Guru Gobind Singh Predictions: सिख धर्म में हमेशा ही सिखों के दसों गुरुओ की वाणियों को ही महत्ता दी गई.. और उनके बाद उनके ही द्वारा संकलित पवित्र श्री गुरु ग्रंथ साहिब को दसवें गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी ने सिखों का 11वें गुरु कहा था, इतना ही नहीं उन्होंने ये भी भविष्यवाणी की थी कि दसवें गुरु के बाद कोई भी जीवित शशरीर गुरू नहीं होंगे.. और तब से लेकर आज कर श्री गुरु ग्रंथ साहिब को ही सिखों के परम पूज्य, मार्गदर्शक के रूप में गुरु मानकर उनका अध्ययन किया जाता है।
उनका ध्यान किया जाता है, उनकी ही अरदास की जाती है..लेकिन क्या आप ये जानते है कि दसवें पातशाह गुरु गोबिंद सिह जी ने केवल सिखों के 11 वें गुरु को लेकर ही नहीं बल्कि कई ऐसी घटनाओं को लेकर भी भविष्यवाणी की थी जो आज सच साबित हो रही है। अपने इस वीडियो में हम बात करेंगे गुरु साहिब की कुछ ऐसी भविष्यवाणियों के बारे में जो आज सही साबित हो रही है.. और कैसे गुरु साहिब की भविषयवाणी दुनिया को गर्त से बचा सकती है।
दरबार में गुरु साहिब के सानिध्य
गुरु साहिब के दरबार में किए गए वचनो पर आधारित 100 साखी को दरबार में गुरु साहिब के सानिध्य में रहने वाले बाबा गुरबख्स ने संकलित किया था, वो गुरु साहिब की बातों को बहुत ध्यान से सुनते और उन्हें सौ साखी नाम ग्रंथ में लिखते रहते। जिसे गुरु साहिब के सचखंड जाने के बाज भाई गुरबख्स सिंह ने संगतो को प्रोत्साहित करने और गुरु साहिब के जाने के दुख से उबारने के लिए सुनाया था। गुरु साहिब के उपदेशो को शब्द बद्ध करने वाले ग्रंथ को ही सौ साखी कहा जाता है। इसमें केवल साखियां ही मौजूद नहीं है बल्कि भविष्य में सिख धर्म का स्तर कैसा होगा.. उसका कैसा विस्तार होगा, उसके बारे में भी चर्चा है। अपने इस वीडियो में हम आपको कुछ ऐसी ही भविष्वाणियों के बारे में बताने जा रहे है जिसके बारे में गुरु साहिब ने पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी।
मुगल सल्तनत के अंत का कारण होगा काबुल का एक कुत्ता
यहां गुरुसाहिब ने दरअसल कुत्ता शब्द अफगानी शासक अहमद शाह अब्दाली को कहा था, जो भारत में मुगल सल्तनत के पतन का कारण बनेगा और ऐसा ही हुआ.. जब नादिरशाह के साथ अब्दाली ने भी भारत में लूटपाट मचाई थी,.लेकिन 1748 में नादिरशाह की मौत के बाद तो हमलो का सिलसिला ऐसा शुरु हुआ कि वो आगे 24 साल तक चलता रहा था। अबदाली ने न केवल पंजाब बल्कि कश्मीर के बड़े हिस्से पर भी कब्जा कर लिया था। हालांकि 18वी की शुरुआत में जहां मुगल पूरी तरह से कमजोर हो गया था तभी महाराजा रणजीत सिंह का खालसा राज आया था। ये भविष्यवाणी भी गुरु साहिब ने ही की थी कि मुगलो के अंत के साथ सिखों का खालसा राज स्थापित हुआ था।
आपको जानकर हैरानी होगी कि गुरु साहिब ने सौ साखी में ये बात पहले ही मेंशन कर दी थी कि अंग्रेज भारत में आयेंगे लेकिन पंजाब पर राज करने के लिए उन्हें कम से कम 100 साल इंतजार करना होगा.. जैसा कि आपको भी पता है कि महाराजा रणजीत सिंह जी के जीवित रहते हुए अंग्रेजी इतने मजबूत होते हुए भी पंजाब का बाल भी बांका नहीं कर पायें थे।
भारत पाकिस्तान का विभाजन
पाकिस्तान शब्द की उत्तपत्ति करने का श्रैय चौधरी रहमत अली को जाता है लेकिन जब आप सौ साखी पढ़ते है तो आपको पता चलेगा कि भारत के विभाजन के बाद पाक नाम का अलग मुल्क बनेगा, जिसकी भविष्यवाणी गुरु साहिब ने की थी। इसके अलावा गुरु साहिब ने साखी में 21 सदी में बहुत बड़ी जंग होने और तीसरे विश्वयुद्ध होने का भी अंदाजा लगाया था। इतना ही नहीं गुरु साहिब के अनुसार भारत जो मित्रता पर भरोसा करता है, वो इस युद्ध में सबसे अंत में उतरेगा, जब कई छोटे बड़े दुश्मन देश भारत को निशाना बनायेंगे, और दुश्मन पाकिस्तान के रास्ते ही भारत में प्रवेश करने की कोशिश करेगी। गुरु साहिब ने फरमाया है कि इस जंग से पंजाब का अस्तित्व काफी खतरें में पड़ जायेगा, मांझा क्षेत्र पूरी तरह से खत्म हो जायेगा तो दोआबा की आधी आबादी खत्म हो जायेगी औऱ मालवा दो हिस्सों में बंटेगा।
गुरु साहिब की हर एक भविष्यवाणी सही
ये युद्ध केवल तबाही लेकर आयेगा… जो मानवता के खिलाफ होगा। लोग बेईमानी करके गरीबो का हक मार लेंगे, गरीब भूख प्यास से तड़प कर मर जायेंगे, उन्होंने दो वक्त का खाना भी नसीब नहीं होगा। शक्ति की आजमाइस में मानवता खत्म होती जायेगी। यानि की गुरु साहिब आज के समय की स्थिति को लेकर पहले ही बता चुके थे, बशर्ते सौ साखी और गुरू साहिब की इन भविष्यवाणियों पर ज्यादा चर्चा नहीं हुई..लेकिन जिन्होंने सौ साखी का अध्ययन किया है वो इसे बखूबी समझ सकते है। गुरु साहिब की हर एक भविष्यवाणी सही और सच साबित हो रही है। ऐसे में हम कह सकते है कि जो गुरु के रास्ते पर चलेगा, मानवता की रक्षा ही जीवन को बचा सकती है.. शांति कायम कर सकती है। क्या आपने सौ साखी का अध्ययन किया है तो हमें गुरु साहिब के भविष्यवाणियों को लेकर जरूर बतायें।






























