ईरान-अमेरिका युद्ध ने बढ़ाया पाकिस्तान का बोझ… सऊदी राहत भी नहीं आई काम | Iran War Impact on Pakistan

Nandani | Nedrick News Pakistan Published: 01 मई 2026, 10:15 PM Updated: 01 मई 2026, 10:15 PM
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Iran War Impact on Pakistan: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव और संघर्ष का असर अब पाकिस्तान पर साफ दिखाई देने लगा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खुद कैबिनेट बैठक में स्वीकार किया है कि इस युद्ध ने देश की आर्थिक हालत को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि महंगे होते तेल और क्षेत्रीय अस्थिरता की वजह से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर बड़ा दबाव बन गया है।

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तेल बिल में भारी उछाल, हालत चिंताजनक | Iran War Impact on Pakistan

बैठक में शहबाज शरीफ ने बताया कि युद्ध से पहले पाकिस्तान का साप्ताहिक तेल बिल लगभग 300 मिलियन डॉलर था, जो अब बढ़कर करीब 800 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। यानी कुछ ही समय में तेल खर्च में कई गुना बढ़ोतरी हो गई है, जिसने देश के बजट पर भारी असर डाला है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे हालात और मुश्किल होते जा रहे हैं।

महंगाई और आर्थिक दबाव से जूझता पाकिस्तान

पाकिस्तान इस समय पहले से ही रिकॉर्ड महंगाई का सामना कर रहा है। ऐसे में तेल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। कई जगहों पर ईंधन संकट जैसी स्थिति भी देखने को मिल रही है। हालांकि सरकार का दावा है कि अभी तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर नहीं हुई है, लेकिन दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

सरकार ने बनाई टास्क फोर्स

बढ़ते संकट को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है, जो आर्थिक हालात और ऊर्जा संकट पर नजर रखेगी। सरकार का कहना है कि मितव्ययिता और बचत जैसे कदमों से स्थिति को संभालने की कोशिश की जा रही है। साथ ही ईंधन खपत को कम करने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं। शहबाज शरीफ ने पेट्रोलियम मंत्री की भी सराहना की और कहा कि उनकी कोशिशों की वजह से पाकिस्तान की स्थिति कुछ अन्य देशों की तुलना में बेहतर बनी हुई है।

शांति की कोशिशों में भी पाकिस्तान सक्रिय

आर्थिक संकट के बीच पाकिस्तान इस समय क्षेत्रीय शांति स्थापित करने की कोशिशों में भी जुटा हुआ है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बताया कि इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने की कोशिश की गई थी, जो करीब 21 घंटे तक चली। हालांकि इसके बाद दूसरे दौर की वार्ता आगे नहीं बढ़ पाई और स्थिति वहीं रुक गई। फिलहाल संघर्ष विराम बना हुआ है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में अभी भी काम चल रहा है।

पाकिस्तान निभा रहा मध्यस्थ की भूमिका

पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। सरकार का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच बातचीत फिर से शुरू होती है तो क्षेत्र में स्थिरता लौट सकती है। इसके लिए पाकिस्तान लगातार दोनों पक्षों के संपर्क में है और ईरान के विदेश मंत्री के साथ भी बातचीत जारी है।

आर्थिक सुधारों को लगा झटका

शहबाज शरीफ ने यह भी कहा कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे सुधार की ओर बढ़ रही थी, लेकिन मौजूदा युद्ध ने इस प्रगति को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। 500 मिलियन डॉलर से ज्यादा का अतिरिक्त बोझ अर्थव्यवस्था पर पड़ा है, जो देश की वित्तीय स्थिति को कमजोर कर रहा है।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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