9 नकली बैंक और UK की डिग्री! मास्टरमाइंड Chandrabose ने पूरे देश को हिला दिया! Viral Fake Bank Tamilnadu

Rajni | Nedrick News Tamilnadu Published: 23 May 2026, 06:45 AM | Updated: 23 May 2026, 06:45 AM

Viral Fake Bank Tamilnadu: UK की डिग्री का ऐसा इस्तेमाल? एक ऐसा आदमी जिसने खुद ही बैंकिंग लाइसेंस छापा, 100 कर्मचारी रखे और देखते ही देखते 9 बैंक खोल दिए! मास्टरमाइंड चंद्रबोस के इस कारनामे की चर्चा आज पूरे देश में है। जानिए यूके से पढ़े 42 वर्षीय चंद्रबोस की वो कहानी, जिसने खुद RBI को भी हिलाकर रख दिया।

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क्या है पूरा मामला

यूके (UK) से एमबीए (MBA) पास आउट चंद्रबोस (Chandrabose ) ने तमिलनाडु में असली जैसा दिखने वाला एक ऐसा बैंकिंग (Fake Bank Tamilnadu) साम्राज्य खड़ा कर दिया, जिसने कुछ समय के लिए खुद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को भी चकमा दे दिया था। चंद्रबोस ने ‘रूरल एग्रीकल्चरल फार्मर्स को-ऑपरेटिव’ (RAFC) नाम से एक वित्तीय संस्थान शुरू किया।

उसने किसी सरकारी विभाग से अनुमति नहीं ली, बल्कि खुद ही फर्जी बैंकिंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट डिजाइन करके प्रिंट कर लिए। देखते ही देखते उसने तमिलनाडु के अंबुर, वेल्लोर, तिरुपत्तूर और धर्मपुरी सहित अलग-अलग जिलों में 9 आलीशान शाखाएं खोल दीं।

बेरोजगार युवाओं से ठगी

उसने अखबारों में विज्ञापन देकर शिक्षित बेरोजगार युवाओं को आकर्षित किया। बैंक में क्लर्क, मैनेजर और कैशियर की नौकरी देने के नाम पर उसने प्रत्येक उम्मीदवार से 2 लाख से 5 लाख तक की रिश्वत ली। इस तरह उसने लगभग 100 कर्मचारियों को काम पर रख लिया, जिन्हें खुद भी अंदाजा नहीं था कि वे एक पूरी तरह से नकली बैंक में काम कर रहे हैं।

बैंक की सभी शाखाओं में असली बैंकों की तरह पासबुक, चेकबुक, विथड्रॉल स्लिप, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) सर्टिफिकेट और बकायदा कैश काउंटर बनाए गए थे। चंद्रबोस ने एक नामी प्राइवेट बैंक (ICICI बैंक) से एक को-ऑपरेटिव सोसाइटी के नाम पर थोक में ‘प्रीपेड कार्ड’ (Prepaid Cards) खरीदे। फिर उन कार्ड्स के ऊपर अपने नकली बैंक ‘RAFC’ का स्टिकर चिपकाकर ग्राहकों को क्रेडिट और डेबिट कार्ड के रूप में बांट दिया। उसने स्थानीय लोगों का भरोसा जीतने के लिए आकर्षक ब्याज दरों पर फिक्स्ड डिपॉजिट जमा करना और गोल्ड लोन देना भी शुरू कर दिया था।

भंडाफोड़ और गिरफ्तारी (Fake Bank Tamilnadu)

Chandrabose हर महीने एक नई शाखा खोलता जा रहा था। जब इस तेजी से बढ़ते बैंक की भनक भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अधिकारियों को लगी, तो उन्होंने अपने रिकॉर्ड की जांच की। रिकॉर्ड में ‘RAFC’ नाम के किसी भी बैंक को बैंकिंग लाइसेंस जारी ही नहीं किया गया था। आरबीआई की आधिकारिक शिकायत के बाद, चेन्नई पुलिस की सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने 5 नवंबर 2022 को ताबड़तोड़ छापेमारी की।

पुलिस ने चंद्रबोस को गिरफ्तार कर उसकी लग्जरी कारें जब्त कीं और बैंक खातों में मौजूद 56.6 लाख फ्रीज कर दिए। इतना ही नहीं, इस मामले में हालिया अपडेट यह है कि आरोपी चंद्रबोस ने अपने खिलाफ दर्ज FIR को रद्द कराने के लिए मद्रास हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। लेकिन अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिससे उसकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

FIR रद्द कराने की याचिका खारिज

गिरफ्तारी के बाद आरोपी चंद्रबोस ने कानूनी कार्रवाई से बचने का पूरा रास्ता खोजा। उसने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर (FIR) और पुलिस जांच को पूरी तरह बंद (Quash) कराने के लिए मद्रास हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, अदालत ने धोखाधड़ी की गंभीरता और ठगे गए सैकड़ों लोगों के हितों को देखते हुए उसकी इस याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने पुलिस जांच को जारी रखने के आदेश दिए, जिसके कारण मास्टरमाइंड चंद्रबोस पर कानूनी शिकंजा लगातार कसता जा रहा है।

क्यों हो रहा है वायरल (Fake Bank Tamilnadu)

लेकिन सवाल यह है कि 2022 का यह मामला आज अचानक क्यों वायरल हो रहा है? दरअसल, चेन्नई पुलिस ने मुख्य आरोपी चंद्रबोस (Chandrabose) को 5 नवंबर 2022 को ही गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया (X और इंस्टाग्राम) पर बड़े क्रिएटर्स ने इस अनोखे फ्रॉड की पूरी केस स्टडी दोबारा शेयर की है, जिसके बाद से इंटरनेट पर यह कहानी एक बार फिर तहलका मचा रही है।

Rajni

rajni@nedricknews.com

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