मुझे रोकने के लिए रची गई साजिश… वर्षों बाद कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर गहलोत ने खोले राज| Ashok Gehlot News

Nandani | Nedrick News Rajasthan Published: 08 Jun 2026, 03:34 PM | Updated: 08 Jun 2026, 03:34 PM

Ashok Gehlot News: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने एक बार फिर उस पुराने राजनीतिक घटनाक्रम को याद किया है, जब वह कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे थे, लेकिन अंतिम समय में पूरा समीकरण बदल गया। गहलोत का कहना है कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें अध्यक्ष बनाने का फैसला कर लिया था और वह इस जिम्मेदारी को संभालने के लिए पूरी तरह तैयार भी थे। लेकिन अचानक हुए घटनाक्रमों और कथित साजिश के कारण सब कुछ बदल गया।

गहलोत के हालिया बयान ने कांग्रेस के भीतर हुए उस बहुचर्चित प्रकरण को फिर से चर्चा में ला दिया है, जिसने कुछ साल पहले राष्ट्रीय राजनीति में काफी हलचल पैदा की थी। उस समय यह माना जा रहा था कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए अशोक गहलोत सबसे मजबूत उम्मीदवार हैं और पार्टी हाईकमान भी उनके नाम पर सहमत हो चुका है।

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कांग्रेस अध्यक्ष बनने की थी पूरी तैयारी| Ashok Gehlot News

अशोक गहलोत के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व, विशेष रूप से सोनिया गांधी और शीर्ष नेताओं ने उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी देने का मन बना लिया था। उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष का पद कांग्रेस में हमेशा से सम्मान और जिम्मेदारी का प्रतीक रहा है। ऐसे में जब नेतृत्व की ओर से उन पर भरोसा जताया गया, तो उनके लिए यह स्वाभाविक था कि वह इस भूमिका को स्वीकार करने के लिए तैयार हों।

गहलोत का कहना है कि उन्होंने कभी इस पद से दूरी बनाने की कोशिश नहीं की। बल्कि वह पूरी गंभीरता के साथ नई जिम्मेदारी संभालने की तैयारी कर रहे थे।

फिर अचानक बदल गए हालात

हालांकि, जैसे-जैसे अध्यक्ष पद को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ी, राजस्थान की राजनीति में अचानक हलचल तेज हो गई। पार्टी की ओर से राज्य में पर्यवेक्षकों को भेजा गया, ताकि वहां की राजनीतिक स्थिति का आकलन किया जा सके। गहलोत का दावा है कि इसी दौरान ऐसे घटनाक्रम हुए जिन्होंने पूरे मामले की दिशा बदल दी। उनके अनुसार, यह सिर्फ राजनीतिक संयोग नहीं था, बल्कि एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था, जिसके कारण वह कांग्रेस अध्यक्ष नहीं बन सके।

हालांकि उन्होंने किसी व्यक्ति या गुट का नाम नहीं लिया, लेकिन इतना जरूर कहा कि जो कुछ हुआ, उसने उनके राजनीतिक सफर और सार्वजनिक छवि पर असर डाला।

लोगों के बीच बनी अलग धारणा

उस समय पूरे देश में यह धारणा बन गई थी कि अशोक गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष नहीं बनना चाहते थे क्योंकि वह राजस्थान के मुख्यमंत्री पद को छोड़ना नहीं चाहते थे। राजनीतिक गलियारों में भी यही चर्चा रही कि उन्होंने खुद राष्ट्रीय राजनीति में जाने के बजाय राज्य की सत्ता में बने रहने का फैसला किया।

गहलोत का कहना है कि यही सबसे बड़ी गलतफहमी है। उनके मुताबिक, उन्होंने कभी भी अध्यक्ष पद से पीछे हटने का फैसला नहीं किया था। बल्कि परिस्थितियां ऐसी बनाई गईं कि पूरी कहानी का दूसरा पक्ष लोगों तक पहुंच ही नहीं पाया। उन्होंने कहा कि उनके कई करीबी समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता भी यही मान बैठे कि उन्होंने खुद यह अवसर छोड़ दिया, जबकि वास्तविकता कुछ और थी।

अपनी छवि को लेकर जताई चिंता

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा। लोगों के मन में यह धारणा बैठ गई कि उन्होंने एक बड़ा पद स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। जबकि उनके अनुसार, वह कांग्रेस अध्यक्ष बनने के लिए पूरी तरह तैयार थे। गहलोत ने कहा कि वह आज भी लोगों को इस मामले की वास्तविकता समझाने की कोशिश करते हैं, लेकिन एक बार बनी धारणा को बदलना आसान नहीं होता।

कांग्रेस की परंपरा का भी किया जिक्र

अपने बयान में गहलोत ने कांग्रेस के इतिहास और संगठनात्मक परंपराओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में अध्यक्ष पद हमेशा से अत्यंत सम्मानजनक माना जाता रहा है। उन्होंने महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल और कामराज जैसे नेताओं का उदाहरण देते हुए कहा कि पार्टी में नेतृत्व क्षमता और समर्पण को महत्व दिया जाता है, न कि किसी विशेष पृष्ठभूमि को।

फिर चर्चा में आया पुराना विवाद

अशोक गहलोत के इस बयान के बाद कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर हुए उस पुराने विवाद पर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि उस समय की परिस्थितियों और राजनीतिक घटनाओं को लेकर अलग-अलग व्याख्याएं सामने आती रही हैं, लेकिन गहलोत का कहना है कि असली कहानी अभी भी बहुत कम लोग जानते हैं।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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