Abhishek Banerjee Attacked: पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। अभिषेक बनर्जी उस इलाके में चुनाव के बाद हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे थे, तभी अचानक हालात बिगड़ गए। जानकारी के मुताबिक, दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में जब अभिषेक बनर्जी पीड़ित परिवारों से बातचीत कर रहे थे, तभी भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और स्थिति हिंसक रूप ले बैठी।
भीड़ का हमला, काफिले पर पत्थर और अंडे फेंके गए | Abhishek Banerjee Attacked
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मौके पर मौजूद भीड़ ने “चोर-चोर” जैसे नारे लगाए और इसके बाद काफिले पर पत्थर, ईंट, अंडे और अन्य वस्तुएं फेंकी जाने लगीं। इस हमले में अभिषेक बनर्जी को हल्की चोट लगने की भी बात सामने आई है। स्थिति बिगड़ती देख सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने खुद सुरक्षा के लिए क्रिकेट हेलमेट पहनकर किसी तरह वहां से निकलने का प्रयास किया।
TMC का दावा- हमले में शामिल लोग साफ दिख रहे हैं
घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस ने नए वीडियो जारी किए हैं। पार्टी का दावा है कि इन वीडियो में हमलावर साफ तौर पर नजर आ रहे हैं। TMC नेताओं का कहना है कि कुछ लोग सीधे तौर पर पत्थर उठाकर अभिषेक बनर्जी की ओर फेंकते हुए दिख रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह कोई अचानक हुई झड़प नहीं बल्कि एक सुनियोजित हमला था।
The DASTARDLY ATTACK on Shri @abhishekaitc has once again raised disturbing questions about the state of law & order under @BJP4Bengal and its leader @SuvenduWB.
Our National General Secretary and Leader of Parliamentary Party, Lok Sabha, was subjected to a brutal and… https://t.co/IVxvFAvjzJ
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) May 30, 2026
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया है कि हमलावरों ने खास तौर पर उनके चेहरे को निशाना बनाया, जो इस घटना की गंभीरता को और बढ़ाता है।
अभिषेक बनर्जी का बयान- मामला अदालत तक जाएगा
हमले के बाद खुद अभिषेक बनर्जी ने मीडिया के सामने आकर इसे गंभीर मामला बताया। उन्होंने कहा कि उनके पास घटना के वीडियो मौजूद हैं और वे इस पूरे मामले को अदालत तक ले जाएंगे। उनका कहना है कि यह हमला केवल राजनीतिक विरोध नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश जैसा प्रतीत होता है।
The duty of the State is to PROTECT EACH AND EVERY SINGLE CITIZEN.
Regardless of their gender, caste, creed, religion or political affiliation!@SuvenduWB – YOU ARE A PETTY MAN AND A FAILED CM.
We will pursue every legal and democratic avenue available to ensure that JUSTICE… https://t.co/JBpOPeRKZD
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) May 30, 2026
सुरक्षा व्यवस्था पर TMC ने उठाए सवाल
तृणमूल कांग्रेस ने इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का आरोप है कि इलाके में पर्याप्त सुरक्षा बल मौजूद नहीं थे और अगर समय पर कार्रवाई की जाती तो इस घटना को रोका जा सकता था। TMC नेताओं ने इस मामले में प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं और जांच की मांग की है।
BJP का दावा- अंदरूनी गुटबाजी का नतीजा हो सकता है मामला
इस बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस घटना को लेकर नए दावे किए हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तार किए गए छह लोग कथित तौर पर पूर्व TMC विधायक लवली मैत्रा के करीबी सहयोगी बताए जा रहे हैं। बीजेपी का कहना है कि यह खुलासा कई सवाल खड़े करता है कि क्या यह हमला वास्तव में बाहरी था या फिर तृणमूल कांग्रेस के अंदरूनी गुटीय संघर्ष का नतीजा है। बीजेपी नेताओं ने इस मामले को TMC के भीतर बढ़ती खींचतान से भी जोड़कर देखा है।
सोशल मीडिया पर भी आरोप-प्रत्यारोप तेज
बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर दावा किया है कि गिरफ्तार किए गए लोग TMC से जुड़े रहे हैं। उन्होंने इसे लेकर कई सवाल उठाए हैं और कहा है कि यह मामला केवल एक साधारण हमला नहीं माना जा सकता।
ममता बनर्जी पर भी लगे आरोप, ऑडियो क्लिप का दावा
इसी बीच बीजेपी के पश्चिम बंगाल प्रवक्ता देबजीत सरकार ने सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो क्लिप साझा कर तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि उन्होंने मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर चोट न होने के बावजूद अभिषेक बनर्जी को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराने के लिए दबाव बनाया। हालांकि इन दावों और वायरल ऑडियो क्लिप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। टीएमसी की ओर से भी इस पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अस्पताल और चिकित्सा संस्थानों के दुरुपयोग का आरोप
देबजीत सरकार ने यह भी कहा कि चिकित्सा संस्थानों पर राजनीतिक दबाव डालना बेहद चिंताजनक है। उनका कहना है कि अस्पतालों का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं किया जाना चाहिए और ऐसा करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
बंगाल की राजनीति में बढ़ा तनाव
सोनारपुर की यह घटना अब केवल एक हमले तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि बंगाल की राजनीति में बड़ा विवाद बन चुकी है। TMC और BJP दोनों ही एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं और मामला तेजी से राजनीतिक टकराव में बदलता जा रहा है।
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