सरकारी नौकरी या जानलेवा जंजाल? MCD दफ्तर की वो 1 घटना जिसने राजधानी के सुरक्षा दावों की पोल खोल दी! | MCD ASI Suicide

Rajni | Nedrick News Delhi Published: 30 अप्रैल 2026, 10:18 AM Updated: 30 अप्रैल 2026, 10:18 AM
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google

MCD ASI Suicide: अक्सर कहा जाता है कि एक बार सरकारी नौकरी लग जाए तो जिंदगी भर के झंझटों से मुक्ति मिल जाती है। लेकिन क्या हो जब वही सुरक्षा कवच आपकी जान का दुश्मन बन जाए? और आपको सरकारी नौकरी तो मिल जाए, पर वक्त से पहले आपके हाथों में निलंबन (Suspension) थमा दिया जाए और सिस्टम आपको घुटने टेकने पर मजबूर कर दे?

दिल्ली नगर निगम के एक एएसआई के लिए सरकारी नौकरी समाधान नहीं, बल्कि वो जंजाल बन गई जिसने रिटायरमेंट से महज 2 साल पहले उन्हें मौत को गले लगाने पर मजबूर कर दिया। दिल्ली के MCD दफ्तर की तीसरी मंजिल से छलांग लगाने वाले ASI की कहानी कुछ ऐसी ही है।

और पढ़ें: Top 5 Ghaziabad News: विकास या विनाश? कहीं गिरती लिफ्ट तो कहीं धूल-गड्ढों में पिसती जनता, क्या प्रशासन को बड़े हादसे का इंतज़ार है?

क्या है पूरा मामला

दिल्ली नगर निगम (MCD) में पिछले कुछ समय से खींचतान मची हुई है, लेकिन इस मामले ने तब तूल पकड़ लिया जब एक एएसआई (ASI) ने निगम दफ्तर की तीसरी मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। यह दुखद घटना बुधवार को दिल्ली के शाहदरा उत्तरी जोन स्थित नगर निगम कार्यालय में सामने आई। मृतक की पहचान एक निलंबित सहायक सैनिटरी इंस्पेक्टर के रूप में हुई है, जिन्होंने कथित तौर पर इमारत से छलांग लगा दी। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, वे पिछले कई महीनों से निलंबन (Suspension) के कारण गहरे मानसिक तनाव में थे।

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

परिजनों ने विभाग पर अत्यंत गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि राजकुमार सोलंकी पिछले 6 महीनों से अपनी बहाली के लिए दफ्तर के चक्कर काट रहे थे, लेकिन अधिकारी इसके बदले उनसे कथित तौर पर रिश्वत की मांग कर रहे थे। परिवार का सबसे दर्दनाक आरोप यह है कि तीसरी मंजिल से गिरने के बाद वे करीब दो घंटे तक फर्श पर तड़पते रहे,

लेकिन दफ्तर के किसी भी अधिकारी ने उन्हें अस्पताल पहुंचाने की जहमत नहीं उठाई। परिजनों का स्पष्ट कहना है कि रिटायरमेंट से महज 2 साल पहले उन्हें जिस तरह मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और भ्रष्टाचार के दलदल में धकेला गया, उसी तनाव ने उन्हें आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।

जांच में जुटी पुलिस

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और उसे पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच की जा रही है, जिसमें घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और चश्मदीदों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को भी जांच में शामिल किया गया है, ताकि घटना के सही कारणों और परिस्थितियों का स्पष्ट रूप से पता लगाया जा सके।

यह घटना (MCD ASI Suicide) राजधानी के प्रशासनिक ढांचे पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है। क्या यही है राजधानी प्रशासन की असलियत? जहां एक सरकारी कर्मचारी को सिस्टम के आगे घुटने टेकने पड़ें, वहां आम आदमी की सुरक्षा और इंसाफ का क्या होगा? यह आत्महत्या नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता है। जब खुद सरकारी विभागों के भीतर कर्मचारी सुरक्षित नहीं हैं और उन्हें न्याय के लिए मौत को गले लगाना पड़ रहा है, तो आम जनता अपनी सुरक्षा और सुनवाई की उम्मीद किससे करे?

Rajni

rajni@nedricknews.com

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds