Strait Of Hormuz| होर्मुज से राहत की खबर: ईरान का बड़ा ऐलान, भारत समेत इन 5 देशों के जहाजों को मिली छूट

Nandani | Nedrick News Iran Published: 26 Mar 2026, 09:41 AM | Updated: 26 Mar 2026, 09:41 AM

Strait Of Hormuz: दिया है कि दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में शामिल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह बंद नहीं किया गया है। बल्कि उसने भारत समेत पांच देशों के जहाजों को सुरक्षित तरीके से गुजरने की अनुमति दे दी है।

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किन देशों को मिली राहत | Strait Of Hormuz

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के मुताबिक, भारत के अलावा चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान के जहाजों को भी इस अहम जलमार्ग से गुजरने दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इन देशों ने ईरान से सीधे संपर्क कर अपने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही की मांग की थी, जिसके बाद आपसी समन्वय से यह फैसला लिया गया।

‘दुश्मन देशों के लिए बंद, बाकी के लिए खुला’

अराघची ने साफ शब्दों में कहा कि होर्मुज पूरी तरह बंद नहीं है, लेकिन यह उन देशों के लिए जरूर बंद है जिन्हें ईरान अपना दुश्मन मानता है। उन्होंने कहा, “हम युद्ध जैसी स्थिति में हैं, ऐसे में दुश्मन देशों या उनके सहयोगियों को रास्ता देना कोई विकल्प नहीं है।” इस बयान से साफ है कि ईरान एक संतुलन बनाकर चल रहा है जहां वह अपने रणनीतिक हितों को भी सुरक्षित रख रहा है और मित्र देशों को राहत भी दे रहा है।

भारत के जहाज पहले ही गुजर चुके

ईरानी मंत्री ने जानकारी दी कि भारत के दो जहाज कुछ दिन पहले ही सुरक्षित रूप से इस रास्ते से गुजर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बांग्लादेश जैसे कुछ अन्य देशों ने भी ईरान से संपर्क किया है और उन्हें भी सहयोग मिला है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था आगे भी जारी रह सकती है, यहां तक कि युद्ध के बाद भी।

अमेरिका से बातचीत पर साफ इनकार

अराघची ने अमेरिका के साथ किसी भी औपचारिक बातचीत से इनकार किया। उन्होंने कहा कि भले ही वॉशिंगटन अलग-अलग माध्यमों से संदेश भेज रहा हो, लेकिन इसे बातचीत नहीं माना जा सकता।

उनका कहना था कि बैकचैनल के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान कूटनीतिक वार्ता नहीं होता। उन्होंने दो टूक कहा, “अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है।”

अमेरिका पर साधा निशाना

ईरानी विदेश मंत्री ने दावा किया कि इस पूरे संघर्ष में अमेरिका अपने मकसद हासिल करने में नाकाम रहा है। उनके मुताबिक, न तो अमेरिका जल्दी जीत हासिल कर पाया और न ही वह ईरान में सत्ता परिवर्तन करा सका। उन्होंने कहा कि ईरान ने अपनी ताकत दुनिया के सामने रख दी है और यह साबित कर दिया है कि उसकी सुरक्षा को कोई आसानी से चुनौती नहीं दे सकता।

ईरान की शर्तों पर ही होगा समाधान

अराघची ने यह भी साफ किया कि ईरान युद्ध को लंबा खींचने के पक्ष में नहीं है। वह इस संकट का स्थायी समाधान चाहता है, लेकिन अपनी शर्तों पर। इन शर्तों में भविष्य में किसी भी हमले की गारंटी और युद्ध के दौरान हुए नुकसान की भरपाई शामिल है। उन्होंने कहा, “ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अगर समाधान होगा तो वह हमारी शर्तों पर ही होगा।”

रणनीतिक संदेश भी, राहत भी

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण बनाए रखते हुए ईरान ने एक तरफ अपनी ताकत का संकेत दिया है, वहीं भारत जैसे देशों को राहत देकर यह भी दिखाया है कि वह अपने सहयोगियों के हितों को नजरअंदाज नहीं कर रहा।

कुल मिलाकर, यह फैसला ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति पर अनिश्चितता बनी हुई है और ऐसे में भारत के लिए यह खबर निश्चित तौर पर राहत देने वाली है।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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