Donald Trump Interview Walkout: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बेबाक और विवादित बयानों को लेकर चर्चा में हैं। इस बार मामला एक टीवी इंटरव्यू के दौरान हुई तीखी बहस से जुड़ा है। इंटरव्यू के दौरान ट्रंप और पत्रकार के बीच ऐसी नोकझोंक हुई कि माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। स्थिति यहां तक पहुंच गई कि ट्रंप ने पत्रकार की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल उठाए, उन्हें बेईमान बताया और आखिर में इंटरव्यू को बीच में ही समाप्त कर दिया।
यह पूरा घटनाक्रम अमेरिका के चर्चित कार्यक्रम “मीट द प्रेस” के दौरान सामने आया, जिसका प्रसारण रविवार को किया गया। इंटरव्यू पहले से रिकॉर्ड किया गया था, लेकिन इसके प्रसारण के बाद यह चर्चा का बड़ा विषय बन गया।
चुनावी धांधली के दावे पर शुरू हुई बहस| Donald Trump Interview Walkout
दरअसल, बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अमेरिकी चुनावों में कथित धांधली का मुद्दा उठाया। उन्होंने विशेष रूप से कैलिफोर्निया के चुनावों को लेकर सवाल खड़े किए और दावा किया कि वहां चुनावी प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं है। इंटरव्यू ले रही पत्रकार क्रिस्टन वेल्कर ने ट्रंप से उनके आरोपों के समर्थन में सबूतों के बारे में पूछा। उन्होंने यह जानना चाहा कि चुनावी धांधली के दावों को साबित करने के लिए उनके पास क्या प्रमाण हैं और क्या ये दावे अदालतों में भी साबित किए गए हैं। यहीं से दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
‘हर तरफ सबूत हैं’ पर अड़े रहे ट्रंप
पत्रकार के सवालों का जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा कि उनके दावों के समर्थन में बहुत सारे सबूत मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि चुनावी गड़बड़ियों के प्रमाण हर जगह मौजूद हैं और इस मुद्दे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हालांकि जब क्रिस्टन वेल्कर ने कहा कि इन कथित सबूतों को अदालत में साबित नहीं किया गया है, तो ट्रंप और अधिक आक्रामक हो गए। उन्होंने 2020 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर भी अपने पुराने आरोप दोहराए और दावा किया कि चुनावी प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियां हुई थीं।
ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि कैलिफोर्निया में रिपब्लिकन पार्टी को नुकसान पहुंच रहा है क्योंकि वहां चुनावी व्यवस्था निष्पक्ष नहीं है।
पत्रकार पर साधा निशाना
बहस के दौरान ट्रंप ने केवल चुनावी प्रक्रिया पर ही सवाल नहीं उठाए, बल्कि पत्रकार और मीडिया संस्थानों को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि मीडिया निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा और कई समाचार संस्थान पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रहे हैं। ट्रंप ने क्रिस्टन वेल्कर से कहा कि वह भी उसी तरह बेईमान हैं जैसे कुछ अन्य मीडिया संस्थान हैं। इसके जवाब में पत्रकार ने स्पष्ट कहा कि वह खुद को बेईमान नहीं मानतीं और बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश की।
लेकिन ट्रंप यहीं नहीं रुके। उन्होंने आरोप लगाया कि पत्रकार कुछ लोगों के प्रभाव में काम कर रही हैं और मीडिया जानबूझकर कुछ मुद्दों को नजरअंदाज कर रहा है।
बढ़ते तनाव के बीच इंटरव्यू समाप्त
बातचीत आगे बढ़ने के बजाय और ज्यादा तीखी होती गई। ट्रंप ने कहा कि मीडिया और नेटवर्क उनके दावों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जबकि उनके अनुसार चुनावी गड़बड़ियों के पर्याप्त प्रमाण मौजूद हैं। उन्होंने नेटवर्क की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए और कहा कि उन्हें लगता है कि कार्यक्रम पक्षपातपूर्ण तरीके से चलाया जा रहा है। अंततः ट्रंप ने बातचीत खत्म करने का फैसला किया और कहा कि अब बहुत हो चुका है। इसके बाद इंटरव्यू बीच में ही समाप्त हो गया।
फिर चर्चा में आई ट्रंप और मीडिया की टकराहट
डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी मीडिया के बीच टकराव कोई नई बात नहीं है। राष्ट्रपति पद के अपने पहले कार्यकाल से लेकर अब तक ट्रंप कई बार पत्रकारों और मीडिया संस्थानों पर पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग के आरोप लगाते रहे हैं। वहीं मीडिया संगठनों का कहना रहा है कि उनका काम नेताओं के दावों पर सवाल उठाना और तथ्यों की जांच करना है। ऐसे में “मीट द प्रेस” के दौरान हुई यह ताजा बहस अमेरिका में राजनीति और मीडिया के बीच जारी तनाव की एक और मिसाल बन गई है।




























