Kanpur Young Lawyer Death: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। गुरुवार दोपहर एक 23 वर्षीय युवा वकील ने कचहरी भवन की पांचवीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना उस समय हुई जब कोर्ट परिसर में रोज की तरह कामकाज चल रहा था। अचानक हुई इस घटना से पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही न्यायिक अधिकारी और जिला जज मौके पर पहुंचे। पुलिस ने युवक को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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आत्महत्या से पहले फेसबुक पर डाला सुसाइड नोट | Kanpur Young Lawyer Death
इस मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया, जब सामने आया कि युवक ने आत्महत्या से महज 15 मिनट पहले फेसबुक पर दो पेज का सुसाइड नोट पोस्ट किया था। इस नोट में उसने अपने मन की पीड़ा और पारिवारिक हालात का जिक्र किया। सोशल मीडिया पर पोस्ट होते ही उसके जानने वालों के बीच हलचल मच गई और कई लोगों ने उसे फोन कर समझाने की कोशिश की, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
• मेरी लाश को पापा छू भी ना पाएं
• मैं हार गया, पापा जीत गएये बातें प्रियांशु श्रीवास्तव ने अपने सुसाइड नोट में लिखकर जान दे दी.
प्रियांशु अपने पिता के साथ कानपुर कोर्ट में वकालत की प्रैक्टिस करते थे. उसी कोर्ट की पांचवीं मंजिल से छलांग लगा दी.
प्रियांशु की उम्र 24 साल थी,… pic.twitter.com/yO8FdHt6zI
— Ranvijay Singh (@ranvijaylive) April 24, 2026
“पापा, आपको जीत मुबारक…”—भावुक संदेश
युवक ने अपने सुसाइड नोट में अपने पिता के नाम एक भावुक और चुभने वाला संदेश लिखा। उसने लिखा, “पापा, आपको जीत मुबारक, मैं हार गया। आप मेरे शव को हाथ मत लगाना।” इस एक लाइन ने पूरे मामले को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है।
पिता के साथ करता था वकालत
मृतक की पहचान प्रियांशु श्रीवास्तव के रूप में हुई है, जो कानपुर के बर्रा आठ स्थित वरुण विहार का निवासी था। उसके पिता राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव भी वकील हैं और प्रियांशु उनके साथ ही कचहरी में प्रैक्टिस करता था। उसने पिछले साल डीसी लॉ कॉलेज से कानून की पढ़ाई पूरी की थी और हाल ही में वकालत शुरू की थी।
सुसाइड नोट में बचपन से मानसिक दबाव का जिक्र
प्रियांशु ने अपने सुसाइड नोट में कई गंभीर बातें लिखी हैं। उसने बताया कि वह करीब 23 साल 11 महीने 7 दिन का है और पूरी तरह होश में यह कदम उठा रहा है। उसने लिखा कि उसे बचपन से ही मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। एक घटना का जिक्र करते हुए उसने बताया कि करीब 6 साल की उम्र में आम का जूस पीने पर उसे निर्वस्त्र कर घर से बाहर निकाल दिया गया था, जो उसके मन पर गहरा असर छोड़ गया।
“जरूरत से ज्यादा सख्ती बनी बोझ”
नोट में उसने यह भी लिखा कि माता-पिता का सख्त होना गलत नहीं है, लेकिन जब यह सख्ती हद से ज्यादा हो जाए तो बच्चों के लिए घुटन बन जाती है। उसने आरोप लगाया कि हर छोटी बात पर डांटना, मारना, हर समय शक करना और हर मिनट का हिसाब लेना उसके लिए मानसिक टॉर्चर बन गया था। उसने साफ लिखा कि वह अब इस दबाव के साथ और नहीं जी सकता।
घटना से पहले नहीं मिले संकेत
प्रियांशु के साथ काम करने वाले वकीलों और उसके दोस्तों का कहना है कि उसने कभी खुलकर ऐसी परेशानी जाहिर नहीं की। उनकी मानें तो सामान्य बातचीत में वह बिल्कुल सामान्य नजर आता था और किसी को अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा सकता है।
पिता ने देखा पोस्ट, लेकिन देर हो गई
बताया जा रहा है कि सुसाइड नोट सोशल मीडिया पर देखने के बाद उसके पिता ने उसे डांटा भी था, लेकिन तब तक हालात हाथ से निकल चुके थे। करीब तीन घंटे बाद उसने कोर्ट की पांचवीं मंजिल से छलांग लगा दी।
पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम जारी
डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता के अनुसार, मौके से दो पेज का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें पारिवारिक तनाव का जिक्र है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आगे की कार्रवाई पिता की तहरीर के आधार पर की जाएगी।





























