Heatwave Alert: अभी अप्रैल का महीना खत्म भी नहीं हुआ है और देश के बड़े हिस्से में भीषण गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। आसमान से बरसती आग और लू के थपेड़ों से जनजीवन बेहाल है, जिसे देखते हुए अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Rights Commission) ने भी मोर्चा संभाला है।
किन राज्यों में अलर्ट
NHRC द्वारा अलर्ट किए गए राज्यों की सूची इस प्रकार है:
| उत्तर भारत | दिल्ली (NCT) | उत्तर प्रदेश | पंजाब | हरियाणा | राजस्थान | हिमाचल प्रदेश |
| पूर्वी भारत | बिहार | झारखंड | ओडिशा | पश्चिम बंगाल | सिक्किम | |
| मध्य भारत | मध्य प्रदेश | छत्तीसगढ़ | ||||
| पश्चिम भारत | महाराष्ट्र | गुजरात | ||||
| दक्षिण भारत | आंध्र प्रदेश | तेलंगाना | कर्नाटक | तमिलनाडु | केरल | |
| पूर्वोत्तर भारत | असम | त्रिपुरा |
NHRC ने दिए निर्देश (Heatwave Alert)
NHRC ने 28 अप्रैल 2026 को देश के 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली के लिए हीटवेव (लू) (Heatwave Alert) से जुड़ी एडवाइजरी जारी की है। आयोग ने इन राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर खास तौर पर गरीब और मजदूर वर्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि NHRC ने राज्यों को निर्देश दिया है कि वे “प्रिवेंटिव मेजर” के तहत गर्मी के प्रकोप को कम करने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाएं। आयोग ने सुझाव दिया है कि मजदूरों और आउटडोर वर्कर्स को भीषण धूप से बचाने के लिए उनके काम के घंटों में बदलाव किया जाए,
साथ ही सार्वजनिक स्थानों, स्कूलों और सामुदायिक केंद्रों पर ठंडे पानी, पंखों और ORS के पैकेट की उपलब्धता सुनिश्चित कर राहत केंद्र बनाए जाएं। इसके अलावा, बेघर लोगों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित आश्रय स्थलों का प्रबंधन करने और अस्पतालों में हीटस्ट्रोक के मरीजों के लिए विशेष वार्ड व इलाज के कड़े हेल्थ प्रोटोकॉल लागू करने पर भी विशेष जोर दिया गया है।
नागरिकों से अपील
भीषण गर्मी और लू (Heatwave Alert) के खतरों को देखते हुए, प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है। जनता से ये अपील की जा सकती है कि वे दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बहुत जरूरी न होने पर घर से बाहर न निकलें। धूप में निकलते समय हमेशा सिर को कपड़े या छाते से ढकें और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें।
शरीर में पानी की कमी न होने दें प्यास न लगने पर भी नियमित अंतराल पर पानी, ओआरएस (ORS), नींबू पानी या छाछ का सेवन करते रहें। अपने आसपास के पशु-पक्षियों के लिए भी छाया और पानी का प्रबंध करें। यदि चक्कर आना, तेज सिरदर्द या उल्टी जैसे लक्षण महसूस हों, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।




























