Nepal Education Reform: नेपाल के 35 वर्षीय नए प्रधानमंत्री बालेन शाह ने सत्ता संभालते ही शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने की घोषणा की है। शनिवार देर रात जारी किए गए ‘100 दिवसीय एक्शन प्लान’ का मकसद नेपाल के स्कूल और विश्वविद्यालयों को राजनीति से मुक्त कर अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार ज्ञान के केंद्र बनाना है।
छात्र राजनीति पर रोक| Nepal Education Reform
प्लान के तहत नेपाल के सभी शैक्षणिक संस्थानों में राजनीतिक दलों से जुड़े छात्र संगठन पूरी तरह प्रतिबंधित होंगे। अगले 60 दिनों के भीतर इन संगठनों को परिसर से सभी ऑफिस और अन्य संरचनाएं हटानी होंगी। सरकार का कहना है कि इससे छात्रों की वास्तविक आवाज को सामने लाया जा सकेगा और शिक्षा का माहौल शांति और सीखने के लिए सुरक्षित बनेगा।
स्टूडेंट काउंसिल का उदय
राजनीतिक गतिविधियों की जगह अब छात्रों की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने के लिए ‘स्टूडेंट काउंसिल’ या ‘वॉइस ऑफ स्टूडेंट’ जैसी गैर-राजनीतिक संस्थाएं बनाई जाएंगी। यह पहल अगले 90 दिनों में लागू की जाएगी।
नागरिकता और परीक्षा सुधार
अब स्नातक तक पढ़ाई के लिए नेपाली नागरिकता अनिवार्य नहीं रहेगी, जिससे किसी छात्र की शिक्षा दस्तावेजी बाधाओं के कारण रोके जाने का खतरा नहीं होगा। साथ ही, विश्वविद्यालयों के परीक्षा परिणाम मंत्रालय द्वारा तय कैलेंडर के अनुसार समय पर प्रकाशित होंगे।
विदेशी नामों पर प्रतिबंध
देश में चल रहे ऑक्सफोर्ड, पेंटागन और सेंट जेवियर्स जैसे विदेशी नामों वाले संस्थानों को इस वर्ष अपने नाम बदलकर नेपाली नाम रखना होगा। सरकार का कहना है कि इससे राष्ट्रीय पहचान मजबूत होगी और शिक्षा का स्थानीयकरण सुनिश्चित होगा।
कक्षा 5 तक परीक्षा खत्म
कक्षा 5 तक बच्चों के लिए पारंपरिक परीक्षाएं समाप्त कर दी गई हैं। उनकी प्रगति अब ‘वैकल्पिक मूल्यांकन प्रणाली’ के जरिए मापी जाएगी, जिससे बचपन की शिक्षा तनावमुक्त और सहज बनी रहे।
बालेन शाह: रैप से प्रधानमंत्री तक
35 वर्षीय बालेन शाह, मधेस क्षेत्र से पहले प्रधानमंत्री बने हैं। वे पहले काठमांडू के मेयर रह चुके हैं और रैप बैटल जीतने के बाद लोकप्रिय हुए। उनके गानों में भ्रष्टाचार, असमानता और युवाओं की नाराजगी झलकती थी। उन्होंने 2022 में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के टिकट पर चुनाव लड़ा और अकेले बहुमत के साथ जीत हासिल की।
मंत्रिमंडल और नीति
सुधन गुरुंग को गृह मंत्री और शिशिर खनाल को विदेश मंत्री बनाया गया है। सरकार का कहना है कि शिक्षा सुधार और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम युवा पीढ़ी के हित में होंगे।
शिक्षा में पारदर्शिता और भविष्य
बालेन शाह का कहना है कि विश्वविद्यालयों में देरी और परीक्षा परिणामों में असमानता राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण होती है। नए नियमों के तहत सभी परिणाम समय पर प्रकाशित होंगे, जिससे छात्रों को विदेश जाने या शिक्षा में बाधा आने का डर नहीं रहेगा।
बालेन शाह की यह पहल नेपाल में शिक्षा और राजनीति के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। उनका प्लान छात्रों के अधिकार, शिक्षा की गुणवत्ता और राष्ट्रीय पहचान को मजबूत करने पर केंद्रित है।



























