मां ने कहा- आम लोगों को खाना खिलाओ… बेटे ने बात ऐसी मानी कि 21 साल से चला रहा है भंडारा| Amar Chand Meena Story

Nandani | Nedrick News Rajasthan Published: 10 Jun 2026, 12:15 PM | Updated: 10 Jun 2026, 12:15 PM

Amar Chand Meena Story: कहते हैं कि सेवा का भाव अगर दिल में उतर जाए तो वह सिर्फ एक काम नहीं, बल्कि जीवन का उद्देश्य बन जाता है। राजस्थान के रहने वाले सेना से सेवानिवृत्त अमरचंद मीणा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। करीब 21 साल पहले मां की एक सलाह ने उनके जीवन की दिशा बदल दी और आज वह हर महीने हजारों लोगों को भोजन करवाकर समाज सेवा की मिसाल पेश कर रहे हैं।

अमरचंद मीणा ने वर्ष 2005 में एक छोटे से भंडारे की शुरुआत की थी। उस समय शायद उन्हें भी अंदाजा नहीं था कि यह पहल आने वाले वर्षों में इतनी बड़ी बन जाएगी कि हर महीने 2 से 3 हजार लोग इसमें शामिल होने लगेंगे। आज भी यह सिलसिला बिना किसी प्रचार-प्रसार के लगातार जारी है।

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फौज से रिटायरमेंट के बाद सेवा का रास्ता चुना| Amar Chand Meena Story

अमरचंद मीणा वर्ष 1999 में भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हुए थे। सेना से लौटने के बाद वे कबीर पंथ की विचारधारा से प्रभावित हुए और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से जुड़ गए। इसी दौरान उनके जीवन में एक ऐसा मोड़ आया जिसने आगे की पूरी कहानी बदल दी।

साल 2005 में उनके गांव में राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली से आए कबीरपंथियों की एक बड़ी बैठक आयोजित हुई। इस कार्यक्रम में साधु-संतों के भोजन और ठहरने की जिम्मेदारी अमरचंद मीणा को सौंपी गई। उन्होंने अपने स्तर पर दाल, चावल, रोटी और सब्जी का इंतजाम किया।

हालांकि भोजन के बाद एक साधु ने उनसे कहा कि साधु-संतों के लिए हलवा, पूरी और सब्जी जैसी व्यवस्था होनी चाहिए। इस सुझाव को उन्होंने गंभीरता से लिया और अगली बैठक में बेहतर भोजन का इंतजाम किया।

मां की सलाह बनी प्रेरणा

इसी दौरान अमरचंद मीणा अपनी होटल के कारोबार को लेकर परेशान चल रहे थे। कारोबार उम्मीद के मुताबिक नहीं चल रहा था। तभी उनकी मां ने उन्हें एक ऐसी बात कही, जिसने उनकी सोच बदल दी। मां ने कहा कि अगर वे साधु-संतों और बैठकों में आने वाले लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था कर सकते हैं, तो आम लोगों के लिए भी भंडारा शुरू कर सकते हैं। उनका मानना था कि सेवा का यह कार्य लोगों के काम आएगा और जीवन में सकारात्मक बदलाव भी लाएगा। मां की इसी सलाह को अमरचंद मीणा ने जीवन का मंत्र बना लिया और भंडारे की शुरुआत कर दी।

100 लोगों से शुरू हुआ सफर, अब हजारों तक पहुंचा

शुरुआत में भंडारे में केवल 100 से 200 लोग ही पहुंचते थे। लेकिन समय के साथ लोगों का भरोसा और जुड़ाव बढ़ता गया। आज हर महीने के आखिरी रविवार को आयोजित होने वाले इस भंडारे में 2 से 3 हजार लोग प्रसादी ग्रहण करने पहुंचते हैं। दिलचस्प बात यह है कि इसके लिए किसी तरह का प्रचार नहीं किया जाता। फिर भी दूर-दूर से लोग यहां भोजन करने और सेवा कार्य का हिस्सा बनने आते हैं।

हर बार बदलता है मेन्यू

अमरचंद मीणा बताते हैं कि भंडारे में हर बार अलग-अलग प्रकार के व्यंजन तैयार किए जाते हैं ताकि लोगों को विविधता मिल सके। भोजन में खीर-पूरी-सब्जी, खीर-मालपुआ, जलेबी, मिठाई और अन्य पारंपरिक व्यंजन शामिल रहते हैं। हाल ही में 31 मई को आयोजित भंडारे में सेना के जवानों ने भी प्रसादी ग्रहण की थी। यह उनके लिए विशेष गर्व का क्षण था।

समाज सेवा के लिए मिल चुके हैं कई सम्मान

अमरचंद मीणा के इस सामाजिक योगदान को कई संस्थाओं ने सम्मानित भी किया है। 15 मार्च 2025 को आयोजित अलवर गौरव समारोह में उन्हें उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान जनरल ऑफिसर कमांडिंग बैटल एक्स डिवीजन के मेजर जनरल आशीष खुराना द्वारा प्रदान किया गया था। इसके अलावा आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से उधमपुर में तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग और जिला प्रशासन द्वारा अक्टूबर 2025 में भी उन्हें सम्मानित किया जा चुका है।

सेवा से मिलता है सुकून

अमरचंद मीणा के लिए यह भंडारा केवल भोजन वितरण का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि लोगों की सेवा करने का माध्यम है। उनका मानना है कि जब लोग संतुष्ट होकर भोजन करते हैं और आशीर्वाद देते हैं, तो वही उनकी सबसे बड़ी कमाई होती है। एक मां की छोटी-सी सीख से शुरू हुई यह पहल आज हजारों लोगों के लिए उम्मीद, सेवा और इंसानियत की मिसाल बन चुकी है।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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