Gas Pipeline Rules 2026: राजधानी में अब हर घर तक पाइपलाइन गैस पहुंचाने की योजना ने रफ्तार पकड़ ली है। दिल्ली सरकार ने मिशन मोड में काम शुरू करने का फैसला किया है और इसके तहत 4 लाख नए पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन देने का लक्ष्य तय किया गया है। अधिकारियों को इस काम में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
और पढ़ें: Census 2027| 1 अप्रैल से जनगणना 2027 की शुरुआत: इस बार आप खुद भरेंगे जानकारी
14 लाख घरों तक पहले ही पहुंच चुकी है पीएनजी | Gas Pipeline Rules 2026
दिल्ली में पहले से ही करीब 14 लाख घरों में पाइपलाइन गैस की सुविधा उपलब्ध है। वहीं, शहर में कुल मिलाकर लगभग 18 लाख कनेक्शन देने की क्षमता मौजूद है। यानी अभी करीब 4 लाख कनेक्शन और जोड़े जाने बाकी हैं। सरकार अब इस गैप को जल्दी भरना चाहती है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग एलपीजी सिलेंडर पर निर्भर न रहें।
मंत्री ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने 30 मार्च को हुई बैठक में इस योजना की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शेष 4 लाख कनेक्शन जल्द से जल्द दिए जाएं। मंत्री ने साफ कहा कि काम में किसी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
आईजीएल और विभागों के साथ बनाई गई रणनीति
इस योजना को लेकर इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल), शहरी विकास विभाग और अन्य एजेंसियों के साथ बैठक की गई। बैठक में तय हुआ कि पीएनजी नेटवर्क के विस्तार के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया जाएगा। साथ ही, लोगों को पाइपलाइन गैस अपनाने के लिए घर-घर जाकर जागरूक करने का अभियान भी चलाया जाएगा।
पश्चिम एशिया संकट के बीच तेज हुआ फैसला
सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण एलपीजी सप्लाई प्रभावित हो रही है। ‘होर्मुज स्ट्रेट’ के बंद होने की आशंका से रसोई गैस की आपूर्ति पर असर पड़ा है। ऐसे में सरकार अब पीएनजी जैसे स्वच्छ और लगातार मिलने वाले विकल्प पर ज्यादा जोर दे रही है।
देशभर में भी बढ़े पीएनजी कनेक्शन
आंकड़ों के मुताबिक, मार्च महीने में देश में 3.1 लाख से ज्यादा नए पीएनजी कनेक्शन के लिए गैस सप्लाई शुरू की गई। इसके अलावा 2.7 लाख अतिरिक्त कनेक्शन भी जोड़े गए। यह दिखाता है कि सरकार राष्ट्रीय स्तर पर भी स्वच्छ ईंधन नेटवर्क को तेजी से विस्तार दे रही है।
कनेक्शन प्रक्रिया होगी आसान और पारदर्शी
सरकार का फोकस सिर्फ संख्या बढ़ाने पर नहीं है, बल्कि प्रक्रिया को आसान बनाने पर भी है। मंत्री आशीष सूद ने कहा कि पीएनजी कनेक्शन लेने की प्रक्रिया “सरल, पारदर्शी और नागरिक-हितैषी” होनी चाहिए, ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
अब हर महीने 25 हजार कनेक्शन देने का लक्ष्य
फिलहाल हर महीने करीब 10 हजार नए कनेक्शन दिए जा रहे हैं, लेकिन अब इस रफ्तार को बढ़ाकर 25 हजार प्रति माह करने की योजना है। इसके लिए खासकर उन इलाकों में अभियान चलाया जाएगा जहां अभी पीएनजी का इस्तेमाल कम है। अनधिकृत कॉलोनियों और ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
घनी आबादी वाले इलाकों में चुनौतियां बरकरार
हालांकि, इस योजना के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। शहर के घनी आबादी वाले इलाकों में संकरी गलियां और ऊंची इमारतें पाइपलाइन बिछाने में दिक्कत पैदा करती हैं। इन समस्याओं को दूर करने के लिए तकनीकी और लॉजिस्टिक स्तर पर काम जारी है।
घरों से आगे भी बढ़ेगा पीएनजी नेटवर्क
सरकार अब इस सुविधा को सिर्फ घरों तक सीमित नहीं रखना चाहती। रैन बसेरों, मिड-डे मील किचन, अटल कैंटीन और नगर निगम के संस्थानों को भी पीएनजी से जोड़ने की योजना है। इसके अलावा होटल, रेस्तरां और धार्मिक संस्थानों में भी इसका विस्तार किया जाएगा।
क्यों खास है पीएनजी?
पीएनजी की सबसे बड़ी खासियत इसकी निरंतर सप्लाई है। इसमें सिलेंडर भरवाने की झंझट नहीं रहती, जिससे यह ज्यादा सुविधाजनक और सुरक्षित विकल्प बन जाता है। साथ ही, इसे पर्यावरण के लिहाज से भी बेहतर माना जाता है।






























