Top 5 Ghaziabad News: गाज़ियाबाद की पाँच बड़ी और धमाकेदार ख़बरों पर जो आज शहर में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। पहली बड़ी ख़बर मसूरी थाना क्षेत्र से, जहाँ पुलिस ने मामा के ₹2.25 लाख हड़पने की फर्जी लूट की कहानी रचने वाले चौथे और आखिरी आरोपी शोएब को भी दबोच लिया है।दूसरी सनसनीखेज ख़बर मधुबन बापूधाम से है, जहाँ लोन की किश्त न चुकाने पर रिकवरी एजेंटों ने सारी हदें पार करते हुए एक महिला और उसकी मासूम बेटी के साथ फोन पर अश्लीलता और गाली-गलौज की, पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
तीसरी बड़ी वारदात कविनगर के आरडीसी (RDC) से आई है, जहाँ शातिर ‘ठक-ठक गैंग’ ने एक बिल्डर कंपनी के अकाउंटेंट का ध्यान भटकाकर कार से ₹12 लाख की नगदी और लैपटॉप उड़ा लिया। चौथी बड़ी और राहत भरी ख़बर गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) से है, जिसने छात्रों के भविष्य को देखते हुए सील किए गए स्कूलों और कोचिंग सेंटरों को शर्तों के साथ दो महीने के लिए खोलने का बड़ा फैसला किया है।
और पाँचवीं ख़बर मौसम और ट्रैफिक की, जहाँ इंदिरापुरम समेत पूरे गाज़ियाबाद में हुई लगातार बारिश के बाद NH-24 (NH-9) पर गाड़ियों के पहिए थम गए और सड़कों पर मीलों लंबा भीषण जाम देखने को मिला है। तो चलिए इस लेख के जरिए इन सभी ख़बरों को विस्तार से जानते हैं।
और पढ़ें: कहीं दिनदहाड़े 80 हजार की चोरी, कहीं शोरूम में लगी भीषण आग! | Top 5 Ghaziabad News
मामा के 2.25 लाख हड़पने के लिए रची फर्जी लूट की कहानी
गाजियाबाद की पहली खबर मसूरी थाना क्षेत्र से जहां मामा के 2.25 लाख हड़पने के लिए रची गई फर्जी लूट की कहानी का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने चौथे और आखिरी आरोपी शोएब को भी गिरफ्तार कर लिया है।
हिंदूस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार बताया जा रहा है कि पुलिस ने बुधवार 8 जुलाई 2026 को हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर निवासी शोएब को गिरफ्तार कर उसके पास से 45,000 की नगदी और घटना में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की है। मसूरी निवासी स्क्रैप व्यापारी रिजवान ने अपने पूर्व कर्मचारी और रिश्ते के भांजे नवेद को धौलाना फैक्ट्री से 2.25 लाख लाने की जिम्मेदारी दी थी। इतनी बड़ी रकम देखकर नवेद के मन में लालच आ गया।
उसने अपने तीन दोस्तों—शादाब, फुरकान और शोएब के साथ मिलकर पैसे गबन करने और फर्जी लूट की कहानी गढ़ने की साजिश रची। योजना के तहत बांके बिहारी डेंटल कॉलेज/मसूरी अंडरपास के पास नवेद से पैसे छीनने का झूठा नाटक किया गया और पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी गई। पुलिस को नवेद के बयानों और सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध तथ्य मिले। कड़ाई से पूछताछ करने पर नवेद ने सच उगल दिया।
पुलिस और स्वाट (SWAT) टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 जुलाई 2026 को मुख्य आरोपी नवेद, शादाब और फुरकान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उनके पास से 1.67 लाख बरामद हुए थे। फरार चल रहे चौथे आरोपी शोएब को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर धर दबोचा। पूछताछ में शोएब ने बताया कि उसके हिस्से में 55,000 आए थे, जिनमें से 10,000 उसने फरारी के दौरान खर्च कर दिए और बाकी 45,000 पुलिस ने बरामद कर लिए।
इस वैज्ञानिक और तकनीकी जांच के बाद मामले के सभी आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं और गबन की गई अधिकांश रकम बरामद की जा चुकी है।
रिकवरी एजेंटों ने की अश्लीलता, (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की दूसरी खबर मधुबन बापूधाम क्षेत्र से जहां एक फाइनेंस कंपनी का लोन समय पर न चुकाने पर रिकवरी एजेंटों द्वारा कर्जदार की पत्नी और बेटी के साथ फोन पर अश्लीलता, गाली-गलौज और अभद्र टिप्पणियां करने का गंभीर मामला सामने आया है। Hindustan Times की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता की शिकायत पर गाजियाबाद पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
मधुबन बापूधाम क्षेत्र की रहने वाली एक महिला के पति ने एक फाइनेंस कंपनी से लोन लिया था। पारिवारिक आर्थिक तंगी के कारण कुछ मासिक किस्तें (EMIs) समय पर जमा नहीं हो सकीं। किस्तें रुकने पर परिवार के मोबाइल नंबरों पर लगातार रिकवरी के लिए फोन आने लगे। एक अनजान नंबर से आए कॉल पर खुद को रिकवरी एजेंट बताने वाले धर्मेंद्र और तनवीर नामक व्यक्तियों ने बात की।
जब महिला ने उनकी गाली-गलौज और अभद्र भाषा का विरोध किया, तो आरोपियों ने महिला और उसकी मासूम बेटी को लेकर भी बेहद अशोभनीय और अश्लील टिप्पणियां कीं। रिकवरी एजेंटों की मानसिक प्रताड़ना और धमकियों से परेशान होकर पीड़िता ने पुलिस का रुख किया। महिला के पास आरोपियों के साथ हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग सुरक्षित थी, जिसे पुलिस को सौंप दिया गया है।
एसीपी कविनगर सूर्यबली मौर्य के मुताबिक, पीड़िता की तहरीर और सबूतों के आधार पर थाना मधुबन बापूधाम में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की टीमें कॉल डिटेल्स के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही हैं।
एजेंट सुबह 8 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद कॉल नहीं कर सकते।ग्राहकों या उनके परिवार से गाली-गलौज, अश्लीलता, धमकी या सार्वजनिक रूप से बदनाम (Public Shaming) करना पूरी तरह गैरकानूनी है। यदि कोई एजेंट ऐसा करता है, तो पीड़ित व्यक्ति तुरंत पुलिस में FIR दर्ज करा सकता है और बैंकिंग लोकपाल (Ombudsman) से शिकायत कर सकता है।
‘ठक-ठक गैंग’ ने बिल्डर कंपनी के अकाउंटेंट की कार से उड़ाए लाखों (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की तीसरी खबर कविनगर थाना क्षेत्र स्थित राजनगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर से जहां बुधवार (8 जुलाई 2026) दोपहर शातिर ‘ठक-ठक गैंग’ ने एक बिल्डर कंपनी के अकाउंटेंट की कार से ₹12 लाख की नकदी, लैपटॉप और महत्वपूर्ण दस्तावेजों से भरा बैग उड़ा लिया।
दैनिक भास्कर और हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, बदमाशों ने गाड़ी के आगे पैसे गिरने का नाटक रचकर इस टप्पेबाजी को अंजाम दिया। पीड़ित संदीप कुमार, राजनगर एक्सटेंशन की एक निजी बिल्डर कंपनी (AVS ग्रुप) में बतौर अकाउंटेंट काम करते हैं और कंपनी के लेनदेन संभालते हैं। बुधवार दोपहर संदीप आरडीसी स्थित बैंक में काम से आए थे और गाड़ी में आकर बैठे ही थे।
इसी दौरान एक अज्ञात युवक कार के पास आया और संदीप से कहा कि गाड़ी के आगे कुछ सामान और पैसे गिरे पड़े हैं। संदीप ने जब नीचे देखा, तो वहां 10-10 रुपये के नोट बिखरे हुए थे। जैसे ही संदीप नोट उठाने और सामान देखने के लिए कार का दरवाजा खोलकर नीचे उतरे, कार के दूसरी तरफ छिपे दूसरे बदमाश ने मौका पाकर गाड़ी की सीट पर रखा बैग उठा लिया। जब तक संदीप को ठगी का अहसास हुआ, मोटरसाइकिल सवार दोनों आरोपी मौके से फरार हो चुके थे।
बैग में ₹12 लाख नगद, कंपनी का लैपटॉप, 5-6 पेनड्राइव और कई जरूरी दस्तावेज मौजूद थे। पीड़ित की सूचना पर तुरंत कविनगर थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस को शुरुआती जांच में अंतरराज्यीय ‘ठक-ठक गैंग’ पर शक है, जो अक्सर दिल्ली-एनसीआर में कार चालकों का ध्यान भटकाकर ऐसी चोरियां करते हैं। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और बदमाशों की तलाश के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
GDA का स्कूलों, कोचिंग संस्थानों, प्ले-स्कूलों को बड़ा फैसला (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद से अगली बड़ी खबर, जहाँ गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने छात्रों के शैक्षणिक हित को ध्यान में रखते हुए सील किए गए स्कूलों, कोचिंग संस्थानों, प्ले-स्कूलों और डे-केयर केंद्रों को अस्थायी रूप से 2 महीने के लिए डी-सील (खोलने) करने का बड़ा फैसला किया है।
Navbharat Times की रिपोर्ट के मुताबिक, जीडीए ने साफ किया है कि यह राहत केवल दो महीने की अवधि के लिए है ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। लखनऊ कोचिंग अग्निकांड के बाद गाजियाबाद में बिना स्वीकृत नक्शे और फायर एनओसी (NOC) के चल रहे दर्जनों कोचिंग सेंटरों और स्कूलों को सील कर दिया गया था। इससे छात्रों की कक्षाएं बंद हो गई थीं।
कोचिंग संचालकों ने जिलाधिकारी और जीडीए से गुहार लगाई थी कि छोटी-मोटी कमियों को सुधारने के लिए उन्हें समय दिया जाए। इस 2 महीने की अवधि के भीतर सभी संस्थानों को भवन सुरक्षा (Building Safety) और अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) से जुड़े सभी नियमों और मानकों को पूरा करना होगा। संस्थानों को एक हलफनामा (Affidavit) देना होगा कि वे तय समय में फायर एनओसी और अन्य कमियां दूर कर लेंगे। यदि वे ऐसा करने में विफल रहते हैं, तो दो महीने बाद उन्हें दोबारा सील कर दिया जाएगा।
लगातार बारिश के बाद पर भारी ट्रैफिक (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की पांचवी खबर इंदिरापूरम से जहां लगातार बारिश के बाद NH-24 (अब NH-9) पर भारी ट्रैफिक देखने को मिला। बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव हो गया, जिससे वाहनों की रफ्तार काफी धीमी पड़ गई और सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। मौसम विभाग ने इस पूरे क्षेत्र में अगले कुछ दिनों तक लगातार बारिश की संभावना जताई है, जिससे आने वाले दिनों में भी यातायात प्रभावित रहने की आशंका है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और एनएच-24 के कनेक्टिंग रास्तों पर जलभराव के चलते सुबह के पीक ऑवर्स (दफ्तर जाने के समय) में ट्रैफिक जाम सबसे ज्यादा देखा गया। हाईवे के साथ-साथ इंदिरापुरम के कनावनी, नीति खंड और वैभव खंड जैसे इलाकों की अंदरूनी सड़कों पर भी पानी भरने से स्थानीय निवासियों को निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। आगामी 2 से 3 दिनों तक गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।यात्रियों के लिए सलाह: प्रशासन ने वाहन चालकों को जाम से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने और जलभराव वाले रास्तों पर सावधानी से गाड़ी चलाने की सलाह दी है।
































