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BJP दफ्तर का चपरासी बना पार्षद! जीत के बाद बोला—चाय भी पिलाऊंगा और जनता की सेवा भी करूंगा | BJP Office Servant Wins Election

Nandani | Nedrick News Gujarat Published: 29 Apr 2026, 10:16 AM | Updated: 29 Apr 2026, 10:18 AM

BJP Office Servant Wins Election: गुजरात में हुए स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजे सामने आते ही एक कहानी सबसे ज्यादा चर्चा में आ गई। गुजरात के मेहसाणा में भाजपा ने अपने ही दफ्तर ‘कमलम्’ में चपरासी का काम करने वाले रमेश भाई भील को वार्ड नंबर 13 से टिकट दिया था। यह फैसला अब पार्टी के लिए पूरी तरह सही साबित हुआ है। न सिर्फ रमेश भील ने जीत हासिल की, बल्कि इस वार्ड में भाजपा का पूरा पैनल भी जीत गया।

मेहसाणा के कुल 52 वार्डों में से भाजपा ने 47 सीटों पर कब्जा जमाया, जबकि कांग्रेस को सिर्फ 5 सीटों से संतोष करना पड़ा। ऐसे में रमेश भील की जीत को एक खास उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है।

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27 साल तक की सेवा, अब जनता की बारी | BJP Office Servant Wins Election

करीब 50 साल के रमेश भील पिछले 27 सालों से पार्टी कार्यालय में काम कर रहे थे। उनकी जिम्मेदारी दफ्तर का काम संभालना और आने वाले नेताओं व कार्यकर्ताओं को चाय-पानी देना थी। 10वीं तक पढ़े रमेश भील ने टिकट मिलने के बाद कहा था कि वे इस मौके को सेवा का नया रास्ता मानते हैं।

उन्होंने पहले ही साफ कर दिया था कि अगर वे जीत भी जाते हैं, तो अपने पुराने काम को नहीं छोड़ेंगे। उनका कहना था कि उन्होंने पार्टी की सेवा पूरी ईमानदारी से की है और अब वे अपने वार्ड के लोगों की उसी भावना के साथ सेवा करना चाहते हैं।

‘बैक-एंड’ से ‘फ्रंटलाइन’ तक का सफर

भाजपा का यह कदम काफी चर्चा में रहा। एक ऐसे कार्यकर्ता को, जो सालों से पर्दे के पीछे काम कर रहा था, सीधे चुनावी मैदान में उतारना लोगों को काफी अलग लगा। यही वजह रही कि रमेश भील को लेकर लोगों में एक जुड़ाव भी दिखा।

स्थानीय लोगों का मानना था कि रमेश जैसे व्यक्ति आम जनता की समस्याओं को बेहतर समझते हैं, क्योंकि उन्होंने खुद जमीन से जुड़कर काम किया है। यही छवि उनकी जीत की बड़ी वजह भी मानी जा रही है।

चुनाव का बड़ा दायरा और अहमियत

गौरतलब है कि इन चुनावों के तहत राज्य में बड़े स्तर पर मतदान हुआ था। 15 नगर निगमों, 84 नगर पालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों के लिए वोट डाले गए थे। करीब 9,200 सीटों पर 4.18 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं ने हिस्सा लिया।

इन चुनावों को अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले एक अहम संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है। ऐसे में भाजपा का प्रदर्शन और खासकर रमेश भील जैसे उम्मीदवार की जीत पार्टी के लिए सकारात्मक संदेश लेकर आई है।

जीत के बाद जिम्मेदारी और बढ़ी

रमेश भील ने नामांकन के समय ही कहा था कि वे नई जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाएंगे। अब जीत के बाद उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। उनकी कहानी यह भी दिखाती है कि राजनीति में जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं को मौका मिलने पर वे भी बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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