Sriganganagar Gangrape Case: राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में 13 वर्षीय एक नाबालिग बच्ची के साथ कथित तौर पर हुई दरिंदगी ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस जांच के अनुसार, बच्ची को पांच दिनों तक अलग-अलग होटलों में बंधक बनाकर रखा गया, जहां उसके साथ कई लोगों ने दुष्कर्म किया। इस मामले में अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के दौरान संगठित अपराध, मानव तस्करी और अवैध होटल नेटवर्क जैसे पहलू भी सामने आए हैं। घटना के बाद जिलेभर में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
पुलिस में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, 18 जून 2026 को 13 वर्षीय बच्ची अपनी एक सहेली से मिलने श्रीविजयनगर गई थी। परिवार को उम्मीद थी कि वह कुछ देर बाद घर लौट आएगी, लेकिन देर शाम तक उसका कोई पता नहीं चला। परिजनों ने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस थाने पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
जांच में सामने आया कि उसी रात बच्ची श्रीगंगानगर पहुंची और घर जाने के लिए एक ई-रिक्शा में बैठी। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान रामबाबू नाम का ई-रिक्शा चालक उसे मिला। आरोप है कि उसने बच्ची को भरोसे में लेकर घर छोड़ने की बात कही, लेकिन उसे सीधे एक होटल ले गया। पुलिस का कहना है कि वहां उसने बच्ची को होटल संचालक के हवाले कर दिया और इसके बदले पैसे लिए।
एक होटल से दूसरे होटल तक घुमाई गई बच्ची| Sriganganagar Gangrape Case
पुलिस जांच के अनुसार, बच्ची को सबसे पहले ‘होटल जॉय इन’ ले जाया गया। इसके बाद अगले पांच दिनों तक उसे अलग-अलग होटलों में रखा गया। शुरुआती जांच में तीन होटलों की जानकारी सामने आई थी, लेकिन बाद में बीरबल चौक के पास स्थित ‘ड्रीम’ होटल का भी खुलासा हुआ। पुलिस का दावा है कि इन चारों होटलों में बच्ची को छिपाकर रखा गया और वहीं उसके साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया।
30 से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने का आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक, होटल मालिकों और प्रबंधकों ने कथित तौर पर पांच दिनों के भीतर 30 से अधिक लोगों को बच्ची तक पहुंच उपलब्ध कराई। आरोप है कि दिन और रात अलग-अलग समय पर कई लोग उसके साथ दुष्कर्म करते रहे। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बच्ची के विरोध करने या दर्द से तड़पने पर उसे जबरन शराब पिलाई जाती थी, ताकि वह विरोध न कर सके।
सोशल मीडिया पर तस्वीरें भेजकर बुलाए जाते थे लोग
जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार, एक होटल मैनेजर ने कथित तौर पर बच्ची की तस्वीरें खींचकर सोशल मीडिया के जरिए कई लोगों तक पहुंचाईं। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन्हीं तस्वीरों के जरिए कई लोग होटल पहुंचे। पुलिस ने इन्हीं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कई अहम सुराग जुटाए हैं और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
22 जून को होटल से मिली पीड़िता
परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस लगातार बच्ची की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान 22 जून को ‘होटल जॉय इन’ से बच्ची को बरामद कर लिया गया। इसके बाद पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल फोन की जांच के आधार पर पूरे मामले की परतें खुलनी शुरू हुईं। पुलिस अब इस मामले की जांच संगठित अपराध और मानव तस्करी के एंगल से भी कर रही है।
12 आरोपी गिरफ्तार, कई और रडार पर
अब तक पुलिस इस मामले में 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में ई-रिक्शा चालक रामबाबू, होटल मालिक मयंक सैन, होटल मैनेजर हरदीप नाथ, सचिन, दीपक, तरुण सहित अन्य आरोपी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि कुछ आरोपियों ने सीधे अपराध किया, जबकि कुछ ने इसमें सहयोग किया। श्रीगंगानगर के एसपी हरिशंकर यादव की निगरानी में विशेषज्ञों की टीम चारों होटलों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। आरोपियों के मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। जांच अधिकारियों का मानना है कि इस पूरे मामले में और भी लोगों की भूमिका सामने आ सकती है।
अवैध होटल कारोबार पर उठे सवाल
घटना के बाद जिले में संचालित कथित अवैध होटल कारोबार भी सवालों के घेरे में आ गया है। स्थानीय स्तर पर दावा किया जा रहा है कि जिले में 150 से अधिक होटल संचालित हैं, लेकिन उनमें से केवल करीब 40 के पास ही वैध लाइसेंस या पंजीकरण है। बाकी होटलों की वैधता और वहां चल रही गतिविधियों की जांच की मांग तेज हो गई है।
पुलिस की कार्यशैली भी निशाने पर
मामले में पुलिस की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में है। जानकारी के अनुसार, करीब आठ महीने पहले जिले में नाबालिग लड़कियों के कथित शोषण और अवैध गतिविधियों को लेकर अधिकारियों को इनपुट मिले थे। आरोप है कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। अब इस मामले में पुलिस और प्रशासन की भूमिका की भी जांच की मांग उठ रही है।

































