NTA Rajya Sabha report: देश की सबसे बड़ी परीक्षा एजेंसी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) एक बार फिर सवालों के घेरे में है। राज्यसभा में केंद्र सरकार की ओर से दिए गए एक जवाब में एजेंसी के प्रशासनिक ढांचे को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। सरकार ने बताया कि करोड़ों छात्रों की परीक्षाओं का जिम्मा संभालने वाली NTA में फिलहाल केवल 24 स्थायी अधिकारी काम कर रहे हैं, जबकि बड़ी संख्या में कर्मचारी कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्सिंग के जरिए तैनात हैं।
NTA की जिम्मेदारी NEET-UG, JEE, UGC-NET जैसी देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं को आयोजित कराने की है। ऐसे में एजेंसी के सीमित स्थायी स्टाफ को लेकर अब चर्चा तेज हो गई है।
6.6 करोड़ से ज्यादा उम्मीदवारों की परीक्षा संभाल रही NTA| NTA Rajya Sabha report
केंद्र सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि साल 2018 में स्थापना के बाद से NTA अब तक 6.6 करोड़ से अधिक उम्मीदवारों के रजिस्ट्रेशन और 270 से ज्यादा प्रवेश व भर्ती परीक्षाओं का आयोजन कर चुकी है। इतने बड़े स्तर पर परीक्षा संचालन के बावजूद एजेंसी में स्थायी कर्मचारियों की संख्या काफी कम है। सरकार के अनुसार, NTA का कामकाज मुख्य रूप से कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स कर्मचारियों की मदद से चल रहा है।
NTA में कितने स्थायी पद हैं?
शिक्षा मंत्रालय की ओर से संसद में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, NTA में प्रतिनियुक्ति (Deputation) के जरिए भरे जाने वाले 39 स्थायी पद स्वीकृत हैं। हालांकि, वर्तमान में इनमें से सिर्फ 24 पद ही भरे हुए हैं।
इन स्थायी अधिकारियों में:
- महानिदेशक (DG)
- दो संयुक्त सचिव
- आठ निदेशक
- छह संयुक्त निदेशक और रिसर्च साइंटिस्ट
- तीन उप निदेशक
- दो सहायक निदेशक
- दो वरिष्ठ अधीक्षक
शामिल हैं।
कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स कर्मचारियों पर निर्भरता
NTA के रोजमर्रा के काम और तकनीकी गतिविधियों को संभालने के लिए बड़ी संख्या में अस्थायी कर्मचारी तैनात हैं। सरकार के अनुसार, एजेंसी में 73 कर्मचारी कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे हैं। इनमें कंसल्टेंट, यंग प्रोफेशनल, एडवाइजर और सॉफ्टवेयर डेवलपर जैसे पद शामिल हैं। इसके अलावा 124 कर्मचारी आउटसोर्सिंग के जरिए नियुक्त किए गए हैं, जो डेटा एनालिसिस, लीगल सहायता, हाउसकीपिंग और अन्य जरूरी सेवाओं से जुड़े काम संभालते हैं।
परीक्षाओं की पारदर्शिता पर बढ़ा दबाव
NTA पिछले कुछ समय से परीक्षाओं की पारदर्शिता, सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर लगातार चर्चा में रही है। खासकर NEET-UG और अन्य परीक्षाओं से जुड़े विवादों के बाद एजेंसी पर कामकाज को और मजबूत करने का दबाव बढ़ गया है। सरकार ने संसद में बताया कि NTA के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए नए कदम उठाए जा रहे हैं।
बनाए गए 16 नए वरिष्ठ पद
शिक्षा मंत्रालय ने राज्यसभा को जानकारी दी कि NTA की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए 16 नए वरिष्ठ पद बनाए गए हैं।
इनमें:
- आठ निदेशक स्तर के पद
- आठ संयुक्त निदेशक स्तर के पद
शामिल हैं।
सरकार का कहना है कि इन नए पदों के जरिए एजेंसी के संचालन को बेहतर बनाया जाएगा और बढ़ते कार्यभार को संभालने में मदद मिलेगी।
बढ़ती जिम्मेदारियों के बीच सुधार की जरूरत
NTA पर देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी परीक्षाओं की जिम्मेदारी है। ऐसे में सीमित स्थायी स्टाफ और बढ़ते काम के बीच एजेंसी की क्षमता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
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