Delhi Sai Murder Case: अब अपराध का विरोध करना भी जानलेवा होने लगा है। सरेआम, पब्लिक प्लेस में भी मनचलों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें कानून का जरा भी खौफ नहीं रहा। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या यही है देश की राजधानी की कानून व्यवस्था? ‘दिल्ली है दिल वालों की’ यह बात अब सिर्फ कहावतों तक सीमित रह गई है। असल में आए दिन सामने आने वाली इन खौफनाक घटनाओं को देखकर तो ऐसा लगता है कि दिल्ली का दिल अब पूरी तरह स्याह (काला) हो चुका है। चंद बेरहम लोगों की करतूतों ने आज देश की राजधानी को एक बार फिर दागदार कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि 17 वर्षीय साई अपनी 12वीं की परीक्षा पूरी करने के बाद बीते 26 मई की शाम को अमर कॉलोनी स्थित एक भोजनालय (रेस्टोरेंट) में अपनी एक महिला मित्र के साथ गया था। वहां मौजूद कुछ युवकों ने उसकी महिला मित्र के साथ छेड़खानी और बदतमीजी शुरू कर दी। जब साई ने इसका कड़ा विरोध किया, तो आरोपियों ने पहले विवाद खड़ा किया और फिर बाद में अवैध हथियार लाकर साई के सिर में गोली मार दी। गोली लगने के बाद से ही साई कोमा में था, जहां अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
परिजनों का गुस्सा और चक्काजाम
साई की मौत के बाद पीड़ित परिजनों और स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने अमर कॉलोनी गोलीकांड के विरोध में छतरपुर लालबत्ती (ट्रैफिक सिग्नल) पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया और जोरदार प्रदर्शन किया। मृतक के पिता सुनील कुमार और परिवार के अन्य सदस्यों ने न्याय की गुहार लगाते हुए मांग की है कि मामले के सभी आरोपियों को फांसी की सजा दी जाए या उनका एनकाउंटर हो। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई करने और मुख्य नाबालिग आरोपी पर वयस्क (Adult) की तरह केस चलाकर मुकदमा दर्ज करने की सख्त मांग की है।
पिता की रोती आंखें और तीखे सवाल
हादसे से टूटे पीड़ित के पिता सुनील कुमार ने रोते हुए समाज और प्रशासन से तीखा सवाल किया, क्या किसी लड़की की इज्जत बचाना गुनाह है? अगर नहीं, तो मेरे बेटे को इसकी इतनी बड़ी सजा क्यों मिली? पिता का हौसला इस कदर टूट चुका था कि उन्होंने पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से ठोस आश्वासन मिलने तक शव का अंतिम संस्कार करने से साफ मना कर दिया था।
Delhi Sai Murder Case पर पुलिस और क्राइम ब्रांच की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए मुख्य नाबालिग आरोपी समेत तीन लोगों को पकड़ लिया है। घटना में शामिल एक अन्य नाबालिग आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश में छापेमारी जारी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए मुख्य नाबालिग आरोपी का पहले भी कालकाजी में एक गोलीकांड से संबंध रहा है और वह एक राजनीतिक नेता का रिश्तेदार होने का ढोंग करता था। इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है और वरिष्ठ अधिकारी लगातार परिवार को समझा-बुझाकर कानून के तहत जल्द से जल्द सख्त सजा दिलवाने का भरोसा दे रहे हैं।
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