरहमी से पिटाई कर दी और उसे करीब 20 मिनट तक बंधक बनाए रखा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले कांवड़िए सोनू कुमार अपने साथियों के साथ हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे थे। रास्ते में कंपनी से काम करके लौट रहे मजदूर इमरान का कांवड़ से हल्का सा स्पर्श हो गया।
कांवड़ियों ने आरोप लगाया कि युवक के छूने से उनकी कांवड़ खंडित हो गई, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। गुस्साए कांवड़ियों ने इमरान पर थप्पड़ और घूंसे बरसाए और करीब 20 मिनट तक उसे बंधक बनाकर रखा, जिससे उसके सिर और चेहरे पर चोटें आईं। बीच सड़क पर हुए इस बवाल और हंगामे को देखने के लिए आसपास के लोग जुट गए,
जिससे सड़क के दोनों ओर करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया। गुलधर स्टेशन के पास करीब 20 मिनट तक गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह बाधित रही। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और इमरान को भीड़ के चंगुल से निकालकर हिरासत में लिया।
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, एसीपी कविनगर सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कांवड़ खंडित होने की बात सामने नहीं आई है, यह केवल एक अफवाह थी। पुलिस ने कांवड़ियों को शांत कराया और उनकी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कांवड़ की विधि-विधान से दोबारा पूजा और शुद्धिकरण कराया, जिसके बाद कांवड़िए आगे रवाना हुए।
बिजली विभाग की बड़ी कार्रवाई (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की दूसरी खबर बिजली उपभोक्ताओं से जुड़ी है, जहां विद्युत निगम ने बकाया बिजली बिलों की वसूली के लिए बड़े स्तर पर विशेष अभियान चलाया है, जिसके तहत 1,735 डिफ़ॉल्टर उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काट दिए गए हैं। इन उपभोक्ताओं पर कुल 1.64 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विद्युत निगम ने ऐसे उपभोक्ताओं को लक्षित किया है जिन्होंने पिछले लगातार दो महीनों से अपने बिजली बिलों का भुगतान नहीं किया है। गाजियाबाद के शहरी क्षेत्रों (जोन-प्रथम) में कुल 75,995 बकायेदारों को चिह्नित किया गया है, जिन पर विभाग का कुल 19.59 करोड़ रुपये बकाया है।
जिन बकायेदारों के घरों में स्मार्ट मीटर लगे हैं, उनके कनेक्शन मुख्यालय से सिस्टम द्वारा रिमोट तकनीक (स्वचालित रूप से) से काटे जा रहे हैं। जिन घरों में पारंपरिक (नॉन-स्मार्ट) मीटर हैं, वहाँ विद्युत निगम के अवर अभियंता (जेई) और लाइनमैन खुद मौके पर पहुंचकर मैन्युअली कनेक्शन काट रहे हैं।
विद्युत निगम के आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक बकायेदार डिवीजन-नौ में हैं, जहाँ अकेले 28,072 उपभोक्ताओं पर करीब 7.32 करोड़ रुपये बकाया हैं। यदि कोई उपभोक्ता कार्रवाई के बाद अपना पूरा बकाया डिजिटल या ऑफलाइन माध्यम से तुरंत जमा कर देता है, तो उसका कनेक्शन प्राथमिकता के आधार पर वापस जोड़ (रीकनेक्ट) दिया जाएगा।
स्वास्थ्यकर्मियों का बड़ा प्रदर्शन (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की तीसरी खबर स्वास्थ्यकर्मियों के विरोध प्रदर्शन को लेकर जहां एमएमजी (MMG) अस्पताल में सफाईकर्मियों और समस्त स्वास्थ्यकर्मियों ने अपनी सुरक्षा को लेकर कार्य बहिष्कार कर अस्पताल परिसर में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया है। इस हड़ताल के कारण अस्पताल की ओपीडी (OPD) सेवाएं पूरी तरह ठप हो गईं, जिससे इलाज के लिए आए हजारों मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल में भर्ती एक मरीज अरविंद कुमार मिश्रा की पत्नी पर आरोप है कि उसने ड्यूटी पर तैनात तीन स्टाफ नर्सों (हिना विक्टर, दीपा और अलका) के साथ अभद्रता की और उनके साथ जमकर मारपीट की। इस दौरान नर्सों के एप्रन तक फाड़ दिए गए।
इस घटना के संबंध में अस्पताल प्रबंधन द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। स्वास्थ्यकर्मियों का आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के कई दिन बीत जाने के बाद भी कोतवाली पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार नहीं किया। पुलिस की इस ढीली कार्रवाई से नाराज होकर अस्पताल के सफाईकर्मी, वार्ड ब्वॉय, नर्स, फार्मासिस्ट और डॉक्टर एकजुट हो गए और उन्होंने पूरी तरह काम बंद कर दिया।
सभी प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में इमरजेंसी वॉर्ड के बाहर दरी बिछाकर धरना शुरू कर दिया और स्थानीय पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्य बहिष्कार के कारण उमस भरी गर्मी में गाजियाबाद और आसपास के इलाकों से आए करीब 1,700 से अधिक मरीज बिना इलाज और दवाओं के भटकने को मजबूर हो गए।
कर्मचारियों का कहना है कि अस्पताल में अक्सर डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के साथ तीमारदार मारपीट और बदसलूकी करते हैं। इससे पहले भी इमरजेंसी में तैनात एक कर्मचारी पर चाकू से जानलेवा हमला किया गया था, लेकिन पुलिस ने उस मामले में भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि जब तक उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे सुरक्षित माहौल में काम नहीं कर पाएंगे।
आवासीय योजना को बंपर रिस्पॉन्स (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की चौथी खबर आवासीय योजना को लेकर है। जहां GDA की ‘अपनी जमीन अपना आसमान’ (मधुबन बापूधाम आवासीय भूखंड योजना 2026) को जनता द्वारा जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। प्राधिकरण को योजना के तहत उपलब्ध कराए गए 350 आवासीय भूखंडों के लिए कुल 42,511 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि औसतन एक भूखंड पर करीब 121 आवेदकों ने दावेदारी पेश की है, जिसके आवंटन के लिए अगस्त माह में डिजिटल ई-लॉटरी (ड्रा) का आयोजन किया जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह योजना उन लोगों के लिए शुरू की गई है जो बहुमंजिला फ्लैट खरीदने के बजाय प्राधिकरण की विकसित और सुरक्षित टाउनशिप में अपनी जमीन पर स्वतंत्र घर बनाना चाहते हैं। योजना के अंतर्गत 40 वर्गमीटर से लेकर 200 वर्गमीटर (जैसे 40, 60, 90, 112.50, 120, 150 और 200 वर्गमीटर) तक के विभिन्न श्रेणी के प्लॉट्स शामिल हैं।
GDA ने सभी श्रेणियों के लिए 35,000 रुपये प्रति वर्गमीटर की एकसमान आवंटन दर तय की है। इसके तहत भूखंडों की शुरुआती कीमत लगभग 14 लाख रुपये से शुरू होकर अधिकतम आकार के लिए 70 लाख रुपये तक जाती है। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंजीकरण शुल्क और किस्तों के रूप में GDA को करीब 1,334.40 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। फिलहाल सभी दस्तावेजों का सत्यापन चल रहा है।
रियायती ढांचा और छूट के नियम
आवंटन (ड्रा) में नाम आने के बाद भुगतान करने के तरीकों के आधार पर GDA ने एक विशेष रियायती ढांचा (Tiered Discount Structure) तैयार किया है। 6 प्रतिशत की छूट, यदि सफल आवेदक अलॉटमेंट लेटर जारी होने के 45 दिनों के भीतर पूरी बकाया राशि का एकमुश्त भुगतान कर देता है। 5 प्रतिशत की छूट, यदि पूरी बकाया राशि का भुगतान अलॉटमेंट लेटर मिलने के 60 दिनों के भीतर किया जाता है।
4 प्रतिशत की छूट, यदि आवंटन पत्र मिलने के 90 दिनों के भीतर पूरा भुगतान किया जाता है। यदि कोई एकमुश्त भुगतान नहीं कर पाता है, तो उसे पहली किस्त (सामान्य श्रेणी के लिए 15% और आरक्षित के लिए 20%) जमा करने के बाद शेष राशि को 10% वार्षिक ब्याज के साथ 8 त्रैमासिक किस्तों में चुकाने का विकल्प भी मिलता है।
किसी भी प्रकार के मानवीय हस्तक्षेप या पक्षपात को रोकने के लिए GDA इस योजना का आवंटन पूरी तरह कंप्यूटरीकृत डिजिटल ई-लॉटरी (E-Lottery) प्रणाली के माध्यम से करेगा। अगस्त में होने वाले इस ड्रा में आवेदन करने वाले सभी वैध पंजीकरण धारकों को बराबर का मौका मिलेगा।
पीएम आवास योजना में तेजी (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की पांचवी खबर पीएम आवास योजना को लेकर है, जहां GDA सितंबर 2026 तक प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत लगभग 10,000 लाभार्थियों को फ्लैटों का कब्जा सौंपने और घर की चाबी देने की युद्धस्तर पर तैयारी कर रहा है। केंद्र सरकार से मिली सख्त हिदायत और 30 सितंबर की समय-सीमा (डेडलाइन) के बाद प्राधिकरण ने निर्माण कार्यों की रफ्तार बढ़ा दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पूरी महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत कुल 10,000 फ्लैटों की समीक्षा की गई है।
इनमें से करीब 4,000 फ्लैटों का निर्माण स्वयं गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) अपनी विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से कर रहा है। शेष करीब 6,000 फ्लैट निजी बिल्डरों के सहयोग से ‘अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप’ (AHP) मॉडल के तहत तैयार किए जा रहे हैं। इसके तहत GDA के 5 और निजी बिल्डरों के 11 प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। “जीडीए सचिव विवेक मिश्र के अनुसार, बिल्डरों को 30 अगस्त तक हर हाल में निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं” ताकि आखिरी दौर की फिनिशिंग समय पर पूरी हो सके।
“30 सितंबर तक पूरी योजना की प्रगति रिपोर्ट मांगी है”। इसी तारीख तक सभी पात्र गरीब और मध्यमवर्गीय लाभार्थियों को उनके फ्लैटों का पजेशन (कब्जा) सौंपने का लक्ष्य है। यह किफायती आवास गाजियाबाद के विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें मुख्य रूप से मधुबन-बापूधाम, डासना, प्रताप विहार, नूरनगर और निवाड़ी शामिल हैं। इस इलाके में 856 फ्लैट पूरी तरह तैयार हैं और प्राधिकरण ने यहाँ के आवंटियों के नाम रजिस्ट्री कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
सुरक्षा के लिहाज से सभी निर्माणाधीन आवासों में अग्निशमन (Fire Safety) के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं और इसके टेंडर जारी हो चुके हैं। जलभराव और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए सीवरेज की समस्या से निपटने के लिए एसटीपी (STP) प्लांट लगाने का काम भी तेजी से निपटाया जा रहा है।
































