Bollywood Actress Nutan: एक ऐसी अभिनेत्री। जिसने पर्दे पर स्विमसूट पहनकर बवाल मचाया, जो मिस इंडिया का खिताब जीतने वाली पहली टॉप बॉलीवुड एक्ट्रेस बनी, लेकिन दुनिया उसे फिल्मों की ‘सीता’ कहकर पूजने लगी! जी हां, हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड की अल्टीमेट क्वीन नूतन की। सिनेमा के उस दौर में जहाँ बड़े-बड़े सेट और भारी-भरकम डॉयलाग्स का बोलबाला था,
वहाँ नूतन ने सिर्फ अपनी खामोश आँखों से बॉक्स ऑफिस हिला दिया था। सादगी ऐसी कि दिल जीत ले, और अभिनय ऐसा कि आंखें नम कर दे। आखिर कैसे एक बोल्ड ब्यूटी बन गई सिनेमा की सबसे संस्कारी बहू? तो चलिए इस लेख के जरिए जानते हैं कि नूतन के जीवन के वो अनसुने किस्से जो आज भी बॉलीवुड में मिसाल हैं!
1952 में जीता था मिस इंडिया का खिताब
Bollywood Actress Nutan ने केवल 16 साल की उम्र में 1952 में मिस इंडिया का खिताब जीता था। वह उस दौर की पहली ऐसी अभिनेत्री थीं जिन्होंने यह मुकाम हासिल किया। साल 1958 में आई फिल्म ‘दिल्ली का ठग’ में किशोर कुमार के साथ उन्होंने स्विमसूट पहना था। आज के दौर में यह आम बात लग सकती है, लेकिन 50 के दशक में इसने पूरे देश में बवाल मचा दिया था। लोग हैरान थे कि इतनी शालीन दिखने वाली लड़की ने ऐसा कदम कैसे उठाया।
जहाँ उस दौर की अभिनेत्रियाँ लाउड एक्टिंग और भारी डॉयलाग्स पर भरोसा करती थीं, नूतन ने अपनी आँखों से अभिनय करना सिखाया। फिल्म ‘सीमा’ (1955), ‘सुजाता’ (1959) और बिमल रॉय की ‘बंदिनी’ (1963) में उनके अभिनय को देखकर क्रिटिक्स भी दंग रह गए थे।
‘बंदिनी’ में एक कैदी महिला के रूप में उनका अभिनय आज भी भारतीय सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर माना जाता है। साल 1965 में आई फिल्म ‘खानदान’ ने नूतन की छवि को हमेशा के लिए बदल दिया। इस फिल्म के गाने “तुम्हीं मेरे मंदिर, तुम्हीं मेरी पूजा।” ने उन्हें घर-घर में एक पूजनीय बहू और पत्नी के रूप में स्थापित कर दिया।
इस एक्टर को जड़ा जोरदार थप्पड़
वहीं 1970 में फिल्म ‘देवी’ की शूटिंग के दौरान नूतन और संजीव कुमार के अफेयर की अफवाहें उड़ रही थीं। नूतन (Nutan) अपनी शादीशुदा जिंदगी में कोई दाग नहीं चाहती थीं। जब उन्हें पता चला कि संजीव कुमार कथित तौर पर इन अफवाहों को बढ़ावा दे रहे हैं, तो उन्होंने सेट पर सबके सामने संजीव कुमार को एक जोरदार थप्पड़ जड़ दिया था, जिसने पूरी इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया था।
नूतन जहां एक तरफ प्रोफेशनल लाइफ में स्ट्रगल कर रही थीं, वहीं दूसरी ओर उनकी पर्सनल लाइफ में भी कम दिक्कतें नहीं थीं। पैसों और प्रॉपर्टी के विवाद को लेकर नूतन का अपनी सगी मां (शोभना समर्थ) के साथ करीब 20 साल तक कोर्ट केस चला, जिसके कारण वह अपने परिवार से काफी समय तक अलग रहीं।
इन सब उतार-चढ़ाव के बीच नूतन ने अपने करियर में 5 बार फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड जीता। उन्होंने अपने दौर के सभी बड़े स्टार्स—देव आनंद, राज कपूर, सुनील दत्त और दिलीप कुमार के साथ कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं।
यह थी कहानी बॉलीवुड की उस ‘सीता’ की, जिसने अपनी शर्तों पर जिंदगी जी। Bollywood Actress Nutan सिर्फ एक संस्कारी चेहरा नहीं थीं, बल्कि एक ऐसी शेरनी थीं जिन्होंने जरूरत पड़ने पर थप्पड़ मारना भी सीखा और कोर्ट में हक के लिए लड़ना भी। वो जितनी बेमिसाल एक्ट्रेस थीं, उतनी ही कड़क इंसान भी थीं। कैंसर जैसी बीमारी से लड़ते हुए साल 1991 में भले ही नूतन इस दुनिया को छोड़ गईं, लेकिन भारतीय सिनेमा में उनकी जगह आज भी कोई नहीं ले पाया है।




























