17 मई से 15 जून तक चलेगा अधिक मास… जानिए क्यों इसे माना जाता है साल का सबसे शुभ महीना| Adhik Maas 2026 Date

Nandani | Nedrick News Ghaziabad Published: 17 May 2026, 02:35 PM | Updated: 17 May 2026, 02:35 PM

Adhik Maas 2026 Date: पंचांग के अनुसार, आज यानी 17 मई 2026 से पवित्र अधिक मास की शुरुआत हो चुकी है और यह 15 जून 2026 तक चलेगा। हिंदू धर्म में इस महीने को बेहद शुभ और आध्यात्मिक दृष्टि से खास माना जाता है। इसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है, क्योंकि यह भगवान विष्णु को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दौरान की गई पूजा-पाठ, दान और साधना का फल सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक मिलता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह महीना केवल पूजा-पाठ का समय नहीं है, बल्कि आत्मशुद्धि और आत्मचिंतन का भी एक खास अवसर होता है।

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क्या होता है अधिक मास? Adhik Maas 2026 Date

अधिक मास हिंदू पंचांग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हिंदू कैलेंडर चंद्र और सौर गणना पर आधारित होता है, और दोनों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए लगभग हर तीन साल में एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है, जिसे अधिक मास कहा जाता है। इसी कारण इसे अतिरिक्त या विशेष महीना माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों में इस महीने को भगवान विष्णु का प्रिय बताया गया है, इसलिए इसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस महीने में भगवान विष्णु की भक्ति करने से जीवन के दुख-दर्द कम होते हैं और सुख-समृद्धि में बढ़ोतरी होती है।

अधिक मास में क्या करना चाहिए?

इस पूरे महीने को साधना और भक्ति के लिए सबसे उपयुक्त समय माना जाता है। ऐसे में कई धार्मिक कार्यों का विशेष महत्व बताया गया है।

भगवान विष्णु की पूजा करें
हर दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करना शुभ माना जाता है। इस दौरान “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप बहुत फलदायी बताया गया है।

धार्मिक ग्रंथों का पाठ
इस महीने में भगवद गीता, रामायण या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से मन शांत रहता है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

दान-पुण्य का महत्व
जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन दान करने से पुण्य मिलता है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।

सात्विक जीवनशैली अपनाएं
इस दौरान तामसिक भोजन से बचकर सात्विक भोजन करना चाहिए। साथ ही संयम और साधारण जीवनशैली अपनाना भी लाभकारी माना गया है।

तीर्थ स्नान और व्रत
नदी स्नान, व्रत और पूजा-अर्चना करने से आत्मिक शुद्धि होती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

किन बातों से रहें दूर?

अधिक मास में कुछ कार्यों को वर्जित माना गया है, जिनसे बचना जरूरी बताया गया है।

मांगलिक कार्यों से परहेज
इस महीने में विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे शुभ कार्य आमतौर पर नहीं किए जाते।

क्रोध और विवाद से बचें
मन को शांत रखना और किसी भी तरह के झगड़े से दूर रहना इस समय बेहद जरूरी माना गया है।

नकारात्मक सोच से दूरी
इस महीने को आत्मिक उन्नति का समय कहा गया है, इसलिए सकारात्मक सोच बनाए रखना चाहिए।

तामसिक भोजन का त्याग
मांस, मदिरा और अन्य तामसिक चीजों से दूर रहना चाहिए, क्योंकि यह साधना में बाधा मानी जाती हैं।

आध्यात्मिक संदेश क्या है?

अधिक मास केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन में सुधार और आत्मचिंतन का भी समय है। यह महीना व्यक्ति को अपनी बुरी आदतों को छोड़कर बेहतर जीवन की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, अगर इस पूरे महीने श्रद्धा और नियमों के साथ भगवान विष्णु की भक्ति की जाए, तो जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग खुलता है।

डिस्क्लेमर: यह खबर धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। नेड्रिक न्यूज इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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