Who is Gurnoor Brar: भारतीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजों की खोज हमेशा जारी रहती है, और अब एक नया नाम तेजी से सुर्खियों में है गुरनूर बरार। पंजाब के इस लंबे कद (6 फीट 5 इंच) वाले तेज गेंदबाज को BCCI के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ने “भविष्य की बड़ी संभावना” तक कहा है। अपनी रफ्तार, बाउंस और रिवर्स स्विंग की क्षमता के चलते गुरनूर लगातार क्रिकेट एक्सपर्ट्स का ध्यान खींच रहे हैं।
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खेल नहीं था पहला प्यार, फिर बदली जिंदगी| Who is Gurnoor Brar
TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरनूर बरार की शुरुआत क्रिकेट से नहीं हुई थी। स्कूल के दिनों में वह फुटबॉल और टेनिस खेलते थे और क्रिकेट उनके लिए सिर्फ टाइमपास जैसा था। लेकिन एक दोस्त की सलाह ने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी। दोस्त ने कहा कि लंबी हाइट की वजह से वह एक अच्छे तेज गेंदबाज बन सकते हैं। बस यहीं से कहानी पलटी… 16 साल की उम्र में उन्होंने पहली बार गेंद उठाई और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।
डेल स्टेन से प्रेरित, सड़क पर भी कॉपी करते थे एक्शन
गुरनूर बचपन से ही साउथ अफ्रीका के दिग्गज तेज गेंदबाज डेल स्टेन के बड़े फैन रहे हैं। इतना ही नहीं, वह ब्रेट ली और शोएब अख्तर जैसे दिग्गजों के एक्शन को भी अक्सर कॉपी करते थे। उनका मानना है कि डेल स्टेन की स्पीड और स्किल का कॉम्बिनेशन ही उन्हें सबसे अलग बनाता है, और वहीं से उन्हें तेज गेंदबाजी की असली प्रेरणा मिली।
शुभमन गिल ने पहचाना टैलेंट
क्रिकेट में सिर्फ दो साल बिताने के बाद गुरनूर की मुलाकात शुभमन गिल से हुई। उस समय गिल भारतीय अंडर-19 टीम का हिस्सा थे। पंजाब के कटोच शील्ड मैचों में गिल ने उनकी गेंदबाजी देखी और काफी प्रभावित हुए। इसके बाद गिल की सिफारिश पर गुरनूर को जिला स्तर पर मौका मिला, फिर मोहाली टीम और उसके बाद पंजाब अंडर-23 टीम तक पहुंच बन गई। कटोच शील्ड एक अहम मल्टी-डे टूर्नामेंट है, जिसे पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन आयोजित करता है और यह राज्य की टॉप टैलेंट पहचानने का बड़ा मंच माना जाता है।
पंजाब किंग्स से IPL तक का सफर
गुरनूर ने 2021 में पंजाब के लिए लिस्ट ए डेब्यू किया और 2022 में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कदम रखा। भले ही आंकड़े बड़े नहीं थे, लेकिन उनकी तेज गेंदबाजी ने IPL टीमों का ध्यान खींच लिया। पंजाब किंग्स ने उन्हें नेट बॉलर के तौर पर टीम से जोड़ा। यहीं उन्होंने शिखर धवन को अपनी रफ्तार से काफी प्रभावित किया। धवन ने उन्हें पूरे सीजन टीम के साथ रहने का मौका दिया। बाद में उन्हें राज अंगद बावा के रिप्लेसमेंट के तौर पर स्क्वॉड में शामिल किया गया।
IPL डेब्यू और सीख का बड़ा सबक
लखनऊ सुपरजायंट्स के खिलाफ गुरनूर को IPL डेब्यू का मौका मिला। टॉस के समय शिखर धवन ने खुद उन्हें बताया कि वह पहला ओवर डालेंगे। उस ओवर में उन्होंने सिर्फ 2 रन दिए और शुरुआत शानदार रही। लेकिन दूसरे ओवर में लगातार नो बॉल और छक्के पड़ने के बाद उन्हें बड़ा सबक मिला। गुरनूर ने खुद माना कि सिर्फ स्पीड काफी नहीं होती, प्लानिंग भी जरूरी है। आज के बल्लेबाज 150+ kmph गेंदों से भी नहीं डरते, उन्हें आउट करने के लिए रणनीति जरूरी है।
चोट ने रोका करियर, फिर भी नहीं रुके
आईपीएल के बाद शेर-ए-पंजाब ट्रॉफी में उन्हें डिस्क बल्ज की समस्या हुई, जो आगे चलकर फ्रैक्चर बन गई। इस वजह से वह 2023-24 का पूरा सीजन नहीं खेल पाए। उन्होंने स्वीकार किया कि वर्कलोड मैनेजमेंट की कमी और कम रिकवरी ने चोट को गंभीर बना दिया।
शुभमन गिल और गुजरात टाइटंस ने दिया दूसरा मौका
चोट के बाद जब उनके पास कॉन्ट्रैक्ट नहीं था, तब शुभमन गिल ने उन्हें गुजरात टाइटंस में नेट बॉलर के तौर पर मौका दिया। यहां से उनका करियर फिर से पटरी पर आया। गुजरात में कोच आशीष नेहरा ने उन्हें सिर्फ गेंदबाजी ही नहीं, बल्कि फिटनेस और बॉडी मैनेजमेंट का महत्व भी समझाया।
रबाडा से सीख, रिवर्स स्विंग बना हथियार
गुजरात टाइटंस में उनकी दोस्ती कगिसो रबाडा से भी हुई। रबाडा उन्हें लगातार सिंपल और सटीक लेंथ पर गेंदबाजी करने की सलाह देते हैं। आज गुरनूर का सबसे बड़ा हथियार रिवर्स स्विंग बन चुका है, जिस पर वह लगातार मेहनत कर रहे हैं।
टीम इंडिया में जगह की ओर बढ़ते कदम
25 साल के गुरनूर बरार ने अब तक फर्स्ट क्लास में 52 विकेट, लिस्ट ए में 12 विकेट और टी20 में 10 विकेट हासिल किए हैं। हाल ही में उन्हें भारत की टेस्ट और वनडे दोनों स्क्वॉड में शामिल किया गया है, खासकर अफगानिस्तान सीरीज के लिए। यह उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ माना जा रहा है।




























