Top 5 Ghaziabad News: गाजियाबाद की 5 बड़ी खबरों में पहली खबर साहिबाबाद से, जहां एक नामचीन फर्नीचर फैक्टरी में सुबह-सुबह लगी भीषण आग से आसमान में धुएं का गुब्बार छा गया। करोड़ों का माल जलकर खाक हो गया और लोग जान बचाकर घरों से भागे। दूसरी खबर जिसने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया है! डूंडाहेड़ा में सीवरेज के पानी की जांच में ‘पोलियोवायरस’ मिलने से सनसनी फैल गई है, जिसके बाद डब्ल्यूएचओ (WHO) के निर्देश पर 107 टीमें जमीन पर उतार दी गई हैं।
तीसरी खबर राजेंद्र नगर से, जहां सड़क पर मौत का जाल बने एक अवैध स्पीड ब्रेकर ने 34 साल के एक युवक की जान ले ली। हैरान करने वाली बात यह है कि हादसे के तुरंत बाद सबूत मिटाने के लिए ब्रेकर को रातों-रात तुड़वा दिया गया। चौथी खबर गाजियाबाद के हर नागरिक के लिए बेहद काम की है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है कि अगर पुलिस ने अब किसी को भी 24 घंटे से ज्यादा अवैध हिरासत में रखा, तो 25,000 का जुर्माना सीधे पुलिसकर्मी की सैलरी से कटेगा।
और पांचवीं खबर लोनी से आ रही है, जहां सरेआम गुंडागर्दी का खौफनाक मंजर देखने को मिला। सिर्फ बाइक टच होने का विरोध करने पर दबंगों ने एक 17 साल के किशोर के सीने में सरेआम चाकू घोंप दिया। तो चलिए इन सभी बड़ी खबरों को विस्तार से जानते है।
साहिबाबाद की फर्नीचर फैक्टरी में लगी भीषण आग
गाजियाबाद से इस वक्त की बड़ी खबर, जहां साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र की एक फर्नीचर फैक्टरी में आज सुबह शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि आसमान में धुएं का काला गुब्बार छा गया, जिसे देख पास के रिहायशी इलाकों के लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर भाग निकले। गनीमत यह रही कि दमकल विभाग की मुस्तैदी से कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन करोड़ों का माल जलकर राख हो गया।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि गाजियाबाद के साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र स्थित ‘एसएस फर्नीचर सोफा होम’ फैक्टरी में आज सुबह भीषण आग लग गई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) राहुल पाल ने बताया कि यह हादसा सुबह करीब 04:55 बजे हुआ। प्राथमिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। फैक्टरी में सोफा और फर्नीचर बनाने का काम होने के कारण वहां भारी मात्रा में लकड़ी और फोम मौजूद था, जिसने आग को तुरंत विकराल बना दिया।
आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि फैक्टरी का टिन शेड ढह गया, जिससे काम कर रहे दमकल कर्मी बाल-बाल बचे। बाद में गिरे हुए टिन शेड के नीचे दबी आग को बुझाने के लिए मौके पर जेसीबी मशीन बुलानी पड़ी। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई भी व्यक्ति हताहत नहीं हुआ है।
फैक्टरी के मालिक मोहम्मद सादुल के अनुसार, इस अग्निकांड में करोड़ों रुपये का माल, एक हुंडई वेन्यू कार और एक बाइक जलकर पूरी तरह राख हो गए हैं। हालांकि, दमकल विभाग की मुस्तैदी से आग को चारों तरफ से घेरकर काबू पा लिया गया, जिससे पास के रिहायशी मकानों को इसकी चपेट में आने से बचा लिया गया।
गाजियाबाद में पोलियो की आहट (Top 5 Ghaziabad News)
जिस पोलियो को देश से खत्म माना गया था, उसके वैक्सीन-व्युत्पन्न (VDPV) वायरस की आहट से गाजियाबाद में हड़कंप मच गया है। डूंडाहेड़ा में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के पानी की जांच में पोलियो का यह खतरनाक वायरस मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद शासन स्तर पर आपातकालीन बैठक बुलाई गई और पूरे शहर में अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्रशासन ने बिना वक्त गंवाए शहर के 12 अतिसंवेदनशील इलाकों में 107 टीमों को सीधे जमीन पर उतार दिया है। तो चलिए जानते हैं कि यह वायरस कहां से आया और आपके बच्चों के लिए यह कितना बड़ा खतरा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गाजियाबाद के डूंडाहेड़ा स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के पानी के सैंपल में ‘वैक्सीन-व्युत्पन्न पोलियोवायरस टाइप-1’ (VDPV-1) की पुष्टि हुई है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। इस गंभीर रिपोर्ट के सामने आते ही प्रशासन ने शहरी क्षेत्र में 107 टीमों को घर-घर जाकर सर्वे और बच्चों की जांच करने के लिए एक्टिव कर दिया है।
दरअसल, स्वास्थ्य विभाग हर महीने सीवरेज प्लांट के दूषित पानी का सैंपल नियमित जांच के लिए भेजता है। डूंडाहेड़ा एसटीपी से लिए गए इसी सैंपल को दिल्ली की लैब में भेजा गया था, जहां से आई रिपोर्ट में पोलियोवायरस टाइप-1 मिलने की पुष्टि हुई।
रिपोर्ट मिलते ही शासन के उच्च अधिकारियों ने गाजियाबाद के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ तुरंत जूम मीटिंग के जरिए आपातकालीन बैठक की। इस खतरे को देखते हुए शहरी क्षेत्र की 12 कॉलोनियों—जैसे राजनगर, शास्त्रीनगर, बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र, दौलतपुरा, न्यू पंचवटी, घुकना, हिंडन विहार, कैला भट्टा, मिर्जापुर, विजय नगर-1 व 2 और खैराती नगर को चिह्नित किया गया है। इन क्षेत्रों के नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) के तहत 107 टीमें तैनात की गई हैं, जो 5 साल तक के सभी बच्चों का डोर-टू-डोर सर्वे कर रही हैं।
आपको बता दें कि इस पूरे अभियान पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के विशेषज्ञों और राज्यस्तरीय अधिकारियों की टीम सीधे नजर रख रही है। अधिकारियों के अनुसार, वीडीपीवी (VDPV) टाइप-1 मिलने का मुख्य कारण नियमित टीकाकरण में कमी या किसी बच्चे का टीका छूट जाना हो सकता है। यह वायरस बिना टीका लगे बच्चों या कमजोर इम्यूनिटी वाले बच्चों को लकवाग्रस्त (Paralyze) कर सकता है। डॉक्टरों को यह भी आशंका है कि यह वायरस किसी बाहरी बीमार बच्चे (ट्रैवलर) के मल से सीवरेज तक पहुंचा हो सकता है।
राजेंद्र नगर में अवैध ब्रेकर बना काल
गाजियाबाद से तीसरी खबर राजेंद्र नगर से, जहां एक अवैध ब्रेकर मासूम बच्चों के पिता के लिए काल बन गया! राजेंद्र नगर में एक कथित अवैध स्पीड ब्रेकर एक 34 साल के युवक की मौत की वजह बन गया। हादसे का जो सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, उसे देखकर रूह कांप जाएगी। तेज रफ्तार बाइक ब्रेकर से टकराकर हवा में करीब 50 फीट दूर जा गिरी। आइए जानते हैं कि बिना इजाजत सड़क पर मौत का जाल बिछाने वाले वो कौन लोग हैं, जिन्होंने हादसे के तुरंत बाद सबूत मिटाने की भी कोशिश की।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि गाजियाबाद के शालीमार गार्डन थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर सेक्टर-2 में एक कथित अवैध स्पीड ब्रेकर के कारण हुए भयानक हादसे में 34 वर्षीय बाइक सवार राहुल कुमार की मौत हो गई। सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद खुलासा हुआ कि सड़क पर गैर-कानूनी ढंग से बनाए गए ऊंचे ब्रेकर से टकराकर राहुल की बाइक हवा में करीब 50 फीट दूर जाकर उछली, जिससे सिर पर गहरी चोट लगने के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया।
आपको बता दें कि भोपुरा की गगन विहार कॉलोनी के रहने वाले राहुल हिंडन एयरबेस में संविदा (Contract) पर कार्यरत थे। 6 जून की रात करीब 11:30 बजे वे अपने बच्चों की जिद पर पास की दुकान से रसमलाई लेने निकले थे। लौटते समय राजेंद्र नगर सेक्टर-2 स्थित सेकेंड आरएम ब्लॉक सोसाइटी के सामने अचानक एक नया और ऊंचा स्पीड ब्रेकर आ गया, जिससे राहुल की बाइक अनियंत्रित होकर हवा में उछल गई। हादसे के वक्त राहुल ने हेलमेट नहीं पहन रखा था। बाइक से गिरते ही उनके सिर पर गंभीर चोट आई और अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
इस मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि हादसा होते ही साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उस अवैध स्पीड ब्रेकर को रातों-रात तुड़वाकर साफ कर दिया गया। पीड़ित परिवार ने अब पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और आरडब्ल्यूए (RWA) के जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर मामले की गहनता से जांच कर रही है।
24 घंटे से ज्यादा अवैध हिरासत में रखा तो भरना पड़ेगा हर्जाना (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद के नागरिकों के लिए कानून के गलियारे से एक बहुत बड़ी और काम की खबर आ रही है। अगर गाजियाबाद पुलिस अब अपनी मनमानी करती है, तो उसकी सजा सीधे पुलिसकर्मियों की जेब को भुगतनी होगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए पूरे उत्तर प्रदेश, यानी हमारी गाजियाबाद पुलिस के लिए भी यह अनिवार्य कर दिया है कि अगर किसी को 24 घंटे से ज्यादा अवैध हिरासत में रखा, तो पुलिस को अपनी जेब से 25,000 का मुआवजा देना होगा। आइए जानते हैं कि यह नया कानून गाजियाबाद के लोगों को पुलिस की ज्यादती से कैसे बचाएगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट के आदेश के मुताबिक, यदि पुलिस किसी व्यक्ति को 24 घंटे से अधिक समय तक अवैध हिरासत में रखती है, तो उसे पीड़ित को 25,000 का हर्जाना देना होगा। अदालत ने साफ किया है कि यह राशि किसी सरकारी खजाने से नहीं, बल्कि सीधे दोषी पुलिसकर्मियों के वेतन यानी सैलरी से काटी जाएगी।
आपको बता दें कि किसी को 24 घंटे से अधिक बिना मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए लॉकअप में रखना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 22(2) का सीधा उल्लंघन है। हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिया है कि वे राज्य के सभी थानों को इस आदेश का कड़ाई से पालन करने का सर्कुलर जारी करें। गाजीपुर के एक मामले से शुरू हुई यह कानूनी कार्रवाई अब गाजियाबाद समेत पूरे प्रदेश के नागरिकों को पुलिस की अवैध मनमानी के खिलाफ एक बड़ा सुरक्षा कवच देगी।
बाइक टच होने पर सीने में घोंप दिया चाकू!
गाजियाबाद के लोनी में सरेआम गुंडागर्दी, सिर्फ बाइक टच होने पर सीने में घोंप दिया चाकू! बेहटा हाजीपुर कॉलोनी में बाइक टकराने का विरोध करने पर दबंगों ने एक 17 वर्षीय किशोर के सीने में सरेआम चाकू मार दिया। गंभीर रूप से घायल किशोर को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। इस वारदात के बाद से इलाके के लोगों में भारी गुस्सा है। तो चलिए जानते हैं कि सड़क पर सरेआम खून बहाने वाले वो आरोपी कौन हैं और पुलिस उन्हें पकड़ने के लिए क्या कर रही है।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र की बेहटा हाजीपुर कॉलोनी में बाइक टकराने का विरोध करने पर एक 17 वर्षीय किशोर के सीने में चाकू घोंप दिया गया। घायल किशोर की पहचान अमन के रूप में हुई है। घटना के वक्त अमन अपने घर के बाहर खड़ा था, तभी वहां से बाइक सवार साकिब और उसका एक साथी गुजरे और उनकी बाइक अमन से टकरा गई।
जब अमन ने बाइक ठीक से चलाने को कहा और इस बात का विरोध जताया, तो दोनों आरोपी गाली-गलौज करने लगे। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी साकिब ने चाकू निकाला और सीधे अमन के सीने पर वार कर दिया। चाकू लगते ही अमन लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गया और वारदात को अंजाम देकर दोनों आरोपी मौके से बाइक पर फरार हो गए। घायल अमन को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
इस खौफनाक वारदात के बाद पीड़ित परिवार की शिकायत पर लोनी बॉर्डर थाना पुलिस ने नामजद आरोपी साकिब और उसके साथी के खिलाफ जानलेवा हमले की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस की टीमें इलाके के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रही हैं और फरार आरोपियों की तलाश में उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
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