Census 2027: भारत में आज से एक नए डिजिटल युग का आगाज हो गया है। जनगणना 2027 की प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल रूप ले चुकी है, जिसका पहला चरण (मकान सूचीकरण) 1 अप्रैल 2026 से शुरू हो गया है। इस ऐतिहासिक पहल की शुरुआत करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने स्वयं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज की। अब देश के आम नागरिक भी घर बैठे ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) के जरिए इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बन सकते हैं। तो चलिए इस लेख के जरिए जानते हैं आप इस प्रक्रिया को कैसे पूरा कर सकते हैं।
इस ऐतिहासिक अभियान (Census 2027) की शुरुआत करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने स्वयं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपना विवरण दर्ज किया। शीर्ष नेतृत्व की इस सक्रिय भागीदारी ने न केवल ‘डिजिटल इंडिया’ के संकल्प को मजबूती दी है, बल्कि देशवासियों को भी इस सुरक्षित और पारदर्शी प्रक्रिया का हिस्सा बनने का संदेश दिया है।
President ने की साझा तस्वीर
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति (President Droupadi Murmu) भवन में ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) के तहत अपनी जानकारी दर्ज की और इस ऐतिहासिक पल की तस्वीर भी सोशल मीडिया पर साझा की। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि देश में पहली बार जनगणना डिजिटल माध्यम से हो रही है, जो आधुनिक भारत की ओर एक बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव है।
President Droupadi Murmu participated in the self-enumeration initiative of the Government of India for Census 2027 at Rashtrapati Bhavan. This Census is being conducted in digital mode for the first time.
The President self-enumerated her household details in the portal… pic.twitter.com/figZns8YBH
— President of India (@rashtrapatibhvn) April 1, 2026
PM मोदी ने दी जानकारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने भी स्वयं डिजिटल फॉर्म भरने के बाद सोशल मीडिया के जरिए देशवासियों को जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना के इस पहले चरण में मकानों की सूची (House Listing) और आवास संबंधी महत्वपूर्ण डेटा जुटाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे इस डिजिटल मुहिम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें, क्योंकि स्व-गणना (Self-Enumeration) न केवल प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगी, बल्कि इसे और भी सरल और सटीक बनाएगी।
Completed my self enumeration.
Today marks the beginning of the first phase of Census 2027, relating to house listing and housing operations. This census is the first time data collection is being done through digital means. It also empowers the people of India to… pic.twitter.com/JiItYAOUAW
— Narendra Modi (@narendramodi) April 1, 2026
Amit Shah ने कहा – “विकास की नींव है”
वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी दिल्ली स्थित अपने आवास पर (Census 2027) स्व-गणना (Self-Enumeration) फॉर्म भरकर इस राष्ट्रीय अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। उन्होंने इस अवसर पर जनगणना के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया देश के सर्वांगीण विकास की नींव है। गृह मंत्री ने जोर दिया कि सटीक डेटा से सरकार को जन-कल्याणकारी योजनाएं बनाने और उन्हें समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में सीधी मदद मिलेगी।
प्रशासन की जनता से अपील
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो लोग डिजिटल माध्यम (Self-Enumeration) का उपयोग नहीं कर पाएंगे, उनके लिए जनगणना की टीमें पारंपरिक तरीके से घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगी। प्रशासन ने सभी नागरिकों से इस राष्ट्रीय अभियान में पूर्ण सहयोग की अपील की है, ताकि सटीक डेटा के माध्यम से देश के बेहतर भविष्य और योजनाओं का निर्माण किया जा सके। सही जानकारी देना न केवल हमारा कर्तव्य है, बल्कि यह देश के विकास में हमारी सीधी भागीदारी भी है।
घर बैठे ‘स्व-गणना’ कैसे पूरी करें?
यदि आप भी अपनी और अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन (Census 2027) दर्ज करना चाहते हैं, तो इन आसान चरणों का पालन करें:
- रजिस्ट्रेशन: आधिकारिक पोर्टल census.gov.in पर जाएं और अपने मोबाइल नंबर के जरिए रजिस्ट्रेशन करें।
- सवालों के जवाब: लॉग इन करने के बाद, पोर्टल पर दिए गए 33 अनिवार्य प्रश्नों (जैसे आवास, परिवार और सुविधाओं से जुड़े) के उत्तर दें।
- SE ID प्राप्त करें: फॉर्म को पूरी तरह भरने और सबमिट करने के बाद, आपको एक 16 अंकों की ‘सेल्फ-एन्युमरेशन आईडी’ (SE ID) मिलेगी।
- डेटा वेरिफिकेशन: जब जनगणना की टीम आपके घर आए, तो उन्हें यह SE ID दिखाएं। इससे आपका डेटा तुरंत वेरीफाई हो जाएगा और आपको दोबारा फॉर्म भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
कुल मिलाकर इस बार की जनगणना पहले से कहीं अधिक आधुनिक, सुरक्षित और सरल होने वाली है। डिजिटल माध्यम (Self-Enumeration) के विकल्प ने न केवल आम नागरिकों की भागीदारी बढ़ाई है, बल्कि देश के सटीक और वास्तविक आंकड़ों के संकलन को भी एक नई दिशा दी है।






























